Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Naveen Polavarapu , Gastroenterologist

फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए? डॉक्टर से जानें

फैटी लिवर की समस्या से बचने या इससे जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए अक्सर लोगों को कुछ अनहेल्दी फूड्स का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है। आइए लेख में जानें इनके बारे में।

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अनहेल्दी लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटीज न करने के कारण बहुत से लोग फैटी लिवर की समस्या से परेशान रहते हैं। फैटी लिवर से राहत के लिए अक्सर बैलेंस डाइट लेने, नियमित एक्सरसाइज करने, भरपूर नींद लेने और वजन कम करने की सलाह दी जाती है। यही नहीं, फैटी लिवर होने पर कुछ फूड्स से परहेज करने या कम खाने की भी सलाह दी जाती है, ताकि बीमारी गंभीर रूप न ले ले।  इस लेख में हम Dr. Naveen Polavarapu, Senior Consultant, Medical Gastroenterologist, Liver Specialist, Lead Advanced Endoscopic Interventions & Training, Clinical Director, Yashoda Hospitals, Hyderabad और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानेंगे कि फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए? दोनों एक्सपर्ट्स के अनुसार फैटी लिवर में बहुत ज्यादा ऑयली फूड्स का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ये फैट को बढ़ाकर आपकी परेशानी बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा शराब का सेवन भी इस समस्या में खतरनाक साबित हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि फैटी लिवर में क्या-क्या नहीं खाना चाहिए।

फैटी लिवर में किन चीजों का परहेज जरूरी है?

Dr. Naveen Polavarapu के अनुसार, "मेरे 15 साल के अनुभव में फैटी लिवर की समस्या से राहत के लिए पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को खाना फायदेमंद होता है, जिससे लिवर में फैट, सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इन लोगों को प्रोसेस्ड फूड्स, शुगरी ड्रिंक्स, अधिक नमक वाले फूड्स, ज्यादा मीठे, डेयरी प्रोडक्ट्स और रेड मीट को खाने से परहेज करना चाहिए। इनके कारण लिवर में फैट का जमाव बढ़ सकता है, जो लिवर के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।"

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, "फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बेहद जरूरी होता है। इसके अलावा, इस स्थिति में व्यक्ति को रेड मीट, तला-भुना, ज्यादा नमक वाले फूड्स, फास्ट फूड्स, ट्रांस फैट और बेकरी ऑइटम्स को खाने से बचना चाहिए।"

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what not to eat in fatty liver in hindi 01 (5)

फैटी लिवर में किन फूड्स से करें परहेज?

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डायजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (2021) के अनुसार, नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज के मरीजों को सिंपल शुगर (simple sugars) से भरपूर, खासकर फ्रुक्टोज(fructose) से युक्त मीठी चाय, जूस, स्पोर्ट्स ड्रिंक, मीठी सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन करने से बचना चाहिए। सुक्रोज नामक टेबल शुगर पाचन के दौरान तेजी से ग्लूकोज और फ्रुक्टोज में परिवर्तित हो जाती है और इसलिए यह फ्रुक्टोजका एक प्रमुख स्रोत है।

तला-भुना और ज्यादा नमक युक्त फूड्स न खाएं

Dr. Naveen के अनुसार, "फैटी लिवर की समस्या से बचने या इससे पीड़ित व्यक्ति को तले हुए, ज्यादा नमक वाले, प्रोसेस्ड, पैकेज्ड और फास्ट फूड (जैसे फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, बेकरी के सामान) जिनमें 'ट्रांस फैट' और 'सैचुरेटेड फैट' बहुत ज्यादा होता है। ऐसे फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इनका अधिक सेवन करने के कारण लिवर में सूजन बढ़ने, लिवर पर प्रेशर पड़ने, लिवर को नुकसान होने और ज्यादा नमक के कारण वजन बढ़ने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में इन फूड्स के बजाय बेक किए हुए या भाप में पकाए हुए फूड्स को डाइट में शामिल करें। इसके अलावा, इन लोगों को शरीर में पानी को जमा होने से रोकने के लिए नमक का सेवन एक दिन में 2 ग्राम से कम करना चाहिए।"

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, फैटी लिवर में व्यक्ति को अधिक तले-भुने और ज्यादा नमक वाले फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए। ज्यादा नमक युक्त फूड्स को खाने से शरीर में वॉटर रिटेंशन की समस्या बढ़ सकती है। 

MDPI के Antioxidants Journal में साल 2023 में प्रकाशित सिस्टेमेटिक रिव्यू के अनुसार, हमारी डाइट में सोडियम की मात्रा का लिवर के स्वास्थ्य, खासकर 'नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज' (NAFLD/MSALD) पर गहरा प्रभाव पड़ता है। मनुष्यों पर की गई स्टडी से पता चलता है कि भोजन में नमक का ज्यादा सेवन सीधे तौर पर फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा देता है। वहीं दूसरी ओर, जानवरों पर हुए प्रयोगों ने एक चौंकाने वाली बात सामने रखी है कि न केवल बहुत ज्यादा नमक, बल्कि बहुत कम नमक खाना भी लिवर के लिए हानिकारक हो सकता है। नमक की ज्यादा कमी से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और लिवर में सूजन बढ़ सकती है। ऐसे में, लिवर को हेल्दी रखने के लिए संतुलित मात्रा में नमक का सेवन करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

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फुल फैट युक्त फूड्स न खाएं

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि, "फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित लोगों को चीज, बटर और क्रीम जैसे ज्यादा फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से बचना चाहिए। इनका अधिक सेवन करने से वजन बढ़ने की समस्या होती है, जो शरीर पर जोर डालता है और लिवर पर प्रेशर पड़ता है। इसके कारण लिवर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया के धीमा पड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।"

रिफाइंड कार्ब्स और शुगरी फूड्स या ड्रिंक्स न लें

Dr. Naveen बताते हैं कि, "फैटी लिवर की समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति को सफेद ब्रेड, पास्ता और चावल जैसे रिफाइंड कार्ब्स और सोडा, टॉफी, फलों के जूस, शुगरी ड्रिंक और ज्यादा फ्रुक्टोज वाली चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। इनके कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस और शरीर में तेजी से फैट के जमा होने की समस्या होती है, जो नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या को बढ़ावा दे सकता है। ऐसे में इनके विकल्प के लिए साबुत अनाज और ताजे फलों को खाएं।"

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, फैटी लिवर की स्थिति में व्हाइट ब्रेड और पास्ता जैसे रिफाइंड कार्ब्स, शुगरी ड्रिंक्स और मीठे फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इसके कारण इंसुलिन स्पाइक तेजी से होता है। 

2015 के Hepatobiliary Surgery And Nutrition के रिव्यू के अनुसार, अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, खासकर फ्रक्टोज से युक्त मीठी ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ते हैं और नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) को बढ़ाने के मुख्य कारणों में से एक है। 

अल्कोहल के सेवन से बचें

Dr. Naveen Polavarapu के अनुसार, "लिवर से जुड़ी समस्या से पीड़ित लोगों को अल्कोहल से पूरी तरह दूर रहना चाहिए, क्योंकि थोड़ी मात्रा में भी इसका सेवन करने से लिवर में चर्बी के जमा होने, लिवर के कार्यों के प्रभावित होने, लिवर फाइब्रोसिस और गंभीर रूप से लिवर के डैमेज होने जैसी लिवर को नुकसान पहुंचाने वाली समस्याओं और अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।"

Mayo Clinic के 2025 के अध्ययन के अनुसार, अधिक अल्कोहल का सेवन करने से फैटी लिवर की समस्या को बढ़ावा दे सकता है। इस बीमारी को मेटाबोलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (Metabolic Dysfunction Associated Steatotic Liver Disease) के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्या टाइप 2 डायबिटीज और लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।

रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट खाने से बचें

Dr. Naveen के अनुसार, "फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को रेड और प्रोसेस्ड मीट (बीफ, पोर्क, बेकन और सॉसेज) जैसे फूड्स को खाने से बचना चाहिए, जिनमें सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है। इसकी जगह लीन पोल्ट्री या प्लांट प्रोटीन को खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।"

2021 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययन के अनुसार, जो लोग बहुत अधिक रेड मीट और ऑर्गन मीट का सेवन करते थे, उनमें फैटी लिवर होने का खतरा अन्य लोगों की तुलना में लगभग 1.6 से 1.7 गुना ज्यादा पाया गया।

फैटी लिवर को कम करने के नेचुरल तरीके 

Dr. Naveen आगे बताते हैं कि, "फैटी लिवर के लक्षणों के न होने पर भी स्वास्थ्य पर नियमित निगरानी रखना जरूरी है, खासकर अगर किसी व्यक्ति का अल्कोहल का सेवन सुरक्षित सीमा से ज्यादा हो या मोटापे की समस्या हो, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह के साथ कराए गए अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट (एलएफटी), वजन कम करें, हेल्दी डाइट लें, नियमित एक्सरसाइज करें और लाइफस्टाइल में बदलाव से लिवर को नुकसान से बचायाजा सकता है, साथ ही, इससे स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।"

डॉक्टर से सलाह कब लें?

Dr. Naveenकहते हैं कि, फैटी लिवर की समस्या में इन फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति को लगातार पीलिया यानी त्वचा और आंखों में पीलापन होने, पेट या पैरों में सूजन आने, पेट में तेज दर्द होने, बिना किसी कारण के थकान होने, आसानी से चोट लगने, भ्रम होने या यूरिन का रंग गहरा होने, तला-भूना मसालेदार खाना खाने, अधिक नमक युक्त फूड्स खाने और रिफाइंड कार्ब्स का सेवन करने से जी मिचलाने और उल्टी आने जैसी समस्याएं होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ये सभी लक्षण हेपेटाइटिस या सिरोसिस की ओर बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं।

निष्कर्ष 

फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित मरीजों को तला-भूना, प्रोसेस्ड फूड्स, फुल फैट प्रोडक्ट्स, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, शुगरी फूड्स या ड्रिंक्स, रेड मीट, अधिक नमक और अल्कोहल का सेवन करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, फैटी लिवर की समस्या से राहत के लिए हेल्दी डाइट लें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें जैसे लाइफस्टाइल को फॉलो करने की कोशिश करें। इसके अलावा, फैटी लिवर के कारण अधिक परेशानी महसूस होने या इसके लक्षण दिखने पर इनको नजरअंदाज न करते हुए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। 

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • फैटी लिवर को ठीक करने के लिए क्या खाना चाहिए?

    फैटी लिवर को हेल्दी रखने के लिए डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों, फल, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन से भरपूर मछली, टोफू, हेल्दी फैट्स से भरपूर ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, एवोकाडो और ऑलिव ऑयल जैसे फूड्स को डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है। इनसे लिवर के कार्यों को बेहतर करने और इससे जुड़ी समस्याओं से बचाव करने में मदद मिलती है।
  • फैटी लिवर ग्रेड 1 में घी खा सकते हैं?

    फैटी लिवर ग्रेड 1 में घी का सेवन सीमित मात्रा में बैलेंस डाइट के साथ किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे फैटी लिवर की स्थिति ग्रेड 1 से गंभीर है, तो घी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • फैटी लिवर के लिए सबसे अच्छा नाश्ता क्या है?

    फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति के लिए नाश्ते में फाइबर से भरपूर दलिया, ओट्स, उपमा, पोहा, बेसन का चीला और पपीता जैसे फूड्स को शामिल करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा, इस दौरान अनहेल्दी फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • फैटी लिवर में क्या परहेज करना चाहिए?

    फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को रिफाइंड कार्ब्स, चीनी, अधिक नमक से युक्त फूड्स, अल्कोहल, प्रोसेस्ड फूड्स, ट्रांस फैट, पैकेज्ड फूड्स और रेड मीट जैसी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। इनका सेवन करने से फैटी लिवर की समस्या को बढ़ावा मिल सकता है। 
  • फैटी लिवर में आलू खा सकते हैं?

    फैटी लिवर की शुरुआती स्टेज में आलू का सेवन सीमित मात्रा में किया जा सकता है। इस दौरान आलू को उबालकर और बिना तेल के भुनकर खाना फायदेमंद होता है, लेकिन ध्यान रहे फैटी लिवर की स्थिति में आलू के चिप्स और फ्रेंच फ्राइज को खाने से बचना चाहिए।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 06, 2026 17:58 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
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