Ways To Prevent Fatty Liver In Hindi: आज के समय में अनहेल्दी खानपान और सेडेंटरीलाइफस्टाइल के कारण ज्यादातर लोग फैटी लिवर की समस्या से परेशान रहते हैं, जिसके कारण लोगों को थकान होने, कमजोरी होने, पेट में दर्द होने, सूजन आने, बिना किसी कारण के वजन कम होने, भूख कम होने और त्वचा में खुजली होने जैसी स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में फैटी लिवर और इसके कारण होने वाली परेशानियों से राहत के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल और अच्छी आदतों को अपनाना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में आइए Dr. Naveen Polavarapu, Senior Consultant, Medical Gastroenterologist, Liver Specialist, Lead Advanced Endoscopic Interventions & Training, Clinical Director, Yashoda Hospitals, Hyderabad से जानें फैटी लिवर से बचने के लिए क्या करें?
फैटी लिवर से बचने के लिए क्या करें?
Dr. Naveen Polavarapu के अनुसार, "फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए खानपान पर ध्यान देना और नियमित एक्सरसाइज करने जैसी आदतों को अपनाना बेहद जरूरी होता है।" Dr. Naveen आगे कहते हैं कि, "मेरे अनुभव के अनुसार, जो मरीज इस तरीके को अपनाते हैं, उनके शरीर का वजन 5-10% तक कम हो जाता है, जिससे ग्रेड 1-2 फैटी लिवर की समस्याएं काफी हद तक ठीक हो जाती हैं। कोई भी बदलाव करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें, खासकर तब जब आपको पहले से कोई मेडिकल समस्या हो।"
संतुलित डाइट लें
फैटी लिवर की समस्या से बचने और लिवर को हेल्दी रखने के लिए अक्सर लोगों को अनहेल्दी फूड्स का सेवन करने से बचने और हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है। इसके लिए पोर्शन कंट्रोल करना यानी खाने की मात्रा को कंट्रोल करना बहुत जरूरी होता है। हेल्दी डाइट के लिए अपनी आधी प्लेट को हरी सब्जियों, एक-चौथाई प्रोटीन और एक-चौथाई साबुत अनाज को शामिल करें। इससे लिवर को हेल्दी रखने, इसके कार्यों को बेहतर बनाए रखने और फैटी लिवर की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।
World Journal Of Gastroenterology (2018) के अध्ययन के अनुसार, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) की समस्या से राहत के लिए मेडिटेरेनियन डाइट लेना फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और हेल्दी फैट्स (ओमेगा-3) से भरपूर फूड्स को खाने से लिवर की सूजन को कम करने और फैट को कम करने में मदद मिलती है।
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पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से दिनभर में कम-से-कम 2-3 लीटर पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी होने यानी डिहाइड्रेशन से बचें। हालांकि, पानी की सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, वजन और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है। इसकी जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या डायटिशियन से सलाह लें। दिनभर में पर्याप्त पानी पीने से शरीर को नेचुरल रूप से साफ करने, टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और लिवर के कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है।
Frontiers in Nutrition (2024) के अध्ययन के अनुसार, "फैटी लिवर (NAFLD/MASLD) की समस्या से पीड़ित मरीजों के लिए नॉर्मल पानी का सेवन करना सेफ होता है। मीठी ड्रिंक्स के बजाय नॉर्मल पानी पीना लिवर की हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है।"
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फिजिकल एक्टिविटीज करें
फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। इसके लिए बैलेंस डाइट के साथ-साथ हफ्ते में 150 मिनट तक एक्सरसाइज करना फायदेमंद होता है, खासकर ब्रिस्क वॉक यानी तेज चलना। इससे वजन कम करने और लिवर का फैटी लिवर की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।
Springer (2023) के अध्ययन के अनुसार, मेटाबोलिक-एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (MAFLD) की समस्या से राहत के लिए हर हफ्ते 150 से 240 मिनट की मॉडरेट-इंटेंसिटी वाली एरोबिक एक्सरसाइज लिवर की चर्बी को 2-4% तक कम कर सकती है, जो वजन कम किए बिना भी संभव है।
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पर्याप्त नींद लें और स्ट्रेस कम करें
ऐसे में फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए 8-9 घंटों की पर्याप्त नींद लें और स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए मेडिटेशन, योग करें और नेचर के साथ समय बिताएं। इससे नींद की गुणवत्ता में भी सुधार होता है। बता दें, अधिक स्ट्रेस में रहने और पर्याप्त नींद न लेने के कारण शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर असंतुलित हो जाता है, जो लिवर पर दबाव पड़ने, सूजन बढ़ने की समस्या और फैटी लिवर का खतरे को बढ़ावा दे सकता है।
अल्कोहल के सेवन से बचें
फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए अल्कोहल के सेवन से बचें। अल्कोहल सीधे तौर पर लिवर को नुकसान पंहुचाती है और इसके कारण फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है।
ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें
फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए शरीर में ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने की कोशिश करें। हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की समस्या से पीड़ित लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ती है, साथ ही, फैटी लिवर का खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है।
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वजन कम करें
अधिक वजन होने या मोटापे की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने और फैटी लिवर का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करें। इसके लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
दवाइयों और सप्लीमेंट्स से बचें
फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए बिना किसी कारण और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयों और सप्लीमेंट्स का सेवन करने से बचें। बिना कारण दवाइयों और सप्लीमेंट्स का सेवन करने से लिवर पर प्रेशर पड़ने, लिवर के कार्यों के प्रभावित होने और फैटी लिवर की समस्या का खतरा बढ़ सकता है।
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नियमित जांच कराएं
फैटी लिवर की समस्या आज के समय में आम बन चुकी है। ऐसे में बहुत से लोगों में इसका खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इससे बचने के लिए नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट जैसी नियमित जांच करानी जरूरी हो जाता है। नियमित जांच कराने से समय रहते लिवर की स्वास्थ्य स्थिति का पता भी लगाया जा सकता है, जिससे किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
Gastroenterology And Hepatology (2019) के अध्ययन के अनुसार, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) से बचाव के लिए समय पर इसकी पहचान और स्क्रीनिंग पर ध्यान देना जरूरी है। स्टडी के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के कारण NAFLD की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिसमें डॉक्टर लिवर एंजाइम, अल्ट्रासाउंड और फाइब्रोसिस स्कोर (जैसे FIB-4) का इस्तेमाल करके इसकी स्थिति का पता लगा सकते हैं।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
अगर किसी भी व्यक्ति को पेट के दाहिनी तरफ के ऊपरी हिस्से में दर्द होने, भारीपन महसूस होने, स्किन में ज्यादा खुजली होने, पैरों या पेट पर सूजन महसूस होने, लगातार थकान और कमजोरी बने रहने जैसे फैटी लिवर के लक्षण (Fatty Liver Symptoms) दिखते हैं, तो व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, ताकि लिवर या स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समय रहते इलाज किया जा सके और किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
निष्कर्ष
फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए व्यक्ति को पोषक तत्वों से युक्त बैलेंस डाइट लेनी चाहिए, साथ ही, नियमित एक्सरसाइज करें, पर्याप्त नींद लें, पर्याप्त पानी पिएं, स्ट्रेस कम करें, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें, वजन कम करें, अनहेल्दी फूड्स को खाने से बचें, अल्कोहल का सेवन न करें, दवाइयों और सप्लीमेंट्स का बिना किसी कारण सेवन न करें और नियमित जांच कराएं। ऐसा करने से फैटी लिवर की समस्या से बचा जा सकता है। साथ ही, इससे स्वास्थ्य को हेल्दी रखने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी स्थिति से समय रहते बचा जा सकता है। ध्यान रहे, लिवर से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
फैटी लिवर में क्या-क्या दिक्कत होती है?
फैटी लिवर की स्थिति में व्यक्ति को अधिक थकान होने, वजन कम होने, मतली होने, कमजोरी होने, पेट में सूजन आने, पेट में दर्द होने, त्वचा में खुजली होने, भूख में कमी आने, पीलिया होने (यानी आंखों और त्वचा के पीला पड़ने) की समस्या हो सकती है। ऐसे में फैटी लिवर के इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।कौन सा फल खाने से लिवर ठीक रहता है?
फैटी लिवर की समस्या से राहत और लिवर के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए डाइट में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स के गुणों से भरपूर आंवला, संतरे, नींबू, अंगूर, सेब, एवोकाडो, ब्लूबेरी और क्रैनबेरी जैसी बेरीज को डाइट में शामिल करें। इनका सेवन करने से लिवर को नेचुरल रूप से साफ करने और लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद मिलती है।फैटी लिवर में नाश्ते में क्या खाएं?
फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति सुबह के समय नाश्ते में ओट्स, मूंग दाल चीला, उबले हुए अंडे, दलिया, वेजिटेबल उपमा, पपीता और सेब जैसे फूड्स को शामिल कर सकते हैं। इनसे लिवर में फैट के जमाव को कम करने, लिवर के स्वास्थ्य में सुधार करने, वजन कम करने और लिवर के कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है।लिवर के पेशेंट को क्या नहीं खाना चाहिए?
फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को अधिक तला-भुना, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट, मैदा, अधिक चीनी, नमक, पैकेज्ड स्नैक्स, हाई फैट डेयरी प्रोडक्ट्स और जंक फूड को खाने से बचना चाहिए। इनका अधिक सेवन करने से लिवर पर अधिक प्रेशर पड़ता है, साथ ही, इसके कारण लिवर में सूजन आने और लिवर में अधिक फैट के जमा होने की समस्या हो सकती है।शराब से खराब हुए लिवर को कैसे ठीक करें?
अल्कोहलिक फैटी लिवर की स्थिति में इसका ठीक होना लिवर की स्थिति पर निर्भर करता है। ऐसे में इस स्थिति से राहत के लिए सबसे पहले अल्कोहल का सेवन करना बंद कर दें, बैलेंस डाइट लें, नियमित एक्सरसाइज करें, वजन कम करें और पर्याप्त नींद लें। इसके अलावा, अल्कोहल पीने के कारण होने वाली लिवर की परेशानियों को नजरअंदाज न करते हुए और इसको स्वस्थ रखने के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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Apr 05, 2026 21:31 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 05, 2026 21:31 IST
Modified By : Priyanka SharmaApr 05, 2026 21:31 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Naveen Polavarapu