Fri Sep 11, 2026 | 08:58 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

हाइपरथायराइडिज्म में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? एक्सपर्ट से जानें

हाइपरथायराइडिज्म की स्थिति को नॉर्मल करने के लिए डाइट में हेल्दी बदलाव करना जरूरी होता है। ऐसे में आप अपनी डाइट में आयोडीन कम मात्रा में शामिल करें और क्रूसिफेरस सब्जियों का सेवन करें।

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हाइपरथायराइडिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसमें गले में मौजूद थायराइड ग्लैंड जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है। इस स्थिति में व्यक्ति के शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत ज्यादा तेज हो जाता है, जिसके कारण वजन तेजी से कम होना, दिल की धड़कनों का तेज होना, घबराहट महसूस होना, पसीना आना, गर्मी सहन न कर पाना और बहुत ज्यादा थकान जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। हाइपरथायराइडिज्म की समस्या में हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जाती है, ताकि इसे कंट्रोल किया जा सके। हालांकि, आपको यह समझना बहुत जरूरी है कि सिर्फ डाइट हाइपरथायराइडिज्म को ठीक नहीं कर सकता है, लेकिन दवाइयों के असर को बढ़ाने और लक्षणों को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाती है। सही खान-पान की आदतें न सिर्फ थायराइड के लक्षणों को कंट्रोल कर सकते हैं, बल्कि आपको स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकते हैं। इसलिए, आइए इस लेख में हम Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से जानते हैं कि हाइपरथायराइडिज्म में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

हाइपरथायराइडिज्म में क्या खाना चाहिए?

डाइटीशियन स्मिता सिंह का कहना है कि, हाइपरथायराइडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत तेज हो जाता है, जिससे वजन कम होने और घबराहट जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में आप अपनी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल कर सकते हैं, जो थायराइड हार्मोन के ज्यादा प्रोडक्शन को रोकने और शरीर को ताकत देने में मदद कर सकती हैं।

1. आयोडीन की कम मात्रा वाले फूड्स

हाइपरथायराइडिज्म में आयोडीन की ज्यादा मात्रा थायराइड हार्मोन को और बढ़ा सकता है। इसलिए कम आयोडीन वाले फूड्स का सेवन फायदेमंद होता है। इसलिए, आप अपनी डाइट में ताजे फल जैसे सेब, केला, पपीता और अमरूद, हरी सब्जियां, जैसे पालक, लौकी, तौरी, बिना आयोडीन वाला नमक, चावल, गेहूं, दालें और फलियां आदि का सेवन कर सकते हैं। कम आयोडीन वाले फूड्स थायराइड ग्लैंड की ओवरएक्टिविटी को कंट्रोल करने में मदद करता है। American Thyroid Association के अनुसार आपको आयोडीन से भरपूर नमक, सी सॉल्ट, आयोडेट्स, आयोडाइड्स, या एल्गिन से भरपूर फूड्स, विटामिन या सप्लीमेंट्स जिनमें आयोडीन की मात्रा होती है, उनका सेवन करने से बचना चाहिए।

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2. क्रूसिफेरस सब्जियां

क्रूसिफेरस से भरपूर सब्जियां थायराइड हार्मोन के प्रोडक्शन को कम करने में मदद करती हैं। इसलिए, गोभी, ब्रोकली, फूलगोभी आदि सब्जियों का सेवन हाइपरथायराइडिज्म के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। ध्यान रहे, इन सब्जियों को अक्सर पकाकर खाना फायदेमंद माना जाता है। इन फूड्स में मौजूद गोइट्रोजेन्स (Goitrogens) थायराइड हार्मोन के प्रोडक्शन को धीमा करते हैं। 2020 में Sudanese Journal Of Paediatrics में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, क्रूसीफेरस सब्जियों में इंडोल ग्लूकोसिनोलेट नाम का तत्व पाया जाता है। यह तत्व शरीर में जाकर थायोसाइनेट नाम के पदार्थ में बदल जाता है, जो थायराइड ग्लैंड को आयोडीन सोखने से रोकता है। हाइपरथायराइडिज्म की स्थिति में थायराइड हार्मोन ओवरएक्टिव होता है, जिस कारण यह सब्जियां थायरॉइड हार्मोन का बनना धीमा करने में मदद करती हैं।

3. विटामिन और मिनरल्स

डाइटीशियन स्मिता सिंह ने बताया कि, हाइपरथायराइडिज्म की समस्या में शरीर को संतुलित रखने के लिए आपके लिए कुछ खास विटामिन और मिनरल्स लेना बहुत जरूरी होते हैं। 2024 में Frontiers in Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, हमारे शरीर को सही तरह से काम करने के लिए कुछ खास धातुओं का सही मात्रा में होना बहुत जरूरी है, जिसमें कॉपर, आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व शामिल हैं। अगर शरीर में यह पोषक तत्व ज्यादा या कम होते हैंं तो इससे थायराइड का जोखिम बढ़ जाता है, जिसमें हाइपरथायराइडिज्म भी शामिल है। इसलिए आप अपनी डाइट में-

  • कैल्शियम से भरपूर दूध, दही, पनीर आदि शामिल कर सकते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
  • विटामिन D की कमी पूरी करने के लिए हल्की धूप में बैठे। इसके साथ ही विटामिन डी से भरपूर अंडा और मशरूम का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि विटामिन डी का सेवन कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है।
  • मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स नट्स, सीड्स, साबुत अनाज आदि का सेवन कर सकते हैं, जो आपकी मांसपेशियों और नसों को बेहतर रखने में मदद करते हैं।
  • इसके अलावा आप अपनी डाइट में आयरन से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर और गुड़ को शामिल कर सकते हैं, ताकि शरीर की कमजोरी और थकान की समस्या को कम किया जा सके।
  • एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड्स जैसे बेरीज, टमाटर और गाजर को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इन फूड्स का सेवन करने से शरीर की सूजन को कम करने में मदद मिलती है।

हाइपरथायराइडिज्म में क्या नहीं खाना चाहिए?

डाइटीशियन स्मिता सिंह के अनुसार, कुछ फूड्स का सेवन हाइपरथायराइडिज्म की स्थिति को और ज्यादा खराब कर सकते हैं, इसलिए इनका सेवन कम करने या पूरी तरह बंद करना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

1. ज्यादा आयोडीन का सेवन

उन फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए, जिसमें आयोडीन की मात्रा ज्यादा हो। हाई आयोडीन फूड्स का सेवन करने से थायराइड ग्लैंड को और ज्यादा हार्मोन बनाने के लिए बढ़ावा दे सकता है, जिससे स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है और दिल की धड़कन तेज होना या वजन कम होने जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए, आप अपनी डाइट में सी फिश, आयोडीन से भरपूर नमक आदि चीजों को शामिल करने से बचें।

2. कैफीन से भरपूर ड्रिंक्स

हाइपरथायराइडिज्म की समस्या में मरीज को ज्यादा मात्रा में चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक्स के सेवन से बचना चाहिए। कैफीन से भरपूर ड्रिंक्स पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और दिल की धड़कन तेज होती है, जिससे घबराहट, दिल की धड़कन का तेज होना, एंग्जाइटी और अनिद्रा जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं क्योंकि हाइपरथायराइडिज्म में पहले ही व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म तेज होता है।

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3. प्रोसेस्ड फूड्स

हाइपरथायराइडिज्म के मरीजों को प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन से भी बचना चाहिए, क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। इसके साथ ही ट्रांस फैट और शुगर भी ज्यादा मात्रा में होती है, जो थायराइड के लक्षणों को बदतर बना सकते हैं। इसलिए आप अपनी डाइट में पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड्स आदि का सेवन करना बंद कर दें।

4. चीनी से भरपूर फूड्स

हाइपरथायराइडिज्म में चीनी से भरपूर फूड्स का सेवन हमेशा कम मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इन्हें खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाकर शरीर में हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है, जो सूजन बढ़ाने के साथ वजन से जुड़ी समस्या को भी बढ़ा सकता है। इसलिए, आपको अपनी डाइट में मिठाइयां और कोल्ड ड्रिंक्स लेने से बचना चाहिए।

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5. शराब और स्मोकिंग

हाइपरथायराइडिज्म में शराब और स्मोकिंग जैसी चीजों से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये दोनों ही चीजें थायराइड हार्मोन के लेवल को कंट्रोल करते हैं और दवाओं के असर को भी कम करते हैं। स्मोकिंग करने से Graves' ophthalmopathy का जोखिम बढ़ता है, जो कि हाइपरथायराइड के कारण होने वाली आंखों से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। जबकि शराब का सेवन थायराइड ग्रंथि को सीधे नुकसान पहुंचाकर हार्मोन संतुलन को बिगाड़ता है।

हाइपरथायराइडिज्म में क्या खाएं और क्या न खाएं? 

डाइटीशियन स्मिता सिंह के मुताबिक सही खानपान की आदतों को अपनाकर आप न सिर्फ थायराइड लेवल को संतुलित करते हैं, बल्कि कमजोरी और घबराहट जैसे लक्षणों में भी सुधार कर सकते हैं।

क्या खाएं

क्या न खाएं

कारण 

बिना आयोडीन वाला नमक

आयोडीन वाला नमक

ज्यादा आयोडीन लेने से थायराइड हार्मोन बढ़ता है। 

हर्बल टी या नारियल पानी

कॉफी और चाय

इनका सेवन एंग्जाइटी को बढ़ाता है।

ओट्स और दलिया

मैदा से बनी चीजें

साबुत अनाज से शरीर की एनर्जी बनी रहती है।

दालें और मशरूम 

सोया और सी-फूड

थायराइड को नुकसान पहुंचाए बिना शरीर को प्रोटीन देता है।

स्टीम सब्जियां

कच्ची सब्जियां

सब्जियों को पकाने से गोइट्रोजेन्स संतुलित रहता है।

हाइपरथायराइडिज्म में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

डाइटीशियन स्मिता सिंह की मानें तो हाइपरथायरॉइडिज्म में सिर्फ डाइट पर निर्भर रहना काफी नहीं होता है, बल्कि कुछ खास सावधानियां बरतनी भी बहुत जरूरी है, जैसे-

  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन करें।
  • डॉक्टर से बिना पूछे आयोडीन सप्लीमेंट लेने से बचें।
  • तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन का अभ्यास करें।
  • रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
  • नियमित रूप से थायराइड की जांच करवाएं।

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डॉक्टर से कब मिलें?

हाइपरथायराइडिज्म को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल बहुत जरूरी होता है। इसलिए, नियमित रूप से ब्लड टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है और अगर टेस्ट में हाइपरथायराइडिज्म का स्तर नॉर्मल न हो तो बिना देरी किए डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। इसके अलावा, अगर दिल की धड़कन बहुत तेज होने लगे, अचानक वजन कम होने लगे, ज्यादा पसीना आए, हाथ कांपने लगे, नींद न आए और आंखों में सूजन की समस्या नजर आए तो बिना देर किए डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

निष्कर्ष

हाइपरथायराइडिज्म एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन इसे कंट्रोल किया जा सकता है। अगर आप सही डाइट, समय पर अपनी दवा लेते हैं और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं तो इस स्थिति को कंट्रोल में रखा जा सकता है। कम आयोडीन वाले फूड्स, क्रूसिफेरस सब्जियां, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर फूड्स का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसके अलावा, ज्यादा आयोडीन, ज्यादा चीनी, प्रोसेस्ड फूड्स, शराब और स्मोकिंग जैसी चीजों से दूर रहें।

Image Credit: Freepik

FAQ

  • हाइपरथायराइडिज्म में कौन सा नमक खाना चाहिए?

    हाइपरथायराइडिज्म की समस्या में शरीर में आयोडीन के ज्यादा होने के कारण थायराइड हार्मोन का प्रोडक्शन बढ़ सकता है, इसलिए कम आयोडीन वाला या साधारण नमक का इस्तेमाल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। सेंधा नमक के कुछ विकल्प सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं।
  • हाइपरथायराइडिज्म में कौन से फल खाने चाहिए?

    हाइपरथायराइडिज्म होने पर आपको अपनी डाइट में ऐसे फलों को शामिल करना चाहिए, जो एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी और फाइबर से भरपूर होते हैं, जिसमें संतरा, अमरूद, पपीता, जामुन और सेब जैसे फल शामिल हैं।
  • कौन सी सब्जियां हाइपरथायराइडिज्म के लिए सबसे अच्छी हैं?

    हाइपरथायराइडिज्म यानी ओवरएक्टिव थायराइड में क्रूसिफेरस सब्जियां सबसे अच्छी मानी जाती हैं, क्योंकि ये थायराइड हार्मोन के प्रोडक्शन को कम करने में मदद करती हैं। ब्रोकली, पत्तागोभी, फूलगोभी आदि सब्जियों का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • क्या हाइपरथायराइडिज्म में दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स ले सकते हैं?

    हाइपरथायराइडिज्म में दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे पनीर और बटर का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स में आयोडीन की मात्रा ज्यादा होती है, जो ओवरएक्टिव थायराइड हार्मोन के प्रोडक्शन को बढ़ाकर आपकी स्थिति को खराब कर सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Apr 19, 2026 13:45 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Apr 19, 2026 13:45 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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