Sat Sep 26, 2026 | 11:22 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhinav Gupta , Consultant Neurologist & Director - Neurology Bhav Neuro Centre, Ghaziabad

सिर और माथे के आसपास दर्द साइनस है या माइग्रेन, डॉक्टर से जानें कैसे पहचानें अंतर

माइग्रेन और साइनस के सिरदर्द में दोनों सिर के साथ-साथ चेहरा भी प्रभावित होता है। ऐसे में इनके बीच फर्क करना काफी मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी जानना चाहते हैं, इनके बीच मुख्य अंतर को, तो इस लेख को जरूर पढ़ें।
सिर और माथे के आसपास दर्द साइनस है या माइग्रेन, डॉक्टर से जानें कैसे पहचानें अंतरसिर और माथे के आसपास दर्द साइनस है या माइग्रेन, डॉक्टर से जानें कैसे पहचानें अंतर

सिर और माथे के आसपास हो रहे दर्द को हम अक्सर माइग्रेन से जोड़कर देखते हैं। क्या आप जानते हैं कि कभी-कभी यह साइनस का संकेत भी हो सकता है? असल में, साइनस और माइग्रेन का दर्द काफी हद तक एक जैसा लगता है। इसलिए, इनके बीच फर्क करना काफी मुश्किल होता है। हालांकि, साइनस के कारण नाक की नली में सूजन आ जाती है, जबकि माइग्रेन के दर्द में ऐसा महसूस होता है, जैसे कोई सिर पर हथौड़ा मार रहा है। इस लेख में साइनस और माइग्रेन के दर्द के बीच फर्क और बेहतर तरीके से समझेंगे। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने ग्रेटर नोएडा स्थित सर्वोदय अस्पताल में Director-Neurology डॉ. अभिनव गुप्ता से बात की।

साइनस सिरदर्द के लक्षण

sinus headache vs migraine know the difference 1 (13)sinus headache vs migraine know the difference 1 (13)

Cleveland Clinic की मानें, तो साइनस इंफेक्शन के संकेत के तौर पर साइनस का दर्द शुरू होता है। आमतौर पर जब साइनस का दर्द शुरू होता है, तो आंखों के पीछे, गाल की हड्डियों (चीकबोन), माथे या नाक के ऊपरी हिस्से में एक धीमा और मीठा-मीठा दर्द महसूस हो सकता है। इसके अन्य लक्षण इस प्रकार हैं-

  • नाक का बहना
  • बलगम का रंग बदलना
  • चेहरे पर दबाव महसूस होना
  • सूंघने की क्षमता कम होना
  • चेहरे पर सूजन आना
  • बुखार आना

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साइनस का सिरदर्द बनाम माइग्रेन पेन के लक्षण

लक्षण साइनस का सिरदर्द माइग्रेन
दर्द का अहसास खिंचाव, भारीपन और दबाव नसों की फड़फड़ाहट महसू होना
दर्द की जगह गाल, नाक की हड्डी और आंखों के आसपास (दोनों तरफ) कनपटी के पास, माथे के ऊपर या सिर के पीछे
नाक बहना गाढ़ा, पीला या हरे रंग का बलगम पानी की तरह साफ और पतला
हिलने-डुलने से दर्द बढ़ना हल्का असर पड़ता है बहुत ज्यादा बढ़ जाता है

माइग्रेन क्या है और इसके लक्षण

sinus headache vs migraine know the difference 2 (3)sinus headache vs migraine know the difference 2 (3)

माइग्रेन सामान्य सिरदर्द से बिल्कुल अलग है। यह नर्वस सिस्टम से जुड़ी एक पुरानी और गंभीर बीमारी है। American Migraine Foundation की मानें, तो सिर्फ अमरीका में 40 मिलियन अमरीकी माइग्रेन से पीड़ित हैं। हालांकि, ज्यादातर लोगों को समय पर इसका इलाज नहीं मिलता है। इसलिए, इसका सटीक आंकड़ा नहीं मिल सकता है। बहरहाल, माइग्रेन के कई लक्षण होते हैं और इसके इलाज भी अलग होते हैं। इसके मुख्य लक्षणों की बात करें-

  1. मध्यम से बहुत तेज सिरदर्द होना।
  2. सिर की नसें फड़फड़ाना और रह-रहकर दर्द का तीव्र होना।
  3. शारीरिक गतिविधि से दर्द का और ज्यादा बढ़ जाना।
  4. उल्टी जैसा लगना या उल्टी होना।
  5. तेज रोशनी, आवाज या गंध से परेशानी महसूस होना।
  6. नाक बंद होना या नाक से पानी बहना।

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माइग्रेन और साइनस के दर्द के बीच अंतर

  • आमतौर पर साइनस की तुलना में लोगों को माइग्रेन की समस्या अधिक होती है। ज्यादातर लोग माइग्रेन को साइनस का दर्द समझ बैठते हैं, क्योंकि दोनों ही स्थितियों में दर्द चेहरे पर होता है और कुछ मामलों में नाक भी बहती है। वैसे साइनस इंफेक्शन में एलर्जी ट्रिगर होने के कारण नाक बहने लगती है।
  • बहरहाल, मुख्य अंतर की बात करें, तो माइग्रेन में नाक से बहने वाला पानी पतला और बिल्कुल साफ होता है, लेकिन साइनस में नाक से बहने वाला पानी गाढ़ा और पीले तथा हरे रंग का होता है।
  • इसके अलावा, माइग्रेन और साइनस में दर्द की जगह भी अलग-अलग होती है। साइनस का दर्द मुख्य रूप से चेहरे पर महसूस होता है, जबकि माइग्रेन का दर्द सिर के कई हिस्सों में हो सकता है। 
  • माइग्रेन में दर्द कान के पास, माथे के ऊपरी हिस्से या सिर के पीछे हो सकता है। यह अक्सर सिर के सिर्फ एक तरफ होता है, जबकि साइनस का दर्द पूरे चेहरे को प्रभावित करता है।
  • माइग्रेन में होने वाला सिरदर्द धुक-धुक या टीस मारने जैसा होता है। वहीं, साइनस में सिरदर्द होने पर भारीपन और दबाव महसूस होता है।

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इलाज में अंतर

डॉ. अभिनव गुप्ता बताते हैं, "माइग्रेन और साइनस के इलाज में भी अंतर होता है। साइन इंफेक्शन ठीक होते ही इसका सिरदर्द भी अपने आप गायब हो जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य सिरदर्द की दवा और एंटीबायोटिक्स की मदद से भी साइनस हेडेक को कम किया जा सकता है, क्योंकि इससे साइनस में आई सूजन कम हो जाती है।"

डॉ. अभिनव गुप्ता आगे कहते हैं, "हालांकि, ऐसा माग्रेन के साथ नहीं है। माइग्रेन का दर्द थोड़ा जटिल होता है और इसमें बिना डॉक्टर के सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए। डॉक्टर मरीज की स्थिति देखते हुए उसे दवा देते हैं। हर दवा जरूरत अनुसार काम करती है। जैसे कुछ दवाएं इसके शारीरिक कारणों पर काम करके अटैक को आने से ही रोकती हैं।"

डॉक्टर को कब दिखाएं?

डॉ. अभिनव गुप्ता सलाह देते हैं, "सबसे पहले साइनस की बात करें, तो अगर आपको महसूस हो कि चेहरा छूने भर से ही दर्द बढ़ रहा है, इंफेक्शन के अन्य लक्षण भी कंट्रोल में नहीं है, जैसे तेज बुखार आ गया है या सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो बेहतर है कि आप तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।"

अगर किसी को माइग्रेन है, तो उन्हें अपने लक्षणों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर किसी को महीने में 4 या इससे ज्यादा बार माइग्रेन पेन होता है और दवा लेने के बाद भी आराम नहीं आता है, तो एक्सपर्ट से मिलने में देरी नहीं करनी चाहिए।

निष्कर्ष

माइग्रेन और साइनस पेन दोनों ही अलग-अलग समस्याएं हैं। इन दोनों के दर्द में भी फर्क है। जहां एक ओर साइनस पेन में पूरे चेहरे पर दर्द होता है, वहीं माइग्रेन सिर के कुछ हिस्सों को तीव्रता से प्रभावित करता है। कई बार माइग्रेन पेन सहना भी मुश्किल हो जाता है। इसलिए, इसके लक्षणों की कभी भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। अगर इसके लक्षण दिनों-दिन बिगड़ते जाएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करवाएं।

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FAQ

  • साइनस हेडेक से बचने के लिए स्टीम फायदेमंद होता है?

    हां, साइनस हेडेक से बचने के लिए स्टीम कारगर है। हालांकि, पानी में अजवाइन या थोड़ा सा पुदीना डालकर भाप लेने से बंद नाक जल्दी खुलती है।
  • क्या खान-पान की चीजें भी माइग्रेन पेन को ट्रिगर कर सकती हैं?

    कैफीन (चाय/कॉफी), प्रोसेस्ड मीट, आर्टिफिशियल स्वीटनर, शराब और बहुत ज्यादा खट्टे या बासी भोजन खाने से माइग्रेन पेन ट्रिगर हो सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 10, 2026 14:22 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Abhinav Gupta

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