आपने कई बार महसूस किया होगा कि मानसून के दिनों में जोड़ों में का दर्द बढ़ जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि इन दिनों हड्डियों से जुड़े दर्द की समस्या बढ़ जाती है। विशेषकर, जोड़ों में दर्द की। ऐसे में मन में यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? असल में बारिश के दिनों में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे हड्डियों में स्टिफनेस बढ़ जाती है। इसी वजह से जोड़ों का दर्द भी बढ़ने लगता है। आइए, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल और हिलिंग टच क्लीनिक के ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट डॉ. अभिषेक वैश से जानते हैं इसके सभी कारणों को विस्तार से।
बारिश में जोड़ों का दर्द बढ़ने के कारण
what causes joint pain in monsoon 01 (25)
1. तापमान में बदलाव
बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ जाती है और तापमान का स्तर भी कम हो जाता है। डॉ. अभिषेक वैश की मानें, तो ठंड के संपर्क में आते ही शरीर की मांसपेशियां और लिगामेंट्स खुद को सुरक्षित रखने के लिए सिकुड़ने लगते हैं। मांसपेशियों के सिकुड़ने से जोड़ों में ब्लड फ्लो प्रभावित होने लगता है यानी धीमा हो जाता है। नतीजतन, मांसपेशियों और जोड़ों का लचीलापन कम हो जाता है और अकड़न बढ़ जाती है, जिससे जोड़ों का दर्द ट्रिगर होने लगता है।
स्टडी: साल 2023 में Annals of Medicine में प्रकाशित सिस्टमैटिक रिव्यू के अनुसार, हवा के दबाव में बदलाव के कारण जोड़ों का दर्द तीव्र हो जाता है और इसमें बढ़ोतरी भी होती है। खासकर ऐसा ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों में अधिक देखने को मिलता है।
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2. जॉइंट्स में फ्लूइड का गाढ़ा होना
डॉ. अभिषेक वैश के अनुसार, "हमारे जोड़ों के बीच एक खास किस्म का तरल पदार्थ होता है, जिसे सिनोवियल फ्लूइड कहा जाता है। ये तरल पदार्थ जोड़ों में हड्डियों को आपस में टकराने से बचाता है ताकि चलने-फिरने में दिक्कतें न आएं। यह एक तरह ग्रीस या तेल की तरह काम करता है। बहरहाल, बारिश के दिनों में ठंड और नमी बढ़ने की वजह से यह तरल पदार्थ गाढ़ा और चिपचिपा होने लगता है। निश्चित रूप से जब जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थ सही तरह से काम नहीं करता है, तो ऐसे में व्यक्ति को दर्द और अकड़न महसूस होने लगती है।"
3. निष्क्रिय जीवनशैली
गर्मियों के दिनों में वर्कआउट करना आसान होता है, लेकिन बारिश के दिनों में अक्सर लोग पार्क या जिम जाने से बचते हैं। नतीजतन, शारीरिक रूप से सक्रिय लोगों में भी निष्क्रियता बढ़ जाती है। जब आप फिजिकली एक्टिव नहीं होते हैं, तो जोड़ों में मौजूद लुब्रिकेशन ज्वाइंट्स में असमान रूप से फैलता है। साथ ही, मांसपेशियां भी अकड़ने लगती हैं और उनका लचीलापन कम हो जाता है। यही कारण है कि बारिश के दिनों में अचानक उठने-बैठने से घुटनों में दर्द का एहसास होने लगता है।
4. सेंसिटिविटी का बढ़ना
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बारिश के दिनों में पुरानी बीमारियां अधिक परेशान करती हैं, क्योंकि हमारे शरीर की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। दरअसल, चोट ठीक होने के बाद भी वहां के टिश्यूज सामान्य और हेल्दी टिश्यूज की तुलना में अधिक सेंसिटिव होते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि जब हवा का दबाव या तापमान बदलता है, तो ये क्षतिग्रस्त टिश्यूज मौसम के बदलाव के प्रति जल्दी प्रतिक्रिया करते हैं, जिससे सालों पुरानी चोट में फिर से दर्द उभर आता है।
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5. खान-पान में बदलाव
डॉ. अभिषेक वैश बताते हैं, "बारिश के दिनों में हमारी डाइट में भी काफी ज्यादा बदलाव होने लगता है। कुछ लोग इन दिनों पानी कम पीते हैं और तला-भुना तथा मसालेदार ज्यादा खाते हैं। जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, तो इसकी वजह से जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज सूखने लगता है, जिससे घर्षण बढ़ता है। इसके अलावा, गलत खान-पान के कारण शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है। यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा होकर अर्थराइटिस या जोड़ों में दर्द का कारण बनते हैं।"
बारिश में जोड़ों के दर्द से राहत पाने के टिप्स
अगर बारिश के दिनों में जोड़ों का दर्द बढ़ता जा रहा है, तो बेहतर होगा कि आप सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क कर अपनी जांच करवाएं। हालांकि, घर में भी आप कुछ उपायों की मदद से जोड़ों के दर्द को काफी कम कर सकते हैं,जैसे-
- गर्म सिकाई करेंः बारिश के दिनों में जैसे ही जोड़ों का दर्द बढ़ने लगे, तो आप उस पर गर्म सिकाई करें। इससे मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और दर्द में कमी आती है।
- गर्म पानी से नहाएंः बारिश के दिनों में दर्द को कम करने के लिए आप गुनगुने पानी से शावर ले सकते हैं। इससे मांसपेशियां खुलती हैं और दर्द के स्तर में कमी आती है।
- एक्सरसाइज करेंः मौसम कोई भी हो, एक्सरसाइज जरूरी करनी चाहिए। इससे हड्डियों का लचीलापन बढ़ता है और दर्द में कमी आती है। विशेषज्ञ रोजाना 30 मिनट तक वाॅक करने की सलाह देते हैं।
- हाइड्रेट रहेंः बारिश में अक्सर लोग कम पानी पीते हैं। आप यह गलती न करें। दिन भर में 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं और तरल पदार्थ का सेवन भी करें। इससे हड्डियों में मौजूद फ्लूइड सही तरह से काम करता है।
- डाइट में बदलावः बारिश में जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए हेल्दी डाइट लेना भी जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड जरूर शामिल करें। इसके लिए मछली, अखरोट जैसे विकल्प चुन सकते हैं।
निष्कर्ष
अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जिन्हें बारिश के दिनों में जोड़ों की तकलीफ शुरू हो जाती है, तो जरूरी है कि आप सबसे पहले इसके कारण को समझें। कई बार कारण सामान्य होता है, लेकिन जीवनशैली से जुड़ी लापरवाही उसे बदतर बना देती है। ऊपर बताई गई सलाह पर आप अमल कर सकते हैं। यकीनन आपकी समस्या में कुछ हद तक कमी आ सकती है। हां, इसके बाद भी समस्या बढ़ती जाए, सूजन आदि आए, तो अनदेखी न करें। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
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FAQ
क्या जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए हल्दी वाला दूध पी सकते हैं?
हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) नाम का तत्व होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं। बारिश के मौसम में रोजाना इसका सेवन करने से जोड़ों की सूजन कम होती है और और दर्द में भी कमी आती है।जोड़ों में दर्द होने पर ठंडी सिकाई फायदेमंद है या गर्म सिकाई?
अगर जोड़ों में अचानक पुरानी चोट या जकड़न बढ़ने के कारण दर्द बढ़ गया है, तो गर्म सिकाई करें। इससे मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं। हां, अगर जोड़ों में रेडनेस, सूजन या ताजा चोट लगी है, तो ठंडी सिकाई ज्यादा कारगर होती है।
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Aug 10, 2026 12:54 IST
Modified By : Meera Tagore Aug 10, 2026 12:54 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Abhishek Vaish
