Sun Sep 20, 2026 | 01:48 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

साइनस और जुकाम को एक ही समझ रहे हैं? डॉक्टर से जान लें दोनों में अंतर

जब नाक बंद होती है और सिर का दर्द बढ़ जाता है, तो अक्सर यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि यह साधारण सर्दी-जुकाम है या साइनस की समस्या। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
साइनस और जुकाम को एक ही समझ रहे हैं? डॉक्टर से जान लें दोनों में अंतरसाइनस और जुकाम को एक ही समझ रहे हैं? डॉक्टर से जान लें दोनों में अंतर

मौसम में बदलाव के साथ सर्दी-जुकाम होना बहुत ही आम हो गया है। हालांकि, अक्सर लोग समझ नहीं पाते हैं नाक बंद होना और सिरदर्द आम सर्दी-जुकाम के कारण है या इसके पीछे साइनल की समस्या है। दोनों ही समस्याओं के लक्षण मिलते-जुलते हैं, लेकिन इनके होने के कारण और ठीक होने का समय बिल्कुल अलग होता है। इसलिए, आइए इस लेख में Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi से जानते हैं कि नॉर्मल जुकाम और साइनस की समस्या में क्या अंतर है और इनमें फर्क कैसे समझें?

सर्दी-जुकाम और साइनस संक्रमण में अंतर

Dr. Rajesh Bhardwaj का कहना है कि सामान्य जुकाम में छींक, गले में खराश और नाक बहना जैसे लक्षण अधिक आम होते हैं। दूसरी ओर, साइनस की समस्या में चेहरे पर दबाव या दर्द, नाक बंद होना और सूंघने की क्षमता कम होना अधिक प्रमुख हो सकता है।

पैमाना   सर्दी-जुकाम साइनस इंफेक्शन
कारण  अलग-अलग वायरल इंफेक्शन वायरल जुकाम का बढ़ना, एलर्जी, या कभी-कभी बैक्टीरियल इंफेक्शन
कितने समय तक रहता है?  आमतौर पर 3 से 7 दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है। 10 दिन या उससे ज्यादा समय तक या लंबे समय तक बना रह सकता है।
चेहरे पर दबाव  बहुत कम या न के बराबर माथे, आंखों के पीछे और गालों के आसपास तेज दबाव और भारीपन।
दर्द  हल्का सिरदर्द या बदन दर्द  माथा, आंखें और कभी-कभी ऊपरी दांतों में तेज दर्द
बलगम का प्रकार  शुरुआत में पतला और पानी जैसा, बाद में थोड़ा गाढ़ा गाढ़ा, पीला या हरा डिस्चार्ज
लक्षण  छींक आना, गले में खराश, नाक बहना सूंघने की क्षमता कम होना, पोस्ट-नेजल ड्रिप

ध्यान रहे सिर्फ लक्षण देखकर हमेशा यह तय करना आसान नहीं होता कि समस्या जुकाम है या साइनस इंफेक्शन। कई बार वायरल जुकाम के बाद साइनस में सूजन कुछ समय तक बनी रह सकती है।

क्या कहती है स्टडी?

The Journal of Allergy and Clinical Immunology में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, साइनस इंफेक्शन को नॉर्मल जुकाम का ही एक कॉम्प्लिकेशन माना जाता है। जुकाम के शुरुआती दिनों में वायरल साइनसिस होना एक आम बात है, जो अपने आप ठीक होने वाली स्थिति है। सामान्य जुकाम के लक्षण आमतौर पर 7 से 10 दिनों के अंदर धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। अगर लक्षण 7 से 10 दिनों से ज्यादा समय तक बने रहते हैं या बिगड़ने लगते हैं, तो बैक्टीरियल साइनसिस की संभावना हो सकती है। जुकाम के बाद केवल 0.5% से 2.5% मरीजों में ही बैक्टीरियल साइनस इंफेक्शन विकसित होता है।

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सामान्य जुकाम क्या है?

Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि सामान्य जुकाम एक आम बीमारी है, जो ज्यादातर वायरस के कारण होती है। यह आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। जुकाम में आमतौर पर नाक बहना या बंद होना, छींक आना, गले में खराश, हल्का सिरदर्द और कभी-कभी हल्का बुखार हो सकता है। कुछ लोगों को खांसी और शरीर में हल्की थकान भी महसूस हो सकती है।

ज्यादातर मामलों में नॉर्मल जुकाम अपने आप कुछ दिनों में ठीक होने लगता है। आराम करने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और जरूरत के अनुसार लक्षण का इलाज करने से व्यक्ति को राहत मिल सकती है।

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साइनस इंफेक्शन क्या होता है?

Dr. Rajesh Bhardwaj ने बताया कि हमारे चेहरे की हड्डियों के आस-पास कुछ खाली जगहें होती हैं, जिन्हें साइनस कहा जाता है। इनमें सूजन या इंफेक्शन होने पर साइनस की समस्या हो सकती है। साइनस की समस्या में भी नाक बंद होना और नाक बहना काफी आम है। हालांकि, इसके साथ चेहरे के आस-पास प्रेशर या भारीपन, माथे में दर्द, आंखों के पीछे दबाव और सिरदर्द जैसे लक्षण ज्यादा महसूस हो सकते हैं।

क्या पीला या हरा बलगम बैक्टीरियल इंफेक्शन का संकेत है?

Dr. Rajesh Bhardwaj का कहना है कि पीला या हरा बलगम बैक्टीरियल इंफेक्शन बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है। ऐसा जरूरी नहीं है, सिर्फ नाक से निकलने वाले डिस्चार्ज का रंग देखकर यह तय नहीं किया जा सकता है कि इंफेक्शन बैक्टीरिया के कारण है। वायरल इंफेक्शन के दौरान भी नाक का डिस्चार्ज गाढ़ा और पीला या हरा हो सकता है। इसलिए, सिर्फ इसके रंग के आधार पर एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है।

क्या हर साइनस की समस्या बैक्टीरियल होती है?

Dr. Rajesh Bhardwaj ने बताया कि साइनस की समस्या हमेशा बैक्टीरिया के कारण नहीं होती है। साइनस की समस्या हमेशा बैक्टीरिया के कारण नहीं होती है। कई बार वायरल जुकाम के बाद नाक और साइनस में सूज कुछ समय तक बनी रहती है। इसके अलावा, एलर्जी भी नाक और साइनस में सूजन पैदा कर सकती है। इससे लंबे समय तक नाक बंद रहना, छींक आना, नाक बहना या गले में पोस्ट-नेजल ड्रिप जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए, साइनस की समस्या का कारण जानना इसके इलाज के लिए बहुत जरूरी है।

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कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर जुकाम के लक्षण धीरे-धीरे कम होने के बजाय लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेना सही है। खासतौर पर अगर पहले व्यक्ति को कुछ सुधार महसूस हुआ हो और उसके बाद लक्षण अचानक ज्यादा बढ़ जाएं तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। चेहरे पर तेज दर्द, लगातार बुखार या आंखों के आस-पास सूजन जैसे लक्षण भी डॉक्टर से संपर्क करने का कारण हैं।

निष्कर्ष
अगर नाक बह रही है, छींक आ रही है, गले में खराश है और लक्षण धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं तो यह सामान्य जुकाम हो सकता है। अगर नाक बंद होने के साथ चेहरे या माथे में प्रेशर, भारीपन, दर्द, सूंघने की क्षमता कम होना या ऊपरी दांतों में दर्द जैसी समस्या हो रही है तो साइनस की समस्या हो सकती है। हालांकि, सिर्फ लक्षणों के आधार पर खुद से इलाज करने के बजाय जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • साइनस कितने दिन में ठीक हो जाता है?

    नॉर्मल साइनस इंफेक्शन आमतौर पर 7 से 14 दिनों में ठीक हो जाता है या अधिकतम 14 दिनों तक रहता है।
  • साइनस में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?

    साइनस की समस्या में बलगम को पतला रखने और सूजन कम करने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है। ऐसे में आप ताजा हल्का भोजन करें और सूप पिएं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 20, 2026 11:54 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj

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