सिरदर्द एक आम समस्या है, जो कभी हल्का रहता है, लेकिन कभी-कभी इसके कारण रोज के काम भी प्रभावित होने लगते हैं। कुछ लोगों को सिरदर्द के दौरान नॉर्मल रोशनी भी परेशानी होने लगती है। ऐसे में कई लोगों को तेज धूप, मोबाइल या कंप्यूटर की लाइट और फ्लैश लाइट परेशानी को और भी बढ़ा सकती है। इस स्थिति में यह सवाल आता है कि तेज रोशनी से सिरदर्द क्यों होता है? ऐसे में आइए Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।
तेज रोशनी में सिरदर्द क्यों होता है?
डॉ. पूजा के अनुसार, रोशनी से कुछ तरह के सिरदर्द बढ़ सकते हैं, क्योंकि रोशनी को प्रोसेस करने वाले आंखों और दिमाग के रास्ते, दर्द को कंट्रोल करने वाले सिस्टम से गहराई से जुड़े होते हैं। यह समस्या कई बार माइग्रेन, आंखों से जुड़ी स्थिति, नींद पूरी न होने, दवाइयों का सेवन करने,
1. माइग्रेन में बढ़ती है परेशानी
डॉ. पूजा बताती हैं, माइग्रेन जैसी स्थितियों में, नर्वस सिस्टम रोशनी के प्रति बहुत ज्यादा सेंसिटिविटी हो सकता है, इस लक्षण को फोटोफोबिया कहते हैं। इसके रिजल्ट में व्यक्ति को, सूरज की रोशनी, तेज स्क्रीन, फ्लोरोसेंट लाइट या चमकती लाइट सिरदर्द को ज्यादा बढ़ा सकता है और व्यक्ति अपनी आंखें बंद करना या अंधेरे, शांत कमरे में रहना चाह सकता है।
इसे भी पढ़ें: क्या बार-बार होने वाले सिरदर्द का संबंध पोषक तत्वों की कमी से हो सकता है? समझें डॉक्टर से
माइग्रेन में होती हैं कई समस्याएं
डॉ. पूजा आगे बताती हैं, रोशनी के प्रति सेंसिटिविटी माइग्रेन के दौरान आम है और इसके साथ व्यक्ति को कई अन्य लक्षण भी दिख सकते हैं। जैसे-
- धड़कन जैसा या मध्यम से गंभीर सिरदर्द
- जी मिचलाना
- उल्टी
- आवाज या देखने में बदलाव
2. लाइट सेंसिटिविटी के कारण
डॉ. पूजा का कहना है, आंखों पर जोर पड़ना, अपर्याप्त नींद, कुछ दवाएं और आंखों की कुछ स्थितियां भी तेज रोशनी में परेशानी बढ़ा सकती हैं। सिर्फ तेज रोशनी में सिरदर्द का बढ़ना माइग्रेन की ओर इशारा नहीं करता है। ऐसे में सिरदर्द के कारण का पता लगाने के लिए लक्षणों का पैटर्न और मेडिकल हिस्ट्री जानना जरूरी है।
साल 2022 में Headache: The Journal of Head and Face Pain में प्रकाशित नरेटिव रिव्यू के अनुसार, रोशनी को आमतौर पर माइग्रेन का कारण माना जाता है, लेकिन यह जरूरी नहीं है। माइग्रेन के मरीजों को हर तरह की रोशनी से परेशानी नहीं होती है।
तेज सिरदर्द से बचने के लिए क्या करें?
डॉ. पूजा के अनुसार, सिरदर्द के दौरान, लाइट के कारण होने वाले सिरदर्द से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसा करने से सिरदर्द की समस्या से राहत मिल सकती है। जैसे-
- तेज या चमकती रोशनी से बचना।
- आरामदायक माहौल में आराम करना।
- शरीर में पानी की कमी न होने देना।
- डॉक्टर से सलाह लें।
डॉ. पूजा आगे कहती हैं, सिरदर्द से बचने के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल द्वारा बताया गया सही इलाज लेना मददगार हो सकता है, लेकिन लोगों को पूरे दिन पूरी तरह अंधेरे में रहने से बचना चाहिए, क्योंकि अटैक के बीच नॉर्मल रोशनी में रहना कुछ माइग्रेन पीड़ितों के लिए बेहतर हो सकता है।
इसे भी पढ़ें: क्या ठंडा-गरम खाने से सिरदर्द होता है? जानें डॉक्टर से
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. पूजा आगे कहती है, नए या असामान्य रूप से गंभीर सिरदर्द, अचानक (अब तक का सबसे तेज) दर्द, कमजोरी, उलझन, बेहोशी, नजर जाना, बुखार और गर्दन में अकड़न के साथ सिरदर्द या सिरदर्द के पुराने पैटर्न में बड़ा बदलाव होने पर डॉक्टर से तुरंत जांच करवानी चाहिए। ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से समय रहते बचा जा सके।
निष्कर्ष
रोशनी में तेज सिरदर्द होने की समस्या माइग्रेन, आंखों पर जोर पड़ने, कुछ दवाइयों और भरपूर नींद न लेने के कारण हो सकता है। इस दौरान कई बार व्यक्ति को जी मिचलाने, उल्टी आने, आवाज या देखने में बदलाव और धड़कन जैसा दर्द महसूस होना माइग्रेन के कारण हो सकता है।
सिरदर्द की स्थिति से बचने के लिए तेज या चमकती रोशनी में बचें, आरामदायक माहौल में आराम करें, शरीर को हाइड्रेट रखें और डॉक्टर की सलाह अनुसार इलाज कराएं, लेकिन ध्यान रहे, गंभीर सिरदर्द, अचानक से सिरदर्द, कमजोरी, बेहोशी, बुखार और गर्दन में अकड़न होने जैसी स्थितियां दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
All Images Credit- Freepik
FAQ
सिरदर्द के क्या कारण है?
लंबे समय तक स्ट्रेस में रहने, नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी, आंखों पर जोर पड़ने और खाने से जुड़ी आदतों के कारण लोगों को सिर में दर्द होने की समस्या हो सकती है।सिरदर्द होने पर क्या क्या परेशानी होती है?
सिरदर्द की स्थिति में व्यक्ति को मतली, उल्टी, सेंसिटिविटी, चक्कर आने, आंखों से जुड़ी समस्या होने, चिड़चिड़ापन और थकान होने जैसी समस्याएं हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 16, 2026 16:38 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai