Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Anju Suryapani , Senior Consultant – Obstetrics, Gynaecology

महिलाओं में लगातार थकान क्यों रहती है? जानें इसके पीछे के 7 बड़े कारण

महिलाओं में लगातार थकान कई कारणों से हो सकती है, जिसे अक्सर काम के दबाव या तनाव से जोड़कर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह हार्मोनल असंतुलन, खून की कमी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।

कई महिलाओं में अक्सर थकान की समस्या बनी रहती है। लगातार होने वाली इस थकान को वे अक्सर काम का प्रेशर, घर की जिम्मेदारियां, तनाव या नींद की कमी से जोड़कर नजरअंदाज कर देती हैं। कभी-कभी ऐसा करना आम बात है, लेकिन अगर थकान लंबे समय तक बनी रहती है, रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित होने लगते हैं। इसलिए, महिलाओं को लगातार बनी रहने वाली थकान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह हार्मोनल असंतुलन, खून की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। आइए इस लेख में Dr.(Prof.) Anju Suryapani, Sr. Consultant - Obstetrics & Gynaecology, Metro Hospital, Noida से जानते हैं कि महिलाओं के कमजोर होने का क्या कारण है?

महिलाओं में थकान रहने के कारण

Dr.(Prof.) Anju Suryapani का कहना है कि थकान खुद कोई बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर की ओर से दिया गया एक संकेत हो सकता है। इसलिए, जरूरी है कि आप थकान को दबाने के बजाय इसके होने के सही कारणों के बारे में पता लगाएं।

साल 2025 में Psychology, Health & Medicine में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, महिलाओं में पुरुषों की तुलना में लगातार थकान होने की संभावना ज्यादा होती है, जो मुख्य रूप से तनाव, खराब नींद की क्वालिटी और नींद पर तनाव के असर से जुड़ी होती है।

1. आयरन की कमी और एनीमिया

महिलाओं में लगातार थकान का एक आम कारण आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया है। खासकर, जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है, उनमें आयरन की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।

एनीमिया होने पर शरीर के टिश्यू तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके कारण महिलाओं में थकान, कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होने की समस्या हो सकती हैं। इसलिए, अगर आप लंबे समय तक थकान के साथ पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या से परेशान हैं तो डॉक्टर से जांच करवाएं।

साल 2019 में Physiology & Behavior में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में आयरन की कमी सीधे तौर पर उनके दिमाग की कार्यप्रणाली और ऊर्जा प्रणाली को प्रभावित करती है। एनीमिया होने से पहले की हल्की या शुरुआती आयरन की कमी को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि यह भी महिलाओं में ताकत और एनर्जी की कमी का एक बड़ा कारण है।

2. थायराइड की समस्या

महिलाओं के शरीर में थायराइड हार्मोन का कम बनना भी लगातार थकान का कारण हो सकता है। इसके साथ ही वजन बढ़ना, ठंड ज्यादा लगना, कब्ज, स्किन ड्राई होना, बाल झड़ना, उदासी या फोकस करने में परेशानी जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं। हर महिला में लक्षण एक जैसे नहीं होते हैं। इसलिए, सिर्फ लक्षणों के आधार पर थायराइड की समस्या के बारे में पता नहीं लगा सकते हैं। डॉक्टर द्वारा जरूरत के अनुसार, TSH और अन्य थायराइड टेस्ट की सलाह दी जा सकती है।

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3. नींद की कमी या खराब नींद

कई बार महिला को लगता है कि वह पर्याप्त नींद ले रही है, लेकिन नींद की क्वालिटी अच्छी नहीं होती है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल, अनियमित सोने का पैटर्न, तनाव या बार-बार नींद टूटना अगले दिन थकान बढ़ा सकता है। कुछ महिलाओं में स्लीप एपनिया जैसी समस्या हो सकती है, जिसमें नींद के दौरान सांस लेने में बार-बार रुकावट आती है। तेज खर्राटे, सुबह उठने पर भी थकान और दिन में ज्यादा नींद के संकेत हो सकते हैं।

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4. लगातार तनाव और मानसिक थकान

महिलाओं की जिम्मेदारियां अक्सर सिर्फ ऑफिस या घर तक सीमित नहीं होती हैं। परिवार, बच्चों, करियर, रिश्तों और अन्य जिम्मेदारियों का लगातार दबाव मानसिक और शारीरिक एनर्जी को प्रभावित कर सकता है।

लंबे समय तक स्ट्रेस रहने पर नींद, भूख, फोकस और मूड सभी चीजों में बदलाव आ सकता है। अगर थकान के साथ लगातार उदासी, एंग्जायटी, चिड़चिड़ापन या किसी काम में कम रुचि होना दिखाई दे तो मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए।

5. असंतुलित आहार

अगर भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, आयरन, विटामिन, मिनरल्स और अन्य जरूरी पोषक तत्व नहीं हैं तो शरीर को एनर्जी मिलने में मुश्किल हो सकती है। बहुत लंबे समय तक क्रैश डाइटिंग, भोजन छोड़ना या सिर्फ प्रोसेस्ड और शुगरी फूड्स पर निर्भर रहना भी कमजोरी और थकान को बढ़ा सकता है। इसलिए, संतुलित आहार में दालें, साबुत अनाज, सब्जियां, फल, नट्स, सीड्स और पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करना जरूरी है।

6. विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी

कुछ महिलाओं में विटामिन बी12 या विटामिन डी की कमी भी कमजोरी और थकान से जुड़ी हो सकती हैं। विटामिन बी12 की कमी में कमजोरी के साथ हाथ और पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि विटामिन डी की कमी मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती है। हालांकि, हर थकान का कारण विटामिन की कमी नहीं होता है। इसलिए बिना टेस्ट के सप्लीमेंट्स लेना सही नहीं है।

7. हार्मोनल बदलाव

महिलाओं के शरीर में प्रेग्नेंसी, पोस्टपार्टम पीरियड, ब्रेस्टफीडिंग, पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन फेज में नींद, मूड, एनर्जी लेवल और संपूर्ण स्वास्थ्य में बदलाव महसूस हो सकते हैं। अगर थकान के साथ पीरियड्स में बदलाव, हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग या अन्य हार्मोनल बदलाव के संकेत नजर आएं तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है।

कब लगातार थकान को गंभीरता से लेना चाहिए?

Dr.(Prof.) Anju Suryapani कहती हैं कि थकान को सिर्फ कमजोरी मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। अगर थकान लगातार बनी हुई है, आराम करने के बाद भी सुधार नहीं होता है या इसके साथ वजन में अचानक बदलाव, सांस फूलना, सीने में दर्द, बेहोशी, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, लगातार बुखार या अन्य नए लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

डॉक्टर थकान के कारण का पता कैसे लगाते हैं?

Dr.(Prof.) Anju Suryapani बताती हैं कि लगातार थकान की जांच सिर्फ एक टेस्ट से नहीं की जाती है। आपकी उम्र, लाइफस्टाइल, सोने का तरीका, पीरियड्स, डाइट, मेडिकेशन से भी इसके कारणों का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा अन्य जांचों की सलाह भी दी जा सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि हर महिला के लिए जांच और ट्रीटमेंट का तरीका अलग हो सकता है। सिर्फ किसी जानकार को देखकर उसकी सप्लीमेंट या दवाइयां शुरू करना सही नहीं है।

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डॉक्टर की सलाह

Dr.(Prof.) Anju Suryapani कहती हैं कि अगर आप रोज सुबह उठने के बाद भी खुद को थका हुआ महसूस करती हैं और यह समस्या कई हफ्तों से बनी हुई है तो इसे आम समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अच्छी नींद, संतुलित भोजन, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और स्ट्रेस को मैनेज करने पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, अगर लाइफस्टाइल में सुधार करने के बाद भी थकान बनी रहती है तो इसके पीछे एनीमिया, थायराइड, नींद की समस्या, पोषक तत्वों की कमी और हार्मोनल बदलाव जैसे कारण हो सकते हैं, जिनके बारे में पता लगाने के लिए नियमित जांच करवानी जरूरी है।

निष्कर्ष
लगातार थकान शरीर की कमजोरी नहीं, बल्कि कभी-कभी शरीर का संकेत होती है कि उसे आपकी ओर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। सही जांच और देखभाल की मदद से समस्या का समय पर पहचान करना आसान होता है। अगर आपको लगातार या असामान्य थकान महसूस हो रही है तो किसी डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • शरीर में थकान किसकी कमी से होती है?

    शरीर में आयरन, विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी के कारण लगातार थकान की समस्या महसूस हो सकती है। इसके अलावा, मैग्नीशियम की कमी और शरीर में पानी कम होना भी थकान का बड़ा कारण बन सकते हैं।
  • तुरंत कमजोरी दूर करने के लिए क्या खाएं?

    शरीर में होने वाली कमजोरी और थकान को दूर करने के लिए आप केला, एक गिलास गुनगुना दूध, भीगे हुए बादाम और किशमिश या गुड़ के साथ मूंगफली का सेवन कर सकते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 22, 2026 13:37 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Aug 22, 2026 13:37 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Anju Suryapani

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