Tue Nov 3, 2026 | 06:45 PM IST

Medically Reviewed by Dr Monika Bhatia , Obstetrician and Gynaecologist, Robotic and Laparoscopic Surgeon - Cloudnine Hospital New Delhi and Gurugram

क्या मेनोपॉज के बाद भी संभव है प्रेग्नेंसी? डॉक्टर से जानें किन महिलाओं के लिए IVF हो सकता है विकल्प

मेनोपॉज के बाद महिलाओं की ओवरी में एग्ज खत्म हो जाते हैं और इस वजह से महिलाओं को पीरियड्स नहीं आते। ऐसे में क्या महिलाएं प्रेग्नेंट हो सकती हैं? महिलाएं ये सवाल का जवाब शर्म के कारण डॉक्टर से भी नहीं पूछ पातीं। अगर आपका भी यही सवाल है, तो डॉक्टर ने विस्तार से इसके बारे में बताया है।
क्या मेनोपॉज के बाद भी संभव है प्रेग्नेंसी? डॉक्टर से जानें किन महिलाओं के लिए IVF हो सकता है विकल्पक्या मेनोपॉज के बाद भी संभव है प्रेग्नेंसी? डॉक्टर से जानें किन महिलाओं के लिए IVF हो सकता है विकल्प

मेनोपॉज की उम्र 50 के बाद आती है, लेकिन कुछ महिलाएं करियर के चलते देर से प्रेग्नेंट होती हैं। इस वजह से कई बार 40 की उम्र के बाद महिलाओं को चिंता हो जाती है कि अगर 45 के बाद मेनोपॉज आ जाए, तो क्या वह प्रेग्नेंट हो सकती है? कई महिलाओं को इस बात की टेंशन रहती है कि मेनोपॉज होने के बाद असुरक्षित सेक्शुअल कोर्स करने के बाद क्या वे प्रेग्नेंट हो सकती हैं? इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए हमने Dr. Monika Bhatia, Obstetrician and Gynaecologist, Cloudnine Group of Hospitals, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर बदलने लगता है और इस वजह से प्रेग्नेंसी की संभावना लगभग कम हो जाती है। हालांकि, मेनोपॉज के बाद महिलाओं की प्रेग्नेंसी की संभावना को जानने के लिए उनकी उम्र, गर्भाशय की स्थिति और उसकी पूरी मेडिकल कंडीशन को जानना जरूरी है।

मेनोपॉज होने की उम्र क्या है?

Cleveland Clinic के मुताबिक, मेनोपॉज होना महिलाओं में नेचुरल प्रोसेस है, जो आमतौर पर 52 साल की उम्र तक हो जाता है। हालांकि, कुछ महिलाओं में यह समय से पहले भी हो सकता है। अगर किसी महिला को बिना किसी कारण लगातार एक साल तक पीरियड्स न हों, तो मेनोपॉज की पुष्टि कर दी जाती है। इस दौरान, ओवरीज से एग्ज बंद हो जाते हैं और शरीर में फर्टिलिटी से जुड़े हार्मोन में बदलाव आ सकता है।

Dr. Monika Bhatia कहती हैं, “अक्सर महिलाएं 48-50 साल की उम्र के बाद पीरियड्स के देरी से आने को मेनोपॉज समझ लेती हैं। दरअसल, इस स्टेज को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है और इस दौरान कभी पीरियड्स समय पर आते हैं, तो कभी कई महीनों का अंतर हो सकता है। इसलिए जब तक लगातार 12 महीने तक पीरियड्स न आए, तभी मेनोपॉज होना समझा जाता है। ऐसे में कई बार असुरक्षित सेक्शुअल इंटरकोर्स होने से महिला के प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ सकती है।”

क्या मेनोपॉज के बाद प्रेग्नेंसी हो सकती है?

Dr. Monika Bhatia का कहना है, “अगर मेनोपॉज नेचुरल तरीके से हुआ है, तो महिला के अपनी ओवरी से निकलने वाले एग्ज के जरिए प्रेग्नेंसी की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। इसकी वजह यह है कि इस स्टेज में अंडाशय से ओव्यूलेशन यानी एग निकलना बंद हो जाता है, लेकिन पेरिमेनोपॉज में प्रेग्नेंसी की संभावना हो सकती है, क्योंकि इस दौरान एग्ज कभी-कभी ओव्यूलेट होते हैं। इसलिए पेरिमेनोपॉज के दौरान गर्भधारण हो सकता है और जब तक मेनोपॉज की पुष्टि न हो, तब तक डॉक्टर की सलाह लेकर गर्भनिरोधक का इस्तेमाल जरूरी हो सकता है।”

क्या मेनोपॉज के बाद IVF से मां बन सकती है?

Dr. Monika Bhatia के अनुसार, कुछ महिलाओं के लिए मेनोपॉज के बाद IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन के जरिए गर्भधारण संभव हो सकता है। आईवीएफ नेचुरल प्रोसेस नहीं है, इसलिए मेनोपॉज के बाद यह हर महिला के लिए रिकमेंड नहीं किया जा सकता है।

  • मेनोपॉज के बाद IVF में अक्सर डोनर एग यानी किसी दूसरी महिला के एग का इस्तेमाल किया जाता है और फिर डोनर एग को लैब में स्पर्म के साथ निषेचित किया जाता है। इससे एम्ब्रियो तैयार करके महिला के यूटरस में ट्रांसफर किया जाता है। इस दौरान महिलाओं को हार्मोन थेरेपी दी जा सकती है, ताकि प्रेग्नेंसी बनी रहे।
  • कुछ महिलाएं अपने एग फ्रीज करा देती हैं, तो ऐसी स्थिति में मेडिकल कंडीशन को देखते हुए उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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IVF किन महिलाओं के लिए संभव हो सकता है?

Dr. Monika Bhatia ने कहा, “मेनोपॉज के बाद IVF की सफलता हर महिला में एक जैसी नहीं होती। IVF कराने से पहले महिला की उम्र, गर्भाशय की स्थिति, एम्ब्रियो की क्वालिटी और अन्य मेडिकल कंडीशन को चेक किया जाता है। अगर महिला की मेडिकल कंडीशन बेहतर होती है, तो IVF कराया जा सकता है, लेकिन IVF का मतलब यह नहीं है कि प्रेग्नेंसी हो ही जाएगी। आईवीएफ से पहले डॉक्टर से जरूर बात करें।”

Fertility and Sterility के अनुसार, फर्टिलिटी से जुड़े इलाज करने से पहले महिलाओं की पूरी मेडिकल जांच की जाती है। अगर महिला के इलाज में किसी भी तरह का खतरा होता है, तो डॉक्टर मना कर सकते हैं। अगर महिला को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, जो प्रेग्नेंसी के खतरे को और ज्यादा बढ़ा सकती है, तो एम्ब्रियो ट्रांसफर के लिए मना किया जा सकता है। इसलिए मेनोपॉज के बाद महिलाओं की मेडिकल कंडीशन का ध्यान रखा जाता है।

मेनोपॉज के बाद प्रेग्नेंसी में क्या रिस्क हो सकते हैं?

Dr. Monika Bhatia ने बताया कि ज्यादा उम्र में प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कुछ समस्याएं हो सकती हैं। इस वजह से IVF के दौरान महिलाओं को मिसकैरेज का खतरा भी हो सकता है। 

  • हाई ब्लड प्रेशर और प्रीक्लेम्पसिया
  • प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज
  • समय से पहले डिलीवरी
  • सिजेरियन डिलीवरी की संभावना बढ़ना

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क्या मेनोपॉज के बाद गर्भनिरोधक की जरूरत होती है?

Dr. Monika Bhatia कहती हैं, “जब तक नेचुरल मेनोपॉज नहीं होता, तब तक प्रेग्नेंसी की संभावना बनी रह सकती है। इसलिए पेरिमेनोपॉज के दौरान डॉक्टर की सलाह के अनुसार गर्भनिरोधक जारी रखना जरूरी हो सकता है। इसके अलावा, अगर मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग हो, तो इसे नॉर्मल न समझें, बल्कि तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।”

निष्कर्ष

नेचुरल मेनोपॉज की पुष्टि के बाद ओवरीज से निकलने वाले एग्ज के जरिए गर्भधारण की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। हालांकि, कुछ महिलाओं के लिए IVF और डोनर एग की मदद से प्रेग्नेंसी संभव हो सकता है। हालांकि, आईवीएफ सिर्फ महिला की उम्र, यूटरस की कंडीशन और मेडिकल कंडीशन को देखकर ही लिया जाता है।

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FAQ

  • यदि किसी महिला ने मेनोपॉज से पहले अपने अंडे फ्रीज कराए थे, तो क्या वह उनका इस्तेमाल कर सकती है?

    अगर महिला ने युवावस्था में अपने स्वस्थ अंडे क्रायोप्रिजर्व करवा लिए थे, तो मेनोपॉज के बाद उसे डोनर अंडों की जरूरत नहीं पड़ती। उन अंडों को साथी के स्पर्म से फर्टिलाइज कराकर भ्रूण तैयार किया जाता है और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) के जरिए गर्भाशय को तैयार करके भ्रूण प्रत्यारोपित किया जाता है।
  • क्या मेनोपॉज के बाद महिला का गर्भाशय भ्रूण को विकसित करने में सक्षम रहता है?

    ज्यादातर मामलों में! उम्र बढ़ने के साथ अंडाशय काम करना बंद करते हैं, लेकिन गर्भाशय की मांसपेशियां निष्क्रिय अवस्था में मौजूद रहती हैं। डॉक्टर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की दवाओं से गर्भाशय की अंदरूनी परत को दोबारा मोटा कर सकते हैं, जिससे भ्रूण को सुरक्षित रखा जा सकता है। 

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 03, 2026 17:50 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Monika Bhatia