Mon Nov 2, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Lavanya Kiran , Gynaecologogist & Fertility Exper

ब्रेस्ट में गांठ नहीं, फिर भी हो सकता है कैंसर? इन 5 संकेतों को पहचानें

ब्रेस्ट में गांठ न होने पर भी कैंसर हो सकता है। ब्रेस्ट की स्किन में गड्ढे पड़ना, निप्पल का अंदर मुड़ना या असामान्य डिस्चार्ज इसके संभावित संकेत हैं। यहां डॉक्टर से जानिए, किन 5 बदलावों पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए?
ब्रेस्ट में गांठ नहीं, फिर भी हो सकता है कैंसर? इन 5 संकेतों को पहचानेंब्रेस्ट में गांठ नहीं, फिर भी हो सकता है कैंसर? इन 5 संकेतों को पहचानें

ब्रेस्ट कैंसर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में सबसे पहले स्तन में गांठ होने का ख्याल आता है। आमतौर पर माना जाता है कि ब्रेस्ट में गांठ महसूस होना ही कैंसर का सबसे बड़ा संकेत है। यही वजह है कि कई महिलाएं गांठ न होने पर ब्रेस्ट कैंसर की आशंका को पूरी तरह खारिज कर देती हैं लेकिन KIMS अस्पताल, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, बेंगलुरु के प्रसूति, स्त्री रोग विभाग की निदेशक और कंसल्टेंट, डॉ. लावण्या किरण के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण हमेशा गांठ के रूप में सामने नहीं आते हैं। कई बार स्तन की स्किन, निप्पल या उसके आकार में होने वाले छोटे बदलाव भी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। ऐसे बदलावों को नजरअंदाज करना बीमारी की पहचान में देरी का कारण बन सकता है। डॉक्टर लावण्या किरण के अनुसार, महिलाओं को ब्रेस्ट में होने वाले असामान्य बदलावों के प्रति जागरुक रहना चाहिए।

क्या बिना गांठ के भी ब्रेस्ट कैंसर संभव है?

डॉ. लावण्या किरण के अनुसार, ब्रेस्ट में गांठ महसूस न होने के बावजूद कैंसर हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर के कुछ प्रकारों में शुरुआती अवस्था में कोई स्पष्ट गांठ महसूस नहीं होती। कई बार कैंसर के कारण निप्पल या ब्रेस्ट के आकार में बदलाव दिखाई देने लगते हैं। कुछ मामलों में मैमोग्राफी जैसी जांच के दौरान कैंसर का पता चलता है, जबकि महिला को खुद कोई गांठ महसूस नहीं होती। इसलिए सिर्फ गांठ को ही ब्रेस्ट कैंसर का एकमात्र लक्षण मानना सही नहीं है।

1. ब्रेस्ट की स्किन में गड्ढे या सिकुड़न दिखना

अगर ब्रेस्ट की स्किन पर अचानक गड्ढे, खिंचाव या सिकुड़न दिखाई देने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। कुछ मामलों में कैंसर के कारण स्तन के अंदर मौजूद टिश्यू में बदलाव आता है, जिससे स्किन अंदर की तरफ खिंची हुई दिखाई दे सकती है। ब्रेस्ट की स्किन का संतरे के छिलके जैसा दिखना यानी हल्के गड्ढे से होना भी एक चेतावनी संकेत हो सकता है।

2. निप्पल का अंदर की तरफ मुड़ना

डॉ. लावण्या किरण बताती हैं कि अगर आपका निप्पल पहले सामान्य था, लेकिन अब अचानक अंदर की तरफ मुड़ने लगा है, तो डॉक्टर से जांच करवाएं। निप्पल का नया इनवर्जन यानी अंदर की तरफ धंसना ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है। हालांकि, कुछ महिलाओं में निप्पल का अंदर की तरफ होना जन्म से भी हो सकता है। चिंता तब ज्यादा होती है, जब इसमें नया बदलाव दिखाई दे।

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3. निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज होना

अगर निप्पल से बिना दबाए अपने आप डिस्चार्ज निकलता है, खासकर उसमें खून दिखाई देता है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। यह ब्रेस्ट कैंसर समेत कुछ अन्य स्तन संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकता है। हर तरह का डिस्चार्ज कैंसर नहीं होता, लेकिन इसकी जांच करवाना जरूरी है।

4. ब्रेस्ट की स्किन का लाल होना या मोटा पड़ना

डॉ. लावण्या किरण बताती हैं कि अगर ब्रेस्ट की स्किन पर लगातार लालिमा, सूजन या मोटापन दिखाई दे रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें। कुछ मामलों में इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर में स्किन लाल, गर्म और सूजी हुई दिखाई दे सकती है। इसमें कई बार गांठ महसूस नहीं होती। इसलिए स्किन में अचानक होने वाले ऐसे बदलावों को केवल एलर्जी या इंफेक्शन समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. ब्रेस्ट के आकार या बनावट में बदलाव

डॉ. लावण्या किरण के अनुसार, महिलाओं के स्तनों के आकार में पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और हार्मोनल बदलावों के कारण थोड़ा अंतर आना नॉर्मल है लेकिन अगर एक ब्रेस्ट का आकार अचानक बदलने लगे, उसमें असामान्य सूजन दिखाई दे या दोनों स्तनों के बीच नया अंतर महसूस हो, तो इसकी जांच करवाएं। खासकर जब यह बदलाव लगातार बना रहे या इसके साथ दर्द और स्किन में बदलाव भी हो।

Breast Cancer Without LumpBreast Cancer Without Lump

साल 2017 में Cancer Epidemiology जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, लगभग हर 6 में से 1 महिला को स्तन कैंसर (breast cancer) की शुरुआत में गांठ के अलावा अन्य लक्षण महसूस होते हैं। स्टडी से पता चला है कि जो महिलाएं गांठ के बजाय अन्य लक्षणों (जैसे निप्पल में बदलाव या दर्द) का अनुभव करती हैं, वे डॉक्टर के पास जाने में ज्यादा देरी करती हैं। इसलिए, महिलाओं को स्तन कैंसर यानी ब्रेस्ट कैंसर के अन्य लक्षणों के प्रति जागरुक करना बहुत जरूरी है ताकि वे समय पर डॉक्टर से मिल सकें।

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ब्रेस्ट में बदलाव दिखने पर कब डॉक्टर से मिलें?

डॉ. लावण्या किरण सलाह देती हैं कि अगर आपको ब्रेस्ट में कोई नया या असामान्य बदलाव दिखाई देता है, तो गांठ का इंतजार न करें। निप्पल से खून आना, स्किन में गड्ढे पड़ना, अचानक निप्पल अंदर की ओर मुड़ना या ब्रेस्ट में लगातार सूजन जैसे लक्षणों पर डॉक्टर से जल्द संपर्क करें।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार क्लिनिकल ब्रेस्ड एग्जामिनेशन, अल्ट्रासाउंड, मैमोग्राफी या बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। इन जांचों से बदलाव के वास्तविक कारण का पता लगाने में मदद मिलती है। ध्यान रखें कि इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर होना नहीं है। कई बार इनके पीछे इंफेक्शन, हार्मोनल बदलाव या अन्य सामान्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

निष्कर्ष

ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए स्तन में गांठ महसूस होना जरूरी नहीं है। कई बार स्किन में बदलाव, निप्पल का अंदर धंसना, असामान्य डिस्चार्ज और ब्रेस्ट के आकार में बदलाव भी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इसलिए महिलाओं को अपने स्तनों में होने वाले सामान्य और असामान्य बदलावों के प्रति जागरुक रहना चाहिए। किसी भी नए बदलाव को नजरअंदाज करने या खुद से बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय समय पर डॉक्टर से जांच करवाएं। याद रखें, ब्रेस्ट कैंसर की समय पर पहचान और सही इलाज से बेहतर रिजल्ट मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

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FAQ

  • ब्रेस्ट कैंसर की जांच किस उम्र से शुरू करवानी चाहिए?

    आमतौर पर 40 साल की उम्र से मैमोग्राफी के बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए। परिवार में कैंसर का इतिहास होने पर पहले भी जांच की जरूरत पड़ सकती है।
  • क्या ब्रेस्ट कैंसर का इलाज संभव है?

    ब्रेस्ट कैंसर के कई मामलों का सफलतापूर्वक इलाज संभव है। इलाज कैंसर के प्रकार, स्टेज और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 02, 2026 18:02 IST

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