Thu Oct 15, 2026 | 08:17 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

हेडफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए 60/60 नियम क्यों जरूरी है? डॉक्टर से जानें

हेडफोन के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए 60/60 नियम मानना बहुत जरूरी है, जिसमें 60% वॉल्यूम पर 60 मिनट तक सुनने के बाद ब्रेक लेना शामिल है। यह नियम कानों को तेज आवाज से होने वाले नुकसान और बहरेपन से बचाने में मदद करता है।
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वर्तमान में हेडफोन और हेडफोन का इस्तेमाल लोगों में काफी ज्यादा बढ़ गया है। लोग इनकी मदद से संगीत सुनते हैं, वीडियो देखते हैं, ऑनलाइन मीटिंग करते हैं और लंबे समय तक फोन पर बात करते हैं। हालांकि, लगातार तेज आवाज में हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल धीरे-धीरे सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। कान के अंदर मौजूद बेहद संवेदनशील हेयर सेल्स ध्वनि को पहचानने और उसे दिमाग तक पहुंचने वाले संकेतों में बदलने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए तेज आवाज में हेडफोन इस्तेमाल करने के साथ 60/60 नियम फॉलो कर सकते हैं। आइए Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi से जानते हैं 60/60 नियम के बारे में।

हेडफोन इस्तेमाल करने के दौरान 60/60 नियम क्यों जरूरी है

Dr. Rajesh Bhardwaj का कहना है कि हेडफोन के इस्तेमाल के कारण कान को पहुंचने वाले नुकसान को रोकने के लिए 60/60 नियम का पालन करने की सलाह दी जाती है। इस नियम के अनुसार, हेडफोन की ज्यादा से ज्यादा वॉल्यूम के लगभग 60 प्रतिशत से ज्यादा आवाज पर ऑडियो सुनने से बचना चाहिए और हर 60 मिनट के बाद ब्रेक लेना चाहिए।

हालांकि, यह एक सामान्य सावधानी से जुड़े नियम है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित सुरक्षित सीमा नहीं है। वास्तव में सुनने की क्षमता पर आवाज की तीव्रता और उसके संपर्क में रहने की अवधि, दोनों का असर पड़ता है। इसलिए सिर्फ 60/60 नियम का पालन करना ही कानों की सुरक्षा करने के लिए काफी नहीं है।

Audiology Associates of Westchester के अनुसार, हेडफोन इस्तेमाल करने वालों के लिए 60-60 नियम बहुत ही फायदेमंद होता है। इसमें लगभग 60 मिनट तक वॉल्यूम को 60 प्रतिशत से ज्यादा न रखें और फिर अपने कानों को थोड़ा आराम दें।

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हेडफोन का इस्तेमाल करने के सुरक्षित तरीके

Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि हेडफोन को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करना हमारे कानों और सुनने की क्षमता को लंबे समय तक हेल्दी रखने के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए, आप इन तरीकों को अपना सकते हैं-

  1. वॉल्यूम को सीमित रखें- अपने हेडफोन की कुल वॉल्यूम का 60% से ज्यादा हिस्सा इस्तेमाल न करें। बहुत तेज आवाज कान के अंदर की नाजुक हेयर सेल्स को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकती है।
  2. 60 मिनट में ब्रेक लें- लगातार 1 घंटे से ज्यादा समय तक हेडफोन या ईयरफोन लगातार कानों में लगाने से बचें। हर एक घंटे के बाद कम से कम 5 से 10 मिनट का ब्रेक लें, ताकि आपके कानों के सेल्स और नसों को रिकवर होने का समय मिल सके।
  3. नॉइज-कैंसलिंग हेडफोन का इस्तेमाल- बाहरी शोर से बचने के लिए एक्टिव नॉइज-कैंसलिंग हेडफोन का इस्तेमाल करें, जो बाहर के शोर को खुद-ब-खुद काफी हद तक कम कर देते हैं, जिससे आपको गाने या ऑडियो सुनने के लिए वॉल्यूम ज्यादा बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती।
  4. ओवर-इयर हेडफोन चुनें- छोटे ईयरबड्स जो सीधे कान की नली के अंदर जाते हैं, वे सीधे कान के पर्दे पर फोकस करते हैं और नमी या बैक्टीरिया का खतरा भी बढ़ाते हैं। इसलिए, आप कान को बाहर से ढकने वाले 'ओवर-इयर' या 'ऑन-इयर' हेडफोन का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
  5. साफ-सफाई का ध्यान रखें- अपने हेडफोन या ईयरबड्स के ईयर-पैड्स को समय-समय पर साफ और सैनिटाइज करते रहें। गंदे ईयरबड्स कान में फंगस या बैक्टीरिया के इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।
  6. सोने के समय हेडफोन का इस्तेमाल न करें- कई लोगों को रात में सोते समय गाने सुनते समय सोने की आदत होती है। इससे न सिर्फ अनजाने में लंबे समय तक कान तेज आवाज के संपर्क में रहते हैं, बल्कि करवट लेने पर ईयरबड्स कान के अंदर दब सकते हैं, जिससे चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।

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डॉक्टर से कब मिलें?

तेज आवाज के संपर्क में रहने के बाद कानों में घंटी या सीटी बजना और कुछ समय के लिए सुनाई कम देना, चेतावनी के संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसलिए, अगर सुनने में अचानक कमी आती है तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। लंबे समय तक हेडफोन इस्तेमाल करने वाले लोगों को अपनी सुनने की क्षमता को लेकर सतर्क रहना चाहिए और किसी भी तरह की परेशानी होने पर ईएनटी स्पेशलिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है।

निष्कर्ष
हेडफोन या ईयरफोन इस्तेमाल करते समय 60/60 नियम यानी 60% वॉल्यूम और 60 मिनट तक ही एक बार में सुनना कानों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। लगातार तेज आवाज और लंबे समय तक हेडफोन का इस्तेमाल कानों के अंदरूनी सेल्स को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे कम उम्र में बहरेपन की समस्या हो सकती है।

Image Credit: Freepik 

FAQ

  • ज्यादा हेडफोन यूज करने से क्या होता है?

    जरूरत से ज्यादा और तेज आवाज में हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल करने से सुनने की क्षमता कमजोर होने, टिनिटस और कान में इंफेक्शन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
  • क्या हेडफोन लगाने से सिर दर्द होता है?

    हां, ज्यादा देर या गलत तरीके से हेडफोन लगाने से सिर दर्द हो सकता है। इसे एक्सटर्नल कंप्रेशन हेडेक कहा जाता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 15, 2026 18:49 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj