Thu Oct 1, 2026 | 09:15 PM IST

Medically Reviewed by Dr Major Rajesh Bhardwaj , ENT Specialist & Head and Neck Surgeon

Ear Health: सावधान! तेज आवाज में ईयरफोन सुनना कर सकता है बहरा, जानें कानों को कैसे बचाएं

तेज आवाज में ईयरफोन का लगातार इस्तेमाल कानों की सुनने की क्षमता को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे बहरापन और टिनिटस जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, कानों की सुरक्षा के लिए कम वॉल्यूम पर सुनना जरूरी है।
Ear Health: सावधान! तेज आवाज में ईयरफोन सुनना कर सकता है बहरा, जानें कानों को कैसे बचाएंEar Health: सावधान! तेज आवाज में ईयरफोन सुनना कर सकता है बहरा, जानें कानों को कैसे बचाएं

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्मार्टफोन और ईयरफोन हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। इसके बिना सफर करना या खाली समय गुजार पाना काफी मुश्किल होने लगता है। लोग अक्सर घंटों तक तेज आवाज में गाने, पॉडकास्ट या वीडियो देखना पसंद करते हैं, बिना यह सोचे कि यह आदत कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। Dr. (Major) Rajesh Bhardwaj, Consultant, MedFirst ENT Centre, New Delhi का कहना है कि कानों के सेंसिटिव सेल्स लगातार तेज कंपन और शोर को सहन नहीं कर पाती हैं। इस कारण सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। अगर इस आदत को समय रहते न बदला जाए तो यह कानों से जुड़ी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।

तेज आवाज में ईयरफोन लगाने से कानों पर क्या असर पड़ता है?

Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि ईयरफोन या हेडफोन से तेज आवाज में लगातार गाने, वीडियो या अन्य ऑडियो सुनना धीरे-धीरे हमारी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। समस्या सिर्फ यह नहीं होती है कि आवाज कितनी तेज है, बल्कि इस बात से भी जुड़ी होती है कि व्यक्ति कितनी देर तक उस आवाज के संपर्क में रहता है।

कान के अंदर बहुत बारीक हेयर सेल्स होती हैं, जो आवाज को पहचानने और उसे दिमाग तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। बहुत तेज आवाज में ईयरफोन या हेडफोन का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से इन सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है और बार-बार ऐसा होने पर यह नुकसान कान को बुरी तरह हमेशा के लिए डैमेज कर सकता है।

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तेज आवाज में हेडफोन इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हैं?

साल 2025 में Cureus जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, ईयरफोन या हेडफोन से तेज आवाज में लंबे समय तक संगीत या ऑडियो सुनने से कान के नाजुक सेल्स खराब हो जाती हैं, जिससे स्थायी बहरेपन का खतरा पैदा हो जाता है। इसके अलावा, यह स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं-

  • सिरदर्द
  • आंखों में पानी आना
  • तेज आवाज सहन न होना
  • कान में दर्द
  • बातचीत समझने में मुश्किल
  • अनिद्रा और नींद से जुड़ी अन्य समस्या
  • कम सुनाई देना
  • टिनिटस यानी कान में घंटी बजने की आवाज

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कैसे पहचानें कि कान कमजोर हो रहे हैं?

Dr. Rajesh Bhardwaj का कहना है कि शुरुआत में व्यक्ति को कानों में घंटी या सीटी जैसी आवाज सुनाई देती है, जिसे टिनिटस कहा जाता है। कई बार तेज आवाज सुनने के बाद कुछ समय के लिए सुनाई कम देना महसूस हो सकता है। कई लोग इन शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं।

अगर किसी व्यक्ति को ईयरफोन हटाने के बाद भी कानों में आवाज सुनाई देती है, बातचीत समझने में परेशानी होती है या टीवी और मोबाइल की आवाज पहले से ज्यादा तेज रखने की जरूरत महसूस होने लगी है, तो इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह संकेत ईयरफोन या हेडफोन के द्वारा तेज आवाज में सुनने के कारण कानों के सुनने की क्षमता प्रभावित होने का संकेत हो सकता है।

ईयरफोन का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

Dr. Rajesh Bhardwaj बताते हैं कि युवाओं और बच्चों में यह समस्या खासतौर पर चिंता का कारण होती है, क्योंकि वे कई घंटे लगातार ईयरफोन का इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षित सुनने के लिए आवाज को बहुत ज्यादा बढ़ाने से बचना चाहिए और लगातार कई घंटों तक ईयरफोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

ईयरफोन या हेडफोन इस्तेमाल करने के दौरान बीच-बीच में कानों का आराम देना जरूरी है। शो वाली जगह पर आवाज को और ज्यादा बढ़ाने के बजाय नॉइज-कैंसिलिंग हेडफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि कम वॉल्यूम पर भी ऑडियो साफ सुनाई दे।

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डॉक्टर से कब संपर्क करें?

अगर कान में लगातार घंटी या सीटी की आवाज, सुनने में कमी, कान बंद लगना या बातचीत समझने में परेशानी हो रही है तो इसे नॉर्मल मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण बने रहने पर ENT स्पेशलिस्ट से जांच करवाना बहुत जरूरी है। तेज आवाज से होने वाली सुनने की समस्या में बचाव करना बहुत अहम माना जाता है, क्योंकि एक बार कान के सेंसिटिव सेल्स के डैमेज हो जाने के बाद उन्हें पहले जैसा करना आसान नहीं होता।

निष्कर्ष
Dr. Rajesh Bhardwaj का कहना है कि ईयरफोन पर तेज आवाज में संगीत सुनने या सीरीज देखने की लत सुनने की क्षमता को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकती है, जिसे ठीक करना काफी मुश्किल हो सकता है। इसलिए, कानों की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए कम वॉल्यूम पर ऑडियो सुनने, लंबे समय तक लगातार ईयरफोन के इस्तेमाल से बचने और बीच-बीच में कानों को आराम देना जरूरी है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • हेडफोन का इस्तेमाल कितना करना चाहिए?

    हेडफोन का इस्तेमाल 60/60 नियम के तहत यानी 60 मिनट 60 की वॉल्यूम पर इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा दिनभर में कुल 1 से 2 घंटे तक ही उपयोग करना चाहिए।
  • क्या हेडफोन लगाने से सिर दर्द होता है?

    हां, लगातार और ज्यादा देर तक हेडफोन लगाने से सिर में दर्द हो सकता है। टाइट हेडबैंड या ईयरपीस सिर, कनपटी या कानों की नसों पर प्रेशर डालते हैं, जिससे सिरदर्द होने लगता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 01, 2026 19:32 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Major Rajesh Bhardwaj