Wed Oct 28, 2026 | 07:11 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vinay Kumar Bahl , Head of Cardiovascular Sciences & Research - Metro Heart Institute, Noida

क्या सर्दियों में बीपी बढ़ जाता है? कारण सहित बचाव जानें दिल के डॉक्टर से

सर्दियों में हाई बीपी की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है और इसकी वजह से स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। दरअसल, इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है ब्लड सर्कुलेशन का स्लो होना, कैसे? जानते हैं विस्तार से।
क्या सर्दियों में बीपी बढ़ जाता है? कारण सहित बचाव जानें दिल के डॉक्टर सेक्या सर्दियों में बीपी बढ़ जाता है? कारण सहित बचाव जानें दिल के डॉक्टर से

सर्दियों में हाई बीपी की समस्या बहुत ज्यादा हो जाती है। दरअसल, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सर्दियों में तापमान के गिरावट होने के साथ ब्लड सर्कुलेशन स्लो हो जाता है और ब्लड वेसेल्स भी सिकुड़ जाते हैं। इससे दिल पर खून को पंप करने का प्रेशर पड़ता है, जिससे हाई बीपी की समस्या होती है। इसके अलावा सर्दियों का आपकी धमियों पर गहरा असर होता है जो कि हाई बीपी की वजह बन सकता है। जानते हैं इस बारे में Dr Vinay Kumar Bahl, Head of Cardiovascular Sciences & Research - Metro Heart Institute, Noida और Dr. G Dimpu Edwin Jonathan, Consultant - Interventional Cardiology, Aster RV Hospital, Bengaluru से।

सर्दियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण

सर्दियों में बीपी बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है धमनियों का सिकुड़न। दरअसल, Dr. G Dimpu Edwin Jonathan कहते हैं कि सर्दियों के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, खासकर बुजुर्गों और उन लोगों में जिन्हें पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की समस्या है। ठंड के कारण ब्लड वेसेल्स (blood vessels) सिकुड़ जाती हैं, जिसे 'वैसोकॉन्स्ट्रिक्शन' (vasoconstriction) कहा जाता है। Dr. Vinay  कहते हैं कि ब्लड वेसेल्स के सिकुड़ने से, शरीर में खून को पंप करने के लिए दिल को ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ सकता है।

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ठंड का धमनियों पर सीधा प्रभाव

डॉ. संजय कहते हैं कि मौसम बदलने के साथ शारीरिक गतिविधि, खान-पान और शरीर के वजन में होने वाले बदलाव भी ब्लड प्रेशर पर असर डाल सकते हैं। International Journal of Health Sciences में प्रकाशित यह स्टडी बताती है कि सर्दियों के दौरान गर्मियों की तुलना में सिस्टोलिक (systolic) और डायस्टोलिक (diastolic) ब्लड प्रेशर में महत्वपूर्ण वृद्धि स्पष्ट रूप से दर्ज की गई है। हाई बीपी में इस मौसमी बदलाव के कई संभावित कारण हैं जैसे

  • बाहरी तापमान में गिरावट के कारण शारीरिक गतिविधि में कमी आ जाती है जिससे ब्लड सर्कुलेशन स्लो पड़ जाता है।
  • इसके अलावा धूप की कमी से शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है। इसके अलावा विटामिन D सीरम कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है जिससे हाई बीपी की दिक्कत भी बढ़ सकती है।

ज्यादा नमक खाने के कारण

Dr. Vinay कहते हैं कि ठंड के मौसम में लोग अक्सर कम एक्सरसाइज करते हैं, नमक वाली चीजे ज्यादा खाते हैं जिससे शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ने लगती गै। इसके अलावा सर्दियों में वजन भी तेजी से बढ़ने लगता है और इन सभी कारणों से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

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सुबह के समय बीपी ज्यादा बढ़ सकता है

अचानक ठंड के संपर्क में आने से, खासकर सुबह-सुबह, ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ सकता है। बुज़ुर्गों और पहले से दिल या रक्त वाहिकाओं (cardiovascular) से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को विशेष रूप से सावधान रहना चाहिए।

दिल के डॉक्टर की सलाह: सर्दियों में बीपी कैसे नियंत्रित रखें?

डॉक्टर विनय कहते हैं कि अपना बचाव करने के लिए, घर पर नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करें। कोशिश करें कि रोज एक ही समय पर जांच करें। इसके अलावा

  • ठंड से बचने के लिए कई परत वाले कपड़े पहनें और अचानक बहुत ठंडी जगह पर जाने से बचें।
  • घर के अंदर या दिन के गर्म समय में नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी करें
  • संतुलित आहार लें जिसमें नमक कम हो, और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं नियमित रूप से लें।
  • डॉक्टर से सलाह लिए बिना अपनी दवाओं की डोज (मात्रा) में कोई बदलाव न करें।

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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो जांच और सही इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें। अगर ब्लड प्रेशर 180/120 mmHg या उससे ज्यादा हो जाए और साथ ही सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, कमजोरी, देखने में बदलाव या बोलने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लें।

निष्कर्ष:

डॉ. विनय कहते हैं कि हालांकि, सर्दियां शुरू होने के साथ अपनी सेहत का खास ख्याल रखें खासकर कि पुराने हाई बीपी के मरीज, दिल के रोगी और गर्भवती महिलाएं जिन्हें पहले से हाई बीपी की समस्या रही हो। इन सभी को सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा इस मौसम में जिन लोगों को स्ट्रोक का खतरा होता है उनके लिए भी सर्दियां स्ट्रेसफुल हो सकती हैं। इसलिए अपना अतिरिक्त ध्यान रखें और शरीर में कोई भी बदलाव महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

FAQ

  • हाई बीपी के मरीज को क्या खाना चाहिए

    हाई बीपी के मरीज को हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड्स से बचें।
  • हाई बीपी में तुरंत क्या खाना चाहिए?

    हाई बीपी में आपको केला, दही और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए जो कि बीपी कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 28, 2026 17:11 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Vinay Kumar Bahl