जिन लोगों का वजन ज्यादा है, उन्होंने अक्सर नोटिस किया होगा कि जरा सा खांसने या छींकने पर ही उनका यूरिन लीक हो जाता है। यह स्थिति काफी शर्मसार करने वाली होती है। लेकिन दिक्कत की बात यह है कि मोटापे से जूझ रहे लोग इसे कंट्रोल भी नहीं कर पाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि वजन ज्यादा होने पर पेशाब लीक होने का खतरा बढ़ क्यों जाता है?
इस बारे में Dr. Vineet Malhotra, Senior Consultant in Urology & Andrology, VNA Hospital, Delhi कहते हैं, "वजन ज्यादा होने के कारण पेट के निचले हिस्से पर काफी दबाव बनने लगता है। विशेष रूप से पेट या कमर के आसपास का मोटापा (सेंट्रल ओबेसिटी), मूत्राशय (ब्लैडर) और उसके आसपास के पेट के अंगों पर लगातार नीचे की ओर दबाव डालता है। इससे यूरिनरी ब्लैडर (मूत्राशय) पर भी दबाव बना रहता है, जिससे न चाहते हुए भी खांसते या छींकते हुए पेशाब लीक हो जाता है।"
मोटापा और ब्लैडर पर पड़ने वाला दबाव
How Excess Weight Increases The Risk Of Urinary Incontinence
जैसा कि हमने पहले ही जिक्र किया है कि मोटापे के कारण शरीर के तमाम अंदरूनी अंगों पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लैडर भरा होने के कारण पेशाब लीक होने लगता है। साल 2023 में Communications Medicine में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, यह समस्या अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त बुजुर्गों में अधिक देखी जाती है।
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पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर वजन का प्रभाव
Dr. Vineet Malhotra बताते हैं, "मोटापा सिर्फ ब्लैडर और अंदरूनी अंगों पर दबाव ही नहीं बनाता है, बल्कि इसकी वजह से मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां, लिगामेंट्स और कनेक्टिव टिश्यूज ब्लैडर को सपोर्ट देते हैं और यूरेथ्रा को बंद रखते हैं। मोटापे के कारण जैसे ही इस पर दबाव बनता है, इससे मांसपेशियां खिंच जाती हैं और कमजोर हो जाती हैं। यही कारण है कि अचानक छींकने या खांसने के कारण पेशाब लीक हो जाता है।"
स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटीनेंस और मोटापा
How Excess Weight Increases The Risk Of Stress Urinary Incontinence
मोटापे के कारण लोगों में स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटीनेंस (SUI) की समस्या भी हो जाती है। इस संबंध में Dr. Vineet Malhotra स्पष्ट करते हैं कि पेट के अतिरिक्त भार के कारण पेल्विक से मिलने वाला सपोर्ट कमजोर हो जाता है। वहीं, पेट के अंदरूनी दबाव के कारण व्यक्ति के लिए पेशाब को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में छींकने, खांसने, हंसने और व्यायाम के दौरान अनजाने में पेशाब लीक हो जाता है।"
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वजन घटाकर यूरिन लीकेज से कैसे पाएं छुटकारा?
मोटापे के कारण हो रहे यूरिन लीकेज से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिए आपको यहां बताए गए कुछ टिप्स अपनाने होंगे, जैसे-
- NHS के अनुसार, अपने बढ़ते वजन को कम करें ताकि कमजोर पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूती मिल सके और पेशाब की लीकेज की समस्या में कमी आ सके।
- अगर कब्ज की समस्या है, तो इससे भी राहत पाने के लिए अपनी डाइट में सुधार करें। फाइबर युक्त चीजों का सेवन करना अधिक फायदेमंद है।
- पेल्विक मसल्स को मजबूती प्रदान करने के लिए कीगल एक्सरसाइज करें। इस संबंध में फिजिकल थेरेपिस्ट की मदद ले सकते हैं।
- ब्लैडर को इरिटेट करने वाली चीजें जैसे कैफीन और शराब से दूर रहें। जो लोग इस तरह की चीजों का सेवन करते हैं, उन्हें पेशाब लीके की समस्या अधिक होती है।
- ब्लैडर ट्रेनिंग भी इस मामले में आपकी मदद कर सकती है। प्रत्येक 2-3 घंटे में पेशाब करने की आदत बनाएं। इस तरह आपकी बाॅडी को एक ट्रेनिंग मिलती है और पेशाब लीकेज की समस्या में कमी आती है।
डॉक्टर की सलाह
मोटापे के कारण यूरिन लीकेज की परेशानी होती है। इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। अगर खांसते, छींकते या वर्कआउट करते हुए पेशाब लीक हो जाता है, तो बेहतर है कि अपनी जीवनशैली में सुधार करें। नियमित रूप से हेल्दी वर्कआउट करें और डाइट में भी स्वस्थ चीजों को ही शामिल करें। हां, अगर इसके बावजूद यूरिन लीकेज की समस्या बनी हुई है, तो बेहतर होगा कि आप डाॅक्टर से संपर्क कर अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
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निष्कर्ष
मोटापा और यूरिन लीकेज का आपस में गहरा संबंध है। मोटापा शरीर के सभी अंगों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, पेल्विक फ्लोर को कमजोर करता है और पेशाब को लंबे समय तक होल्ड करने की क्षमता में भी कमी करता है। अपने कुल वजन का सिर्फ 5 फीसदी कम करके आप यूरिन इनकंटीनेंस की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
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FAQ
क्या गर्भावस्था के दौरान बढ़ा हुआ वजन डिलीवरी के बाद भी स्थायी यूरिन लीकेज का कारण बन सकता है?
अगर डिलीवरी के बाद पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए कीगल व्यायाम न किया जाए, तो अतिरिक्त वजन का खिंचाव लंबे समय तक यूरिन इनकंटीनेंस का कारण बन सकता है।क्या टाइप-2 डायबिटीज मोटापे से जुड़े यूरिन लीकेज के खतरे को और बढ़ा देती है?
हां, डायबिटीज से होने वाली नसों की क्षति ब्लैडर के नर्व सिग्नल्स को कमजोर कर देती हैं, जिससे पेशाब रोकने की क्षमता कम हो जाती है।
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Current Version
Oct 28, 2026 16:32 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra
