Fri Sep 25, 2026 | 03:33 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deepak Prajapat , Senior Consultant – Pulmonary & Critical Care Metro Hospitals Noida & Preet Vihar

World Lung Day 2026: फेफड़ों को हेल्दी रखना है, तो अपनाएं डॉक्टर की बताई ये 5 आदतें

फेफड़ों को स्वस्थ रखने लिए जरूरी है कि आप अपनी जीवनशैली में अच्छी आदतों को ही अपनाएं, जैसे नियमित रूप से वर्कआउट करें, हाइड्रेटेड रहें और सही डाइट फॉलो करें। अच्छी जीवनशैली किस तरह फेफड़ों को लाभ पहुंचाती है, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
World Lung Day 2026: फेफड़ों को हेल्दी रखना है, तो अपनाएं डॉक्टर की बताई ये 5 आदतेंWorld Lung Day 2026: फेफड़ों को हेल्दी रखना है, तो अपनाएं डॉक्टर की बताई ये 5 आदतें

लंग्स हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है। इसमें जरा भी खराबी आती है, तो हमारे लिए सही तरह से सांस लेना मुश्किल हो जाता है, जिससे ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती है। इसका प्रभाव शरीर के अन्य अंगों की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है। यही कारण है कि हमें अपने लंग्स को हेल्दी रखने के लिए स्वस्थ और अच्छी आदतों को अपनाना चाहिए। इसमें स्मोकिंग न करना, नियमित रूप से एक्सरसाइज करना जैसी आसान और स्वस्थ आदतें शामिल हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि वर्ल्ड लंग डे (World Lung Day) हर साल 25 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य फेफड़ों के स्वास्थ्य के महत्व के प्रति दुनिया भर में जागरूकता फैलाना, सांस से संबंधित बीमारियों से बचाव करना, समय पर जांच और बेहतर इलाज को बढ़ावा देना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी स्वस्थ आदतों के बारे में बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपने लंग्स को लंबे समय तक हेल्दी रख सकते हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Deepak Prajapat, Pulmonologist, Metro Heart Institute, Noida से बात की।

लंग्स की सेहत में सुधार कैसे करें?

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स्मोकिंग से दूर रहें

लंग्स को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है कि आप स्मोकिंग जैसी बुरी आदतों से पूरी तरह दूर रहें। यहां तक कि सेकेंड हैंड स्मोकिंग भी न करें। American Lung Association की मानें, तो लंबे समय से स्मोक करने से सांस लेने की नली संकुचित हो जाती है। ऐसे में सांस लेना काफी कठिन हो जाता है। ध्यान रखें कि जो व्यक्ति जितने लंबे समय से स्मोकिंग करता है, उनके एयरवेज में उतनी पुरानी यानी क्रॉनिक सूजन आ जाती है। ऐसे में सीओपीडी जैसी जानलेवा बीमारियों का रिस्क भी बढ़ जाता है।

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एक्सरसाइज जरूर करें

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भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय का अभाव हो गया है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग वर्कआउट करने से बचते हैं। अगर आप अपने लंग्स को हमेशा जवां बनाए रखना चाहते हैं, तो बेहतर है कि आप रोज एक्सरसाइज करें। National Heart, Lung and Blood Institute नियमित रूप से वर्कटाउट से दिल और फेफड़ों को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे शरीर के सभी ऑर्गन बेहतर तरीके से काम करते हैं।

डाॅ. दीपक प्रजापत कहते हैं, "नियमित शारीरिक गतिविधि करने से फेफड़ों में चोट या बीमारी का जोखिम काफी कम हो जाता है। हालांकि, किसी भी तरह की एक्सरसाइज को अपनी रेगुलर लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाने से पहले एकसपर्ट की सलाह लेना न भूलें। विशेषकर, जिन्हें लंग्स या हार्ट से जुड़ी कोई समस्या है, तो वे इस बात का खास ध्यान रखें।"

हेल्दी डाइट फॉलो करें

हेल्दी डाइट भी लंग्स को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जरूरी है। American Lung Association में प्रकाशित लेख से भी इस बात की पुष्टि होती है कि सही डाइट लंग्स को हेल्दी रखने के लिए अति आवश्यक है। असल में, एक ही किस्म की डाइट से शरीर को सभी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं। पोषक तत्व शरीर के लिए फ्यूल का काम करते हैं। ऑक्सीजन की मदद से भोजन को ऊर्जा में बदलने की यह प्रक्रिया सिर्फ फेफड़ों की मदद से ही पूरी होती है।

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हाइड्रेटेड जरूर रहें

साल 2023 में Advances in Respiratory Medicine (MDPI) में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन से इस बात की पुष्टि होती है कि फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए शरीर में पर्याप्त पानी का होना भी जरूरी है। सवाल है, ऐसा क्यों? रिपोर्ट में बताया गया है पर्याप्त पानी पीने से शारीरिक गतिविधियों या वर्कआउट के दौरान फेफड़ों पर अचानक दबाव नहीं पड़ता, जिससे मरीजों में एक्सरसाइज के दौरान होने वाली सांस की तकलीफ का जोखिम भी कम हो जाता है। यही नहीं, शरीर में पानी की कमी से फेफड़ों की नलियां ड्राई होकर सिकुड़ने लगती हैं। ऐसे में सांस से संबंधित समस्या हो सकती है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए आवश्यक है कि खुद को हाइड्रेटेड रखें।

डीप ब्रीदिंग करें

डाॅ. दीपक प्रजापत बताते हैं कि लंग्स को हेल्दी रखने के लिए आप डीप ब्रीदिंग से जुड़े अलग-अलग एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे न सिर्फ लंग्स की कार्यप्रणाली बेहतर होती है, बल्कि तनाव की स्थिति में भी सांस को नियंत्रण में रखने में मदद मिलती है। डाॅ. दीपक प्रजापत आगे कहते हैं, "ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से फेफड़ों की ताकत और सहनशक्ति में सुधार होता है। नतीजतन, सांस अंदर खींचने वाली मांसपेशियों की कार्यक्षमता में सुधार देखने को मिलता है।"

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निष्कर्ष

हमारी जीवनशैली कई तरह की बुरी आदतों से घिरी हुई है। एक्सरसाइज न करना, लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना और सही डाइट फॉलो न करना। ये ऐसी आदतें हैं, जो हमारे समग्र स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। खासकर, लंग्स की बात करें, तो निष्क्रिय और जीवनशैली से जुड़ी बुरी आदतों के कारण उसकी कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि अच्छी आदतों को अपनाएं, जैसे स्मोकिंग कभी न करें, सेकेंड हैंड स्मोकिंग से बचें, नियमित रूप से वर्कआउट करें और ब्रीदिंग एक्सरसाइज को भी महत्व दें।

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FAQ

  • क्या फेफड़ों को साफ करने के लिए स्टीम लेना फायदेमंद है?

    स्टीम लेने से सांस की नलियों में मौजूद गाढ़े बलगम पतला हो जाता है, जिससे गले या नाक के रास्ते में आई सूजन को कम करने में तुरंत आराम मिलता है।
  • घर की अंदरूनी हवा फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचाती है?

    घर के अंदर धूपबत्ती, अगरबत्ती का धुआं, खाना बनाते समय उठने वाला धुआं आदि चीजें फेफड़ों में जाकर क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन और एलर्जी का कारण बनते हैं। इसके लिए घर में वेंटिलेशन और एयर प्यूरिफायर की मदद ली जा सकती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 25, 2026 14:04 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Deepak Prajapat

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