शरीर में दो फेफड़े मिलकर सांस लेने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को गंभीर बीमारी, सर्जरी या संक्रमण होने के कारण एक फेफड़े में खराबी आ सकती है। ऐसे मामले में अक्सर लोग चिंता करते हैं कि क्या वे सामान्य जीवन बिता सकते हैं। वर्ल्ड लंग डे (World Lung Day) के मौके पर Bangalore के Aster CMI Hospital के Interventional Pulmonology विभाग के Lead Consultant Senior Consultant Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि अगर दूसरा फेफड़ा स्वस्थ है, तो व्यक्ति काफी हद तक सामान्य जीवन बिता सकता है। हालांकि, यह स्थिति हर मरीज के लिए अलग हो सकती है।
क्या एक फेफड़े के साथ जीना संभव है?
Dr. Sunil Kumar K कहते हैं, “अगर स्वस्थ फेफड़ा शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने में सक्षम है, तो एक फेफड़े के साथ भी व्यक्ति सामान्य या लगभग सामान्य जिंदगी जी सकता है। हालांकि, यह मरीज की उम्र, हार्ट की सेहत, दूसरे फेफड़े की कार्यक्षमता और फेफड़े को नुकसान पहुंचने की वजह पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को फिजिकल एक्टिविटीज के दौरान पहले के मुकाबले जल्दी थकान या सांस फूलने की परेशानी हो सकती है, जबकि कुछ लोग रोजमर्रा के काम आसानी से कर लेते हैं।”
Hopkins Medicine के अनुसार, शरीर को काम करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है और इसके साथ कार्बन डाइऑक्साइड को शरीर से बाहर निकालने की जरूरत होती है। अगर किसी का सर्जरी के जरिए एक फेफड़ा निकाल दिया जाए, तो इसे न्यूमोनेक्टॉमी कहा जाता है। इस सर्जरी के बाद मरीज अगर अपने स्वस्थ फेफड़े का सही तरीके से ध्यान रखता है, तो एक फेफड़े के साथ रह सकता है।
एक फेफड़े को स्वस्थ रखने के लिए क्या करना चाहिए?
Dr. Sunil Kumar K ने कहा, “जो लोग एक फेफड़े के साथ जी रहे हैं, उन्हें अपनी मेडिकल कंडीशन के अनुसार ही काम करना चाहिए। ज्यादा शारीरिक गतिविधि करने से सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए मरीजों को अपने स्वस्थ फेफड़े को बचाने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।”
1. एक्सरसाइज करना
Dr. Sunil Kumar K ने बताया कि फेफड़े की सर्जरी का कारण कैंसर या गंभीर संक्रमण होता है, तो ऐसे में शरीर को नई स्थिति में ढलने में कुछ समय जरूर लग सकता है। डॉक्टर की सलाह पर हल्की वॉक की जा सकती है और धीरे-धीरे अपनी एक्टिविटीज बढ़ाई जा सकती हैं। बहुत ज्यादा थका देने वाले काम करने से मरीजों को बचना चाहिए। अगर डॉक्टर ने सांस से जुड़ी एक्सरसाइज या पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन की सलाह दी है, तो उसे रेगुलर तरीके से करना मददगार हो सकता है।
2. स्मोकिंग से बचाव जरूरी
Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि जिन लोगों का एक ही स्वस्थ फेफड़ा है, उन्हें धूम्रपान या वेपिंग से पूरी तरह से दूरी रखनी चाहिए। ऐसे मरीजों को न तो खुद स्मोक करना चाहिए और साथ ही दूसरे लोगों के किए जा रहे स्मोक के धुएं से बचना चाहिए। सेकंड-हैंड स्मोकिंग फेफड़े के लिए खतरनाक हो सकती है।
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3. धूल और प्रदूषण से बचाव
Dr. Sunil Kumar K ने कहा, “एक फेफड़े के साथ जी रहे लोगों को धूल, मिट्टी, निर्माण की जगह, प्रदूषण, केमिकल के धुएं और फेफड़ों में जलन पैदा करने वाली सभी चीजों से बचना जरूरी है। अगर काम की वजह से किसी प्रदूषण वाली जगह पर जाना जरूरी है, तो अच्छी तरह फिट होने वाला N95 मास्क इस्तेमाल किया जा सकता है।”
4. इंफेक्शन से बचाव भी जरूरी
Dr. Sunil Kumar K के अनुसार, जो लोग एक फेफड़े के साथ जी रहे हैं, उन्हें इंफेक्शन होने का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह लेकर जरूरी वैक्सीनेशन कराना चाहिए। इसमें इन्फ्लुएंजा, COVID-19 और न्यूमोकोकल वैक्सीन शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, डॉक्टर ने जो दवाएं लेने की सलाह दी है, उन्हें सही समय और सही डोज के साथ लेनी चाहिए। खुद से किसी भी दवा को बंद न करें।
5. डाइट और नींद का ध्यान रखना जरूरी
Dr. Sunil Kumar K का कहना है, “एक फेफड़े को सेहतमंद रखने के लिए बैलेंस्ड डाइट और पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए। पौष्टिक आहार के लिए डॉक्टर से सलाह लें और यह भी जानें कि किन चीजों को खाने से बचना चाहिए। इसके साथ वजन को कंट्रोल में रखना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे लोगों को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।”
डॉक्टर की सलाह
Dr. Sunil Kumar K लोगों को सलाह देते हैं कि एक फेफड़े के साथ जीने वाले लोगों को नियमित रूप से डॉक्टर से फॉलो-अप कराते रहना चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार लंग फंक्शन, ऑक्सीजन लेवल और कुछ मामलों में छाती का एक्स-रे कराने की सलाह दी जा सकती है। अगर किसी को सांस फूलने की समस्या पहले से बढ़ने लगे, लगातार खांसी हो, बुखार आए, बलगम बढ़ जाए या सीने में दर्द हो, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
निष्कर्ष
अगर मरीज का एक फेफड़ा निकल जाए, तो कुछ समय में शरीर नई कंडीशंस को अपना लेता है, लेकिन इसके साथ मरीज को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वह फेफड़ों को धूल, प्रदूषण, स्मोकिंग और संक्रमण से बचा कर रखें, तो एक स्वस्थ फेफड़े के साथ भी जीवन मुमकिन है।
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FAQ
एक फेफड़े पर जीवित रहने वाला व्यक्ति क्या-क्या सामान्य काम कर सकता है?
व्यक्ति अपनी दिनचर्या के लगभग सभी काम, जैसे हल्की कसरत, ऑफिस का काम, वॉक करना और सफर कर सकता है। भारी कामों से बचना चाहिए।क्या डैमेज हो चुका फेफड़ा दवाइयों या सर्जरी से दोबारा ठीक हो सकता है?
अगर फेफड़ा टीबी, कैंसर या निमोनिया से पूरी तरह सिकुड़ या सड़ चुका है, तो वह दोबारा ठीक नहीं हो सकता। हालांकि, इंफेक्शन को फैलने से रोकने के लिए डॉक्टर दवाएं देते हैं या डैमेज फेफड़े को सर्जरी से निकाल देते हैं।
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Sep 25, 2026 12:01 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Sunil Kumar K
