Tue Sep 29, 2026 | 05:59 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vikash Goyal , Cardiologist

World Heart Day 2026: बीपी नॉर्मल है फिर भी हो सकता है Heart Attack? डॉक्टर से जानें दिल के छिपे जोखिम

ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने के बावजूद हार्ट अटैक का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता है। यहां कार्डियोलॉजिस्ट से जानिए, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, स्मोकिंग और दूसरे कौन से छिपे जोखिम दिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
World Heart Day 2026: बीपी नॉर्मल है फिर भी हो सकता है Heart Attack? डॉक्टर से जानें दिल के छिपे जोखिमWorld Heart Day 2026: बीपी नॉर्मल है फिर भी हो सकता है Heart Attack? डॉक्टर से जानें दिल के छिपे जोखिम

आज के समय में बिजी लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान की आदतों के कारण हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ चुका है। कई लोगों को लगता है कि ब्लड प्रेशर नॉर्मल है, तो क्या हार्ट अटैक का खतरा नहीं होता है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि सिर्फ ब्लड प्रेशर नॉर्मल होना दिल की बीमारी से पूरी प्रोटेक्शन की गारंटी नहीं देता है। गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल के अनुसार, हार्ट अटैक का जोखिम केवल ब्लड प्रेशर से तय नहीं होता है। शरीर में बढ़ा हुआ LDL कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान, मोटापा, परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज का इतिहास और कुछ आनुवंशिक कारक भी धमनियों में प्लाक बनने और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकते हैं।

नॉर्मल ब्लड प्रेशर के बावजूद दिल की बीमारी के छिपे कारण

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार, हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मसल्स तक खून पहुंचाने वाली धमनी में ब्लड फ्लो अचानक बाधित हो जाता है। अक्सर इसके पीछे धमनी की दीवार में जमा प्लाक के टूटने और वहां खून का थक्का बनने की प्रोसेस होती है।

नॉर्मल ब्लड प्रेशर होना अच्छी बात है, लेकिन इससे दूसरे जोखिम खत्म नहीं हो जाते। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति का LDL कोलेस्ट्रॉल लंबे समय से बढ़ा हुआ हो सकता है और वह बाहर से बिल्कुल हेल्दी और बीपी भी नॉर्मल नजर आ सकता है।

  • सबसे पहले कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल पर ध्यान देना जरूरी है। डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस के साथ शरीर में ऐसे बदलाव हो सकते हैं जो ब्लड वैसेल्स और लिपिड प्रोफाइल को प्रभावित करते हैं।
  • इसके अलावा धूम्रपान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, ज्यादा वजन और क्रोनिक किडनी डिजीज भी जोखिम कारक हैं।
  • अगर माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार को कम उम्र में कोरोनरी हार्ट डिजीज हुई है, तो डॉक्टर व्यक्ति के रिस्क असेसमेंट में इसे शामिल कर सकते हैं।
  • Lipoprotein(a) यानी Lp(a) का लेवल काफी हद तक आनुवंशिक होता है और ज्यादा Lp(a) हार्ट डिजीज तथा स्ट्रोक के जोखिम से जुड़ा है।
  • खास बात यह है कि हाई Lp(a) आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देता और सामान्य लिपिड प्रोफाइल में इसकी अलग से जांच नहीं होती।

साल 2006 में The American Journal of Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, प्री-हाइपरटेंशन दिल की बीमारी के खतरे को काफी बढ़ा देता है। रिसर्च के अनुसार, जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य से ज्यादा होता है, उनमें दिल की बीमारियों का जोखिम सामान्य ब्लड प्रेशर वालों की तुलना में लगभग दोगुना या उससे ज्यादा होता है। यह खतरा डायबिटीज के मरीजों और ज्यादा वजन (high BMI) वाले लोगों में और भी ज्यादा गंभीर रूप से देखा गया है। इसलिए, ब्लड प्रेशर को शुरुआती लेवल पर ही कंट्रोल रखना बेहद जरूरी है।

heart attack despite normal BPheart attack despite normal BP

इसे भी पढ़ें: खर्राटे लेते हैं, तो आपको हो सकता है दिल की बीमारी का ज्यादा खतरा, डॉक्टर से समझें क्या है कनेक्शन

कौन से लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हों?

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल सलाह देते हैं कि हार्ट अटैक का लक्षण हमेशा अचानक होने वाला तेज सीने में दर्द ही नहीं होता है। सीने में दबाव या जकड़न, सांस फूलना, असामान्य कमजोरी या थकान, ठंडा पसीना, चक्कर या दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक पहुंचना चेतावनी संकेत हो सकते हैं। कुछ हार्ट अटैक बहुत हल्के लक्षणों के साथ या बिना साफ लक्षण के भी हो सकते हैं। साल 2021 में American Heart Association में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, डायबिटीज वाले लोगों में कभी-कभी लक्षण कम स्पष्ट हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: World Heart Day 2026: परिवार में रही है दिल की बीमारी? जानें किस उम्र से शुरू कर देना चाहिए हार्ट चेकअप

डॉक्टर की सलाह

डॉ. विकास गोयल की सलाह के अनुसार, हार्ट हेल्थ को समझने के लिए केवल ब्लड प्रेशर की रीडिंग पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ब्लड प्रेशर के साथ लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, वजन, धूम्रपान की आदत, पारिवारिक इतिहास और जरूरत पड़ने पर Lp(a) जैसे जोखिम कारकों की भी जांच जरूरी हो सकती है।

निष्कर्ष

नॉर्मल ब्लड प्रेशर का मतलब हार्ट अटैक का खतरा बिल्कुल खत्म होना नहीं है। कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान, मोटापा, फैमिली हिस्ट्री और आनुवंशिक जोखिम जैसे कई दूसरे कारक भी जरूरी हैं। World Heart Day 2026 पर सबसे जरूरी संदेश यही है कि हार्ट हेल्थ को केवल ब्लड प्रेशर के एक नंबर से नहीं, बल्कि पूरे कार्डियोवैस्कुलर रिस्क प्रोफाइल के आधार पर समझें और जरूरत होने पर समय रहते डॉक्टर से सलाह लें।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या पतले और फिट दिखने वाले व्यक्ति को भी हार्ट अटैक हो सकता है?

    शरीर का वजन अकेला हार्ट डिजीज का जोखिम तय नहीं करता। आनुवंशिक कारण, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और अन्य कारक भी भूमिका निभा सकते हैं।
  • क्या तनाव से हार्ट अटैक हो सकता है?

    लंबे समय तक रहने वाला तनाव नींद, ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
  • क्या हार्ट अटैक से पहले हमेशा सीने में दर्द होता है?

    ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ लोगों में सांस फूलना, असामान्य कमजोरी, पसीना या चक्कर जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

Read Next

→ नीम की दातून Vs टूथपेस्ट: दांतों के लिए क्या है बेहतर? डेंटिस्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 29, 2026 16:07 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Vikash Goyal