Tue Sep 29, 2026 | 03:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Lokesh Bahadur Singh , Sr. Consultant Dental Surgeon

नीम की दातून Vs टूथपेस्ट: दांतों के लिए क्या है बेहतर? डेंटिस्ट से जानें

नीम की दातून जहां मुंह की बदबू दूर करने के साथ पूरे ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद है, वहीं टूथपेस्ट दांतों को सड़न से बचाने के लिए जरूरी है। ऐसे में इन दोनों में से क्या बेहतर है? जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट की राय।
नीम की दातून Vs टूथपेस्ट: दांतों के लिए क्या है बेहतर? डेंटिस्ट से जानेंनीम की दातून Vs टूथपेस्ट: दांतों के लिए क्या है बेहतर? डेंटिस्ट से जानें

आपने गांव में देखा होगा कि लोग नीम की दातुन करते हैं और इस टूथपेस्ट की तुलना ज्यादा बेहतर बताते हैं। हालांकि, Dr. Surbhi Singh, Dentist, Kailash Hospital, Dehradun, Uttarakhand का इस पर कुछ और मत है और डॉ. सुरभि बताती हैं कि अगर आप एक डेंटिस्ट के तौर पर मुझसे पूछें कि आपको नीम की दातून इस्तेमाल करनी चाहिए या टूथपेस्ट, तो मैं कहूंगी कि रोजाना ब्रश करने के लिए टूथपेस्ट और खासकर फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट इस्तेमाल करना चाहिए। इसके आगे देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह नीम की दातून और टूथपेस्ट की तुलना करते हुए बहुत कुछ बताते हैं, जानते हैं विस्तार से।

नीम की दातून Vs टूथपेस्ट: दांतों के लिए कौन सा बेहतर?

डॉ. लोकेश बहादुर सिंह कहना है कि जब बात नीम की दातून और टूथपेस्ट की होती है तो भले ही आपको लगे कि नीम की दातुन ज्यादा फायदेमंद है लेकिन यह बहुत पुरानी बात हो चुकी है हालांकि, अब भी इसका इस्तेमाल काफी तर्क संगत है जैसा कि डॉ. सुरभि का भी एक मत है-

दांतों के लिए नीम की दातुन कैसे फायदेमंद है?

डॉ. सुरभि कहती है कि मार्केट में अब कई प्रकार के टूथपेस्ट आ गए हैं इसका मतलब यह नहीं है कि नीम की दातुन बेकार है। नीम का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से मुंह की सफाई के लिए किया जाता रहा है और अगर आप दातुन का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं, तो

  • यह दांतों को साफ करने और प्लाक हटाने में मदद कर सकती है। प्लाक असल में बैक्टीरिया की वह चिपचिपी परत होती है जो आपके दांतों पर जमा होती रहती है और ऐसे में नीम की दातुन ज्यादा फायदेमंद है।
  • Journal of Clinical and Diagnostic Research के अनुसार नीम के अर्क में दांतों में सड़न पैदा करने वाले बैक्टीरिया (Streptococcus mutans) के खिलाफ रोगाणुरोधी क्षमता (antimicrobial activity) पाई गई है जिससे कैविटी की समस्या नहीं होती।
  • नीम में निम्बिडिन जैसे एक्टिव इंग्रीडिएंट होते हैं जो स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटांस जैसे कैविटी पैदा करने वाले रोगाणुओं से लड़ते हैं।
  • नीम का एंटी बैक्टीरियल गुण पूरे मुंह की सफाई में मददगार है इसलिए नीम की दातुन करने मुंह से आने वाली बदबू भी दूर होती है।
  • नीम का सूजनरोधी गुण सूजन और गम ब्लीडिंग को कम करते हैं और मसूड़ों की सूजन का खतरा घटाते हैं।
  • नीम लार में बेसिक पीएच बनाए रखने में मदद करता है जिससे दांतों के इनेमल की रक्षा होती है।

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टूथपेस्ट क्यों फायदेमंद है?

डॉ. सुरभि कहती है कि हालांकि, नीम के दातुन के कई फायदे हैं, लेकिन जरूरी बात यह है कि फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट आपको एक अतिरिक्त फायदा देता है।

  • फ्लोराइड एक मिनरल है जो आपके दांतों की बाहरी परत, जिसे इनेमल कहते हैं, उसको मजबूत बनाता है और कैविटी से लड़ने में मदद करता है। यह फायदा आपको साधारण नीम की दातुन से उस तरह नहीं मिल पाता।
  • टूथपेस्ट से मुंह की बदबू दूर होती है और ओरल हेल्थ भी बेहतर रहता है।
  •  टूथब्रश और फ्लॉस दांतों के बीच की उन तंग जगहों तक पहुंचते हैं जहां कठोर या मोटे रेशे अक्सर नहीं पहुंच पाते।

क्या है बेहतर विकल्प?

डॉ. सुरभि कहती है कि दातुन में फ्लोराइड नहीं होता, गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यह बहुत ज्यादा खुरदरा हो सकता है और इससे झाग भी नहीं बनता। अगर आपको दातून इस्तेमाल करना पसंद है, तो आप इसे इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन कृपया इसे धीरे-धीरे इस्तेमाल करें। दांतों को जोर-जोर से न रगड़ें और न ही बहुत सख्त लकड़ी का इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे आपके मसूड़ों को चोट लग सकती है और दांतों की ऊपरी सतह घिस सकती है। इसलिए, रोजाना मुंह की सफाई के लिए, मैं फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से दिन में दो बार ब्रश करने की सलाह दूंगी और याद रखें, दांतों के बीच की सफाई भी जरूरी है और टूथपेस्ट ये काम ज्यादा अच्छे तरीके से कर सकता है।

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निष्कर्ष:

अंत में बस इतना समझें कि आपको अपने दांतों के साथ पूरे मुंह की सफाई के बारे में सोचना चाहिए और इसी के अनुसार आपको सही चुनाव करना चाहिए। इसके अलावा अगर आपके मसूड़ों से लगातार खून आता है, सेंसिटिविटी, दर्द या मुंह से बदबू की समस्या है, तो कृपया डेंटिस्ट को दिखाएं। दांत से जुड़ी किसी भी समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें क्योंकि दिक्कत बढ़ सकती है और बाद में आपको लंबा इलाज करवाना पड़ सकता है।

FAQ

  • रोज नीम की दातून करने के क्या फायदे हैं?

    रोज नीम की दातून करने से आपके दांतों में सड़न नहीं होती क्योंकि नीम एंटी बैक्टीरियल है। इसके अलावा नीम मुंह की बदबू को दूर करने में भी मददगार है।
  • दातुन कब करना चाहिए?

    दातुन हमेशा सुबह के समय खाली पेट करना चाहिए क्योंकि इस समय मुंह के बैक्टीरिया अच्छी तरह से साफ हो जाते हैं। साथ ही दातुन का अर्क मुंह के साथ पेट में भी जाता है जिससे सेहत से जुड़े अन्य फायदे हो सकते हैं।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 29, 2026 14:37 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Lokesh Bahadur Singh