Wed Oct 14, 2026 | 07:11 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar K , Pulmonology

कमजोर फेफड़ों के क्या लक्षण हैं? जानें फेफड़ों के इन्फेक्शन में क्या खाएं और क्या नहीं?

Symptoms Of Weak Lungs: फेफड़ों की सेहत सही रखना बेहद जरूरी है, ऐसे में अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्या हैं ये लक्षण, जानते हैं एक्सपर्ट से।
कमजोर फेफड़ों के क्या लक्षण हैं? जानें फेफड़ों के इन्फेक्शन में क्या खाएं और क्या नहीं?कमजोर फेफड़ों के क्या लक्षण हैं? जानें फेफड़ों के इन्फेक्शन में क्या खाएं और क्या नहीं?

Symptoms Of Weak Lungs: फेफड़ों को हेल्दी रखना बेहद जरूरी होता है क्योंकि इस अंग के सहारे ही हम सांस ले रहे हैं। दरअसल, आजकल जिस तरह से वातावरण प्रदूषित होता जा रहा है और लाइफस्टाइल खराब हो गई है ऐसी स्थिति में फेफड़ों को हेल्दी रखना मुश्किल हो जाता है इसलिए जरूरी है कि आप कमजोर होते फेफड़ों के लक्षणों पर खास ध्यान दें और शुरुआत में ही डॉक्टर के पास चले जाएं। इन्हीं लक्षणों के बारे में हमने Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bangalore से बात की और साथ ही जाना कि फेफड़ों के इन्फेक्शन में क्या खाएं और क्या नहीं?

कमजोर फेफड़ों के लक्षण क्या हैं?

Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि कमजोर फेफड़े कोई खास मेडिकल डायग्नोसिस नहीं है, लेकिन लोग इसका इस्तेमाल फेफड़ों की कमजोर फंक्शन या सांस लेने की समस्याओं के लिए कर सकते हैं। अगर किसी के फेफड़े कमजोर हैं को आम लक्षणों में ये तमाम समस्याओं को महसूस कर सकते हैं जैसे

  • सांस फूलना
  • बार-बार खांसी आना
  • सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना
  • सीने में जकड़न
  • सामान्य कामों के दौरान थकान
  • बार-बार फेफड़ों में इन्फेक्शन होना या फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां होना।

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फेफड़ों के इंफेक्शन के दौरान क्या खाना चाहिए?

डॉ. सुनील बताते हैं कि फेफड़ों के इंफेक्शन के दौरान, ठीक होने के लिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ, कैलोरी और प्रोटीन की जरूरत होती है। ऐसे में

  • सबसे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • गर्म सूप लें
  • काली मिर्च का काढ़ा
  • लौंग और अदरक काढ़ा
  • हल्दी और मुलेठी जैसे मसालों का सेवन

अन्य बिना अल्कोहल वाले तरल पदार्थ डिहाइड्रेशन से बचाने और बलगम को आसानी से निकालने में मदद कर सकते हैं। व्यक्ति के खान-पान के आधार पर दाल, बीन्स, मसूर, दही, अंडे, पनीर, मछली या लीन मीट जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन प्रदान कर सकते हैं।

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फल और सब्जियां विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्व प्रदान करते हैं जो फेफड़ों के फंक्शन को बेहतर बनाते हैं। जब किसी की भूख कम हो, तो खिचड़ी, दलिया, चावल, पकी हुई सब्जियां और सूप जैसे नरम खाद्य पदार्थों को खाना आसान हो सकता है।

Oxford Academic की इस स्टडी में बताया गया है कि फेफड़ों के रोग खास अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। फेफड़ों के फंक्शन को बेहतर बनाने के लिए कम फैट या कम कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाना चाहिए जबकि एंटी इंफ्लेमेटरी फूड्स जैसे हल्दी, अदरक और दालचीनी का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा आप मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स जैसे एवोकाडो, जैतून का तेल, नट्स, नट बटर, अखरोट, अलसी सीड्स और चिया सीड्स का सेवन कर सकते हैं। इन तमाम एंटी इंफ्लेमेटरी फूड्स के बारे में The Nutrition Source नामक जर्नल में बताया गया है।

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फेफड़ों के इंफेक्शन के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए?

फेफड़ों के इंफेक्शन के दौरान दौरान, स्मोकिंग और दूसरों के धुएं के संपर्क में आने, ज्यादा शराब पीने और ऐसे खाने से बचना चाहिए जो एसिड रिफ्लक्स या गले में जलन जैसे लक्षणों को और खराब करते हैं। ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा तेल मसाले वाली चीजों के सेवन से बचें क्योंकि इससे गले में जलन होती है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

ये पूछने पर डॉ. सुनील बताते हैं कि कई हफ्तों तक रहने वाली खांसी, खांसी के साथ खून आना, सीने में तेज दर्द, होंठ नीले पड़ना या अचानक सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। जिन लोगों को लंबे समय से लक्षण हैं, उन्हें यह मान लेने के बजाय कि उनके फेफड़े बस कमजोर हैं, असल वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। साथ ही आराम करना भी जरूरी है क्योंकि इंफेक्शन से लड़ने के लिए शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है। अगर बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, कन्फ्यूजन, डिहाइड्रेशन या खांसी का बढ़ना जैसे लक्षण दिखें, तो मेडिकल जांच जरूरी है, खासकर बुज़ुर्गों और फेफड़ों या दिल की पहले से मौजूद बीमारियों वाले लोगों के लिए।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. सुनील कहते हैं कि फेफड़ों के इंफेक्शन को ठीक करने वाला कोई एक खास खाना नहीं है। डाइट को मेडिकल इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि उसमें मदद करने वाला माना जाना चाहिए। अगर बैक्टीरियल इन्फेक्शन के लिए एंटीबायोटिक्स की जरूरत हो, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए।

FAQ

  • फेफड़े खराब होने के क्या संकेत होते हैं?

    फेफड़े खराब होने का सबसे बड़ा संकते है तीन हफ्ते से ज्यादा पुरानी खांसी जो जगड़ जाए और ठीक न हो। इसके अलावा बोलते समय या सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना भी फेफड़े खराब होना इसके लक्षण हो सकते हैं।
  • फेफड़ों का कौन सा टेस्ट होता है?

    फेफड़ों के फंक्शन को टेस्ट करने के लिए मुख्य रूप से पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PFT) किया जाता है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 26, 2026 18:31 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Sunil Kumar K