भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल के कारण थकान हो जाती है, जिसके कारण व्यक्ति को आंखं में नींद महसूस होने लगती है, लेकिन कई बार नींद आने के बाद भी ब्रेन रिलैक्स नहीं हो पाता है। जिसके कारण व्यक्ति को नींद तो आती है, लेकिन ब्रेन सोचना बंद नहीं कर पाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि नींद आने के बाद भी ब्रेन रिलैक्स क्यों नहीं होता है? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।
नींद आने के बाद भी दिमाग शांत क्यों नहीं होता है?
डॉ. पूजा के अनुसार, नींद आने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि दिमाग सोने के लिए तैयार है, क्योंकि स्ट्रेस, चिंता, ज्यादा सोचने, इमोशनल प्रॉब्लम और अधूरे काम शरीर के थके होने पर भी मन को जगाए रख सकते हैं। वहीं, कैफीन, देर रात तक स्क्रीन का इस्तेमाल करने, सोने का अनियमित समय और एक्टिव करने वाली एक्टिविटीज दिमाग को आराम की स्थिति में जाने से रोक सकती हैं।
साल 2025 में World Journal of Psychiatry में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, नींद न आना (इंसोमनिया), भूलने या ध्यान न रहने की समस्या, चिंता, एंग्जायटी और स्ट्रेस-डिप्रेशन सभी एक-दूसरे से जुड़े हैं और न्यूरोटिसिज्म (यानी स्वभाव से बहुत ज्यादा सेंसिटिव या चिंतित होना) इस स्थिति को और भी बदतर बना देता है। इंसोमनिया सिर्फ हमारे सोने की आदत को ही खराब नहीं करता, बल्कि हमारे दिमाग की काम करने की ताकत को भी कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से चिंता और डिप्रेशन की परेशानी और बढ़ जाती है।
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why does the mind feel disturbed even after falling asleep 1
स्ट्रेस के कारण ब्रेन नहीं होता है रिलैक्स
डॉ. पूजा आगे बताती हैं, जब व्यक्ति अधिक स्ट्रेस में होता है, तो शरीर हल्के अलर्ट मोड में रहता है। इस स्थिति में स्ट्रेस वाले हार्मोन और दिमाग के ज्यादा एक्टिव रहने के कारण सोते समय विचार ज्यादा महसूस हो सकते हैं। कभी-कभी नींद न आने की चिंता एक ऐसा चक्र बना देती है, जिसमें आप घड़ी देखते हैं, परेशान होते हैं, साथ ही और भी ज्यादा सोचते हैं, जिससे थकावट के बाद भी नींद आना मुश्किल हो सकता है।
जब कोई व्यक्ति किसी समस्या को लेकर लगातार चिंता में रहता है, तो उसका ध्यान उसी बात के बारे में सोचता रह सकता है।
अधूरा काम भी ब्रेन को बिजी रख सकते हैं
कई बार मन इसलिए शांत नहीं होता क्योंकि दिमाग को लगता है कि कुछ काम अभी बाकी हैं। अगले दिन की मीटिंग, जरूरी फोन, कोई अधूरा काम या किसी बात का जवाब देना हो, तो व्यक्ति बिस्तर पर लेटकर भी उन्हीं चीजों के बारे में सोचता रहता है। इसके अलावा, कई बार लोगों को नींद न आने के स्ट्रेस के कारण भी ये परेशानी हो सकती है।
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देर रात की आदतों से हो सकती है परेशानी
कई बार देर शाम या रात में कैफीन का सेवन करने कुछ लोगों में नींद को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, मोबाइल पर लगातार स्क्रॉल करना भी सोने से पहले दिमाग को बिजी रख सकता है। इन आदतों का असर हर व्यक्ति पर नहीं होता है, लेकिन अगर बार-बार ये परेशानी होती है, तो लाइफस्टाइल में सुधार करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
मन को शांत करने के लिए क्या करें?
डॉ. पूजा आगे कहती हैं, सोने से पहले शांत रूटीन मन को शांत करने में मदद कर सकता है। ऐसे में अच्छी नींद और ब्रेन को रिलैक्स करने के लिए कुछ अच्छी आदतों को अपनाना जरूरी हो जाता है। जैसे -
- सोने और जागने का एक ही समय फिक्स रखें।
- दिन या देर शाम के समय में कैफीन कम लें।
- सोने से पहले स्ट्रेस से भरी खबरें कम देखें।
- सोने से पहले ज्यादा फोन इस्तेमाल करने से बचें।
- चिंताओं या अगले दिन के कामों को लिखें।
- धीरे-धीरे सांस लेना या शांत रहकर पढ़ें।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. पूजा का कहना है, अगर लगातार आने वाले विचार नियमित रूप से नींद में बाधा डालते हैं, कई हफ्तों तक ऐसा चलता है या इसके साथ लगातार चिंता, असामान्य रूप से ज्यादा एनर्जी, नींद की बहुत कम जरूरत या मूड में बड़े बदलाव जैसे लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर या मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से सलाह लें।
निष्कर्ष
नींद महसूस होना और मन का शांत होना हमेशा एक ही समय पर नहीं होता है। स्ट्रेस, चिंता, अधूरे काम, सोने को लेकर बढ़ती बेचैनी और देर रात की कुछ आदतें ब्रेन को एक्टिव रख सकती हैं। नियमित रूप से सोने से पहले हेल्दी लाइफस्टाइल या शांत बेड टाइम रूटीन को फॉलो करना फायदेमंद हो सकता है। अगर समस्या लगातार बनी रहती है, तो सही कारण समझने के लिए डॉक्टर या मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।
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FAQ
किन कारणों से नींद नहीं आती है?
मेंटल स्ट्रेस, गलत लाइफस्टाइल, चिंता, कैफीन का अधिक सेवन करने, स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल करने, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसी मेडिकल कंडीशन, दवाइयों का सेवन करने और लाइफस्टाइल की बुरी आदतों के कारण व्यक्ति को नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।ब्रेन को रिलैक्स करने के लिए क्या करें?
ब्रेन को रिलैक्स करने और स्ट्रेस को कम करने के लिए डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें, सोने से पहले स्क्रिन से दूरी बनाएं, हल्की स्ट्रेचिंग करें, पर्याप्त नींद लें और नियमित रूप से मेडिटेशन करें।
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Aug 26, 2026 16:53 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai
