रात में बिस्तर पर जाने के बाद भी अगर आंखों से नींद गायब रहती है और आप लगातार करवट बदलते रहते हैं, तो इसके कारण न सिर्फ अगले दिन एक्टिव रहने में दिक्कत होती है बल्कि सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, जल्दी नींद लाने के लिए सबसे पहले ऐसी आदतों पर ध्यान देना चाहिए जो शरीर को आराम की स्थिति में ले जाएं। सोने से पहले कमरे में कम रोशनी रखना और दिमाग को लगातार एक्टिव रखने वाली एक्टिविटीज से दूरी बनाना कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है।
5 मिनट में नींद जल्दी लाने के क्या उपाय हैं?
डॉक्टर अक्षय चुघ के अनुसार, हर व्यक्ति के लिए पांच मिनट में सो जाना संभव नहीं होता है। नींद आने में लगने वाला समय तनाव, दिनभर की एक्टिविटी, कैफीन का सेवन और सोने की आदतों पर निर्भर करता है। इसलिए किसी एक उपाय को तुरंत नींद की गारंटी मानना सही नहीं है। हालांकि, सोने से पहले कुछ ऐसी तकनीकें अपनाई जा सकती हैं जो शरीर को आराम देने और नींद के लिए तैयार करने में मदद कर सकती हैं।
1. दिमाग में चल रहे विचारों को कागज पर लिखें
डॉक्टर अक्षय चुघ बताते हैं कि कई बार नींद इसलिए नहीं आती क्योंकि दिमाग अगले दिन के काम, तनाव या किसी समस्या के बारे में लगातार सोचता रहता है। ऐसे में सोने से पहले अगले दिन के जरूरी काम लिख लेना मदद कर सकता है। इससे सोते समय दिमाग में बातें नहीं चलती हैं और अच्छी नींद आने में मदद मिल सकती है।
2. सोने का समय रोज एक जैसा रखें
हर दिन अलग-अलग समय पर सोने और जागने से शरीर की नींद-जागने की लय प्रभावित हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि रात में लगभग एक ही समय पर बिस्तर पर जाएं और सुबह भी लगभग निश्चित समय पर उठें।
3. गहरी सांस लेने की तकनीक
डॉक्टर अक्षय चुघ बताते हैं कि बिस्तर पर लेटने के बाद धीरे-धीरे और गहरी सांस लेने पर फोकस करें। गहरी सांस लेते समय पेट के हल्के ऊपर उठने और छोड़ते समय नीचे जाने पर ध्यान दें। कुछ मिनट तक इसी प्रोसेस को दोहराने से मन को दूसरी बातों से हटाकर आराम की स्थिति में लाने में मदद मिल सकती है और व्यक्ति को जल्दी नींद आ सकती है।
साल 2019 में Frontiers in Psychiatry में प्रकाशित जानकारी के अनुसार-
- धीरे और गहरी सांस लेने की तकनीक तनाव, दर्द और अनिद्रा (नींद न आने की समस्या) जैसी परेशानियों को दूर करने का एक बहुत पुराना और असरदार तरीका है।
- धीमी और नियमित सांस लेने से शरीर का नर्वस सिस्टम शांत होता है, जिससे तनाव पैदा करने वाली एक्टिविटी कम होती हैं और शरीर को आराम मिलने में मदद मिलती है।
- रिसर्च के अनुसार, 0.1 हर्ट्ज की स्पीड से सांस लेना अनिद्रा से लड़ने के लिए सबसे बेहतरीन और प्रभावी उपाय पाया गया है।
- सोने से पहले इस खास गति से सांस लेने का अभ्यास करने से नींद जल्दी आती है, नींद की क्वालिटी में सुधार होता है और सोने का पैटर्न भी स्थिर रहता है।
4. सोने से पहले मोबाइल दूर
डॉक्टर अक्षय चुघ बताते हैं कि मोबाइल फोन पर लगातार वीडियो देखना या सोशल मीडिया चलाना दिमाग को एक्टिव रख सकता है। इसके अलावा स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी भी शरीर की नींद-जागने की लय को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सोने से पहले मोबाइल को कुछ दूरी पर रखना बेहतर है।
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5. कमरे में रोशनी कम करें
डॉक्टर अक्षय चुघ बताते हैं कि बहुत ज्यादा रोशनी, शोर या गर्मी नींद में बाधा डाल सकती है। कमरे को शांत, आरामदायक बनाएं और पर्याप्त अंधेरा रखें, ऐसा करने से नींद आने में मदद मिल सकती है। अगर कमरे में बाहर से रोशनी आती है तो पर्दे का इस्तेमाल किया जा सकता है।
6. रात में कैफीन से बचें
चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन आपको ज्यादा एलर्ट रख सकता है और रात में नींद आने में देरी कर सकता है। इसलिए यदि आपको रात में सोने में परेशानी होती है, तो देर शाम चाय-कॉफी और अन्य कैफीन वाली ड्रिंक्स से बचना फायदेमंद हो सकता है।
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7. नींद को जबरदस्ती लाने की कोशिश न करें
डॉक्टर अक्षय चुघ बताते हैं कि नींद को जबरदस्ती लाने की कोशिश न करें। अगर काफी देर तक बिस्तर पर लेटे रहने के बावजूद नींद नहीं आती और बेचैनी बढ़ने लगती है, तो कुछ देर के लिए उठकर शांत जगह पर किताब पढ़ना या धीमा संगीत सुनना बेहतर हो सकता है। जब दोबारा नींद महसूस होने लगे, तब बिस्तर पर जाएं।
निष्कर्ष
5 मिनट में हर व्यक्ति को नींद आ जाए, इसकी गारंटी किसी एक तकनीक से नहीं दी जा सकती लेकिन सांसों पर ध्यान देना, मोबाइल से दूरी बनाना, कमरे को शांत रखना, तनाव वाले विचारों को लिखना जल्दी सोने में मदद कर सकता है। अगर लंबे समय तक नींद आने में परेशानी रहती है, रात में बार-बार नींद टूटती है या दिन में ज्यादा नींद आती है, तो इसे केवल सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
क्या दिन में सोने से रात को नींद नहीं आती है?
दिन में बहुत लंबी झपकी लेने से रात में नींद आने में देरी हो सकती है। खासकर देर शाम तक सोने की आदत रात की नींद के समय को प्रभावित कर सकती है।रात में बिना खाना खाए सोने से क्या होता है?
रात में बिना खाए सोना कुछ लोगों के लिए असहज हो सकता है और रात के समय भूख से नींद भी खुल सकती है। वहीं, सोने से ठीक पहले बहुत भारी भोजन करना भी नींद में परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए भोजन और सोने के बीच पर्याप्त अंतर रखना बेहतर है।
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Aug 26, 2026 17:24 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
