शाम को घर जाकर मोबाइल देखना, देर शाम को चाय या कॉफी पीना या खाना खाते ही सो जाने जैसी आदते रात की नींद पर असर डाल सकती है। कई बार ये आदतें रात की नींद इतनी प्रभावित कर देती हैं कि लोग देर तक सोते ही नहीं है। इस वजह से सुबह उठने पर थकान महसूस होने लगती है और अगर ऐसा आपके साथ भी हो रहा है, तो शाम की आदतों पर ध्यान देने की जरूरत है। इस बारे में हमने Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि रात की अच्छी नींद के लिए ईवनिंग रूटीन यानी शाम से लेकर सोने तक की दिनचर्या पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी है। अगर रात को पर्याप्त नींद नहीं मिली, तो इसका असर अगले दिन के काम करने के तरीके, मूड और मेटाबॉल्जिम पर पड़ सकता है।
अच्छी नींद के लिए शाम की आदतों में 7 बदलाव
American Academy of Sleep Medicine के अनुसार, 18 से 60 साल के वयस्कों को नियमित रूप से कम से कम 7 घंटे सोना चाहिए। जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती, उनमें मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं पाई जा सकती है।
Meena Kumari के मुताबिक, अगर लोगों की शाम की आदतों में बदलाव हो जाए, तो रात की नींद को बेहतर किया जा सकता है। इसलिए शाम की इन आदतों में सुधार करना चाहिए।
1. सोने और जागने का समय एक रखना
Meena Kumari का कहना है, “अक्सर लोगों की आदत होती है कि कभी वे रात को 10 बजे सोते हैं, तो कभी आधी रात तक जागते रहते हैं। ऐसे में रात को देर से सोने के बाद सुबह समय पर नींद नहीं खुलती या शरीर में थकान रहती है। देर तक जागने से शरीर का सर्कैडियन रिदम बिगड़ जाता है। इससे व्यक्ति को मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सबसे जरूरी है कि सोने और जागने के समय को सही रखें।”
2. मोबाइल कम देखना
Meena Kumari ने बताया कि घर पहुंचकर देर तक सिर्फ मोबाइल देखते रहना और दिनभर लैपटॉप पर रहने से आंखों के साथ-साथ दिमाग भी सतर्क रहता है। लगातार मोबाइल पर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, वीडियो देखना या मैसेज चेक करने से दिमाग को समझ नहीं आता कि अब सोने का समय हो गया है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि सोने से लगभग 30 से 60 मिनट पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। इस समय किताब पढ़ने या हल्का संगीत सुनने की आदत डालना बेहतर रहता है।
साल 2023 में Journal of Clinical Sleep Medicine में प्रकाशित 17 रिसर्च में 36,485 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इस रिसर्च में पाया गया है कि स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल करने से नींद की क्वालिटी पर असर पड़ता है। हालांकि, यह कनेक्शन हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता, लेकिन स्मार्टफोन ज्यादा देखने से नींद पर असर पड़ सकता है।
3. रात का खाना सोने से कुछ घंटे पहले खाना
Meena Kumari का कहना है, “कई लोग खाना खाते ही सोने चले जाते हैं और फिर वे पेट भारी लगने, अपच या एसिड रिफ्लक्स से परेशान हो सकते हैं। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें खाने और सोने के बीच थोड़ा अंतर रखना चाहिए। वैसे तो मैं हर किसी को सोने से 2 से 3 घंटे पहले खाना खाने की सलाह देती हूं, लेकिन अगर यह मुमकिन नहीं है, तो रात को खाने में सब्जियां, अनाज और प्रोटीन शामिल करें। बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन करने से बचें।”
Evening routine for better sleep
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4. शाम के बाद चाय-कॉफी न पीना
Meena Kumari कहती हैं, “कई लोग देर शाम को दिनभर की थकान दूर करने के लिए चाय या कॉफी पीने लगते हैं। इसमें मौजूद कैफीन शरीर में घंटो तक एक्टिव रहते हैं, जो दिमाग के एडेनोसिन केमिकल पर असर डालते हैं। ये हार्मोन नींद लाने के लिए मददगार होता है। अगर थकान के बावजूद रात में नींद न आ रही हो, तो शाम के बाद चाय-कॉफी की मात्रा कम करके देखें। अगर हो सके, तो सोने से कम से कम 6 घंटे पहले कैफीन लेना बंद करना चाहिए।”
Journal of Clinical Sleep Medicine में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, सोने से 6 घंटे पहले 400 मिलीग्राम कैफीन दी गई है और पाया गया कि इसे लेने से नींद प्रभावित हो सकती है।
5. शाम को थोड़ी देर टहलना
Meena Kumari ने बताया कि अगर दिनभर बैठकर काम करते हैं, तो शाम को हल्की वॉक करना फायदेमंद होता है। शाम को वॉक करने, हल्की स्ट्रेचिंग करने या योग से रात को नींद अच्छी आ सकती है। हालांकि, कई लोग रात में जिम जाकर वर्कआउट करते हैं, ऐसे में लोगों को बहुत थकान होने के बाद भी नींद नहीं आती, क्योंकि उनका दिमाग सतर्क होता है। इसलिए शाम को हार्ड वर्कआउट करने के बजाय हल्की वॉक करना बेहतर होता है।
6. सोने से पहले मेडिटेशन करना
Meena Kumari ने कहा, “आमतौर पर लोग ऑफिस की टेंशन लेकर घर आते हैं और फिर परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अगले दिन की टेंशन के साथ सोने जाते हैं। ऐसे में शरीर थका होने के बावजूद नींद आने में समय लग सकता है। इसलिए शाम को मेडिटेशन या प्राणायाम करने से स्ट्रेस कम होता है।
7. बेडरूम में तेज लाइट न लगाना
Meena Kumari ने बताया कि कई बार सोने के कमरे में तेज रोशनी या तापमान कर लेते हैं। इससे नींद नहीं आती। इसलिए सोने से पहले कमरे की रोशनी कम करें। कमरे में टीवी न लगाए, क्योंकि इससे लोगों को देर रात तक मूवी या वेब सीरीज देखने की आदत पड़ जाती है। शाम को मूवी देखते हुए देर रात होना आम समस्या है। इसलिए सोने के कमरे में टीवी न होने से समय पर सोने की आदत बेहतर होती है।
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निष्कर्ष
अगर शाम की आदतों में छोटे-छोटे सुधार कर लिए जाए, तो रात की नींद भी बेहतर होती है और इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। इसलिए शाम को मोबाइल कम देखना, कैफीन की मात्रा कम करना, समय पर भोजन करना और हल्की स्ट्रेचिंग या वॉक करना मददगार हो सकता है।
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FAQ
क्या शाम के समय शराब पीने से नींद अच्छी आती है?
यह एक भ्रम है। शराब शुरुआत में भले सुस्ती ला दे, लेकिन यह REM स्लीप यानी गहरी नींद की स्टेज को पूरी तरह नष्ट कर देती है। इससे रात के दूसरे हिस्से में बार-बार नींद टूटती है और सुबह उठने पर भारीपन और सिरदर्द महसूस होता है।शाम को नाइट मोड या ब्लू लाइट फिल्टर ऑन करने से क्या आंखें और नींद सुरक्षित रहती हैं?
ब्लू लाइट फिल्टर हानिकारक किरणों को कुछ हद तक कम करता है, लेकिन यह पूरी तरह प्रभावी नहीं है। स्क्रीन से मिलने वाली किरणें दिमाग को सतर्क रखती है, इसलिए सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन बंद करना ही सबसे बेहतर तरीका है।
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Oct 23, 2026 19:10 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dt Meena Kumari
