What Is The Right Method Of Brushing Teeth?: डेंटिस्ट के अनुसार, दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से कम से कम दो मिनट तक ब्रश करना चाहिए। ब्रश करने के लिए मुलायम ब्रिसल्स वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करें। ब्रश करते समय दांतों की बाहरी, भीतरी और चबाने वाली सतहों को अच्छी तरह साफ करें। इसके अलावा, दांतों और मसूड़ों के बीच के हिस्से को भी साफ करें क्योंकि यहां प्लाक जमा हो सकता है। ब्रश करने के बाद जीभ को भी धीरे से साफ करें, क्योंकि उस पर बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। आइए डेंटिस्ट से जानें दांतों को साफ करने का सही तरीका और उससे जुड़ी टिप्स। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Suman Yadav, Dentist, Oral And Maxillofacial Surgeon At Numed Super Speciality Hospital, Greater Noida से बात की।
National Health Service, UK के मुताबिक,
वयस्कों और बच्चों को फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा टूथपेस्ट चुनें जिसमें कम से कम 1350 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) फ्लोराइड हो। बच्चों के लिए ऐसा टूथपेस्ट चुनें जिसमें 1350 से 1500 पीपीएम फ्लोराइड हो। 3 साल से कम उम्र के बच्चों के टूथपेस्ट में कम से कम 1000 पीपीएम फ्लोराइड होना चाहिए। 3 साल से कम उम्र के बच्चों को टूथपेस्ट की बहुत थोड़ी मात्रा दें।
दांतों को ब्रश करने के 8 आसान स्टेप्स
how-to-brush-teeth-correctly
- स्टेप 1: टूथब्रश पर मटर के दाने जितनी मात्रा में टूथपेस्ट लगाएं।
- स्टेप 2: दांतों की बाहरी सतह साफ करें। ब्रश को मसूड़ों के पास लगभग रखकर हल्के हाथों से ऊपर-नीचे चलाएं।
- स्टेप 3: दांतों की बाहरी सतह पर ब्रश को धीरे-धीरे छोटे गोलाकार मूवमेंट में चलाएं।
- स्टेप 4: दांतों की भीतरी सतह साफ करें। इसी तरीके से दांतों के अंदरूनी हिस्से को भी अच्छी तरह साफ करें।
- स्टेप 5: दांतों की चबाने वाली सतह साफ करें। ब्रश को आगे-पीछे चलाकर दांतों की ऊपरी सतह पर जमा भोजन के कण हटाएं।
- स्टेप 6: जीभ साफ करें। जीभ की सतह को धीरे-धीरे ब्रश या टंग क्लीनर से साफ करें। इससे सांसों की दुर्गंध कम करने में मदद मिलती है।
- स्टेप 7: कुल्ला करें। ब्रश करने के बाद अतिरिक्त टूथपेस्ट थूक दें।
- स्टेप 8: दिन में दो बार ब्रश करें। सुबह और रात को सोने से पहले कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें। मुलायम ब्रिसल्स वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें और दांतों को जोर से न रगड़ें।
यह भी पढ़ें- क्या दांत का हर काला धब्बा कैविटी होता है? डेंटिस्ट से जानें
दांतों की सफाई के लिए ब्रश करने का सही समय और अवधि
- आमतौर पर सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले ब्रश करना चाहिए।
- डेंटिस्ट की सलाह के अनुसार, हर बार कम से कम दो मिनट तक ब्रश करना चाहिए। इस दौरान मुंह के चारों हिस्सों को बराबर समय दें।
दिन में कितनी बार ब्रश करना है जरूरी?
दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना जरूरी है। सुबह ब्रश करने से रातभर मुंह में जमा प्लाक और बैक्टीरिया को साफ करने में मदद मिलती है। वहीं, रात को ब्रश करने से दिनभर खाने-पीने के कारण दांतों पर जमा भोजन के कण और प्लाक हटाने में मदद मिलती है।
जरूरत से ज्यादा ब्रश करने के नुकसान
कुछ लोग दांतों को ज्यादा साफ रखने के लिए दिन में तीन या चार बार ब्रश करते हैं, लेकिन बार-बार या बहुत जोर से ब्रश करना जरूरी नहीं है। इससे मसूड़ों में जलन, मसूड़ों के पीछे हटने और दांतों की सतह के घिसने का खतरा बढ़ सकता है।
यह भी पढ़ें- अक्ल दाढ़ का दर्द या मसूड़ों में इंफेक्शन? डेंटिस्ट से जानिए दोनों में कैसे पहचानें अंतर
ब्रश करते समय होने वाली आम गलतियां
1. बहुत जोर से ब्रश करना
अधिक दबाव डालकर ब्रश करने से दांतों का इनेमल घिस सकता है और मसूड़े पीछे हट सकते हैं। इसलिए मुलायम ब्रिसल्स वाले ब्रश का इस्तेमाल करें और हल्के हाथों से सफाई करें।
2. दो मिनट से कम ब्रश करना
जल्दबाजी में ब्रश करने से दांतों की सतह की सफाई नहीं हो पाती। हर बार कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें।
3. केवल सामने के दांत साफ करना
कई लोग पीछे के दांतों और चबाने वाली सतहों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे इन हिस्सों में प्लाक जमा हो सकता है।
4. पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल करना
घिसे हुए ब्रिसल्स दांतों की सफाई ठीक से नहीं कर पाते। इसलिए हर तीन से चार महीने में टूथब्रश बदलें। ब्रिसल्स जल्दी फैल जाएं, तो इसे पहले बदल दें।
5. बहुत ज्यादा टूथपेस्ट लगाना
अधिक मात्रा में टूथपेस्ट लगाने से दांत ज्यादा साफ नहीं होते। उचित मात्रा में फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें।
6. दांतों के बीच सफाई न करना
केवल ब्रश करने से दांतों के बीच जमा प्लाक पूरी तरह नहीं हटता। रोज फ्लॉस से सफाई करें।
डेंटिस्ट के अनुसार ओरल हाइजीन बनाए रखने के टिप्स
मीठे खाद्य पदार्थ सीमित करें
बार-बार मीठे स्नैक्स, कैंडी और मीठे पेय पदार्थों का सेवन करने से दांतों में कैविटी का जोखिम बढ़ सकता है इसलिए इनका सेवन कम करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
नियमित डेंटल चेकअप करवाएं
दर्द न होने पर भी समय-समय पर डेंटिस्ट से जांच करवाएं। इससे कैविटी, मसूड़ों की बीमारी और अन्य समस्याओं की शुरुआती पहचान हो सकती है।
तंबाकू से दूर रहें
तंबाकू का सेवन मसूड़ों की बीमारी, दांतों पर दाग और मुंह के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है। बेहतर ओरल हेल्थ के लिए इससे बचें। साथ ही, धूम्रपान भी ओरल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है इसलिए परहेज करें।
असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें
दांतों में दर्द, लगातार बदबू, मसूड़ों से खून आना या दांतों में सेंसिटिविटी होने पर डेंटिस्ट से सलाह लें।
निष्कर्ष:
दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें। सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले ब्रश करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा ब्रश करने से मसूड़ों में जलन, मसूड़ों के पीछे हटने और दांतों की सतह के घिसने का खतरा बढ़ सकता है। ब्रश करने के लिए मुलायम ब्रिसल्स वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करें। हर तीन से चार महीने में टूथब्रश बदलें। ब्रिसल्स जल्दी फैल जाएं, तो इसे पहले बदल दें। ब्रश करने के दौरान जोर से ब्रश करना, दो मिनट से कम ब्रश करना, केवल सामने के दांत साफ करना, पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल करना, बहुत ज्यादा टूथपेस्ट लगाना या दांतों के बीच सफाई न करने जैसी गलतियों से बचना चाहिए। दांतों को स्वस्थ रखने के लिए मीठी चीजें और तंबाकू एवं धूम्रपान के सेवन से परहेज करें और रूटीन डेंटल चेकअप को बढ़ावा दें। दांतों में दर्द, लगातार बदबू, मसूड़ों से खून आना या दांतों में सेंसिटिविटी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
image credit: magnific
FAQ
क्या माउथवॉश का इस्तेमाल करने से ओरल हेल्थ सुधरती है?
फ्लोराइड युक्त माउथवॉश का इस्तेमाल करने से दांतों में सड़न यानी कैविटी होने का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है। इसलिए इसे रूटीन में शामिल कर सकते हैं, लेकिन ब्रश करने के तुरंत बाद माउथवॉश का इस्तेमाल करने से बचें।इलेक्ट्रिक या मैनुअल टूथब्रश दोनों में से क्या बेहतर है?
इलेक्ट्रिक या मैनुअल, दोनों में से किसी भी टूथब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं। दोनों ही दांतों की सफाई के लिए असरदार हैं। सभी दांतों की सतह को ब्रश से अच्छी तरह साफ करने का प्रयास करें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Oct 23, 2026 18:33 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Suman Yadav
