दांतों की साफ-सफाई बहुत जरूरी है, लेकिन कुछ लोग रोजाना सारा दिन कुछ न कुछ खाते ही रहते हैं। कभी बिस्कुट खा लिए, कभी चिप्स या चॉकलेट खाने का मन कर गया। अक्सर लोग सारा दिन खाने को सिर्फ वजन बढ़ने से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका असर दांतों पर भी पड़ सकता है। अगर बार-बार खाने की आदत है, तो इससे दांत भी प्रभावित हो सकते हैं। इस बारे में हमने Dr. Keshav Naithani, Principal Director & HOD, Department of Dental & Maxillofacial Surgery, Max Multi-Speciality Hospital, Noida (UP) से बात की। उन्होंने बताया कि दांतों में कैविटी अचानक नहीं बनती। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया दांतों पर जमा प्लाक में रहते हैं। जब लोग स्नैक्स या मीठा खाते-पीते हैं, तो ये बैक्टीरिया शुगर को तोड़कर एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों की सबसे बाहरी परत, जिसे इनेमल कहते हैं, को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकता है।
बार-बार स्नैक्स खाने से कैविटी का खतरा क्यों बढ़ता है?
Dr. Keshav Naithani कहते हैं, “अक्सर लोग सोचते हैं कि मीठा खाने से ही दांतों को नुकसान होता है, लेकिन अगर कोई सारा दिन कुछ न कुछ खाता रहता है, तो इससे दांतों पर असर पड़ता है। जैसे दिनभर में बिस्कुट, टॉफी, चॉकलेट, चिप्स, मिठाई या नमकीन खाया है, तो दांतों पर बार-बार एसिड का असर पड़ सकता है। इससे इनेमल को दोबारा मिनरल्स लेने का समय कम मिलता है और कैविटी का खतरा बढ़ सकता है। कई बार खाने की चीजें दांतों से चिपक जाती हैं और लंबे समय तक दांतों में ही रह जाती हैं। इससे दांतों में कैविटी लगने के रिस्क लगातार बढ़ता रहता है। हालांकि, मुंह में बनने वाली लार एसिड के असर को कम करने में मदद करती है, लेकिन इसके लिए उसे समय चाहिए। ऐसे में अगर कोई दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर में मीठा खाते रहते हैं, तो दांतों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।”
जर्नल क्या कहते हैं?
Cleveland Clinic के अनुसार, दांतों में कैविटी बनने के कई कारण हो सकते हैं।
- मुंह में मौजूद बैक्टीरिया शुगर और स्टार्च जैसे फल, टॉफी, कैंडी, ब्रेड, सोडा, जूस या दूध खने से बैक्टीरिया इन कार्बोहाइड्रेट को एसिड में बदल देते हैं।
- बैक्टीरिया, एसिड, खाने के कण और लार मिलकर दांतों पर डेंटल प्लाक बनाते हैं।
- सही तरीके से ब्रश और फ्लॉस न करने से प्लाक में मौजूद एसिड दांत की बाहरी एनामेल की सतह पर कैविटी बनने लगते हैं।
snacking cause dental problems
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दांतों में कैविटी की समस्या बच्चों में क्यों ज्यादा होती है?
Dr. Keshav Naithani का कहना है, “बच्चों को सारा दिन खाने की आदत होती है। बच्चे सॉफ्ट ड्रिंक्स से लेकर चिप्स, चॉकलेट या फिर कुछ भी मीठी चीजें खाते रहते हैं। कुछ बच्चे तो कोल्ड ड्रिंक्स भी लेते हैं। ये सब अम्लीय होते हैं और एसिड दांतों के इनेमल को कमजोर कर सकता है। इस वजह से आजकल बच्चों में दूध के दांतों की परेशानी ज्यादा देखने को मिल रही है, क्योंकि खाने-पीने के बाद ब्रश कराने की आदत अक्सर पेरेंट्स पर निर्भर करती है। इसलिए लापरवाही के चलते बच्चों के दांतों में दिक्कत हो सकती है।”
दांतों को कैविटी से बचाने के उपाय
Dr. Keshav Naithani सलाह देते हैं कि रोजाना की कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके दांतों की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है। लोगों को अपने दांतों को बचाने के लिए इन आदतों पर ध्यान देना चाहिए।
1. बार-बार मीठा खाने की आदत कम करना
Dr. Keshav Naithani कहते हैं कि लोगों को हर थोड़ी-थोड़ी देर बाद खाने के बजाय एक नियमित समय पर भोजन करना चाहिए। खासतौर पर खाने के बाद बार-बार कैंडी, चॉकलेट, बिस्कुट या दूसरी मीठी चीजें खाने से बचें। कभी-कभार स्नैक्स खाना और दिनभर लगातार खाते रहना, इन दोनों आदतों में फर्क है। इसके लोगों को समझना चाहिए।
2. स्नैक्स के लिए सेहतमंद ऑप्शन चुनना
Dr. Keshav Naithani ने कहा कि अगर भूख लगे, तो मीठी चीजें खाने के बजाय साबुत फल, सब्जियां, मेवे या घर का बना सादा दही चुन सकते हैं। इससे शरीर को भी पौष्टिक और बैलेंस्ड डाइट मिलेगी और दांतों को भी कम नुकसान होगा।
3. पर्याप्त पानी पीना
Dr. Keshav Naithani का कहना है, “अगर दांतों को कैविटी से बचाना है, तो दिनभर पानी पीते रहना चाहिए। पानी मुंह में बचे भोजन के कुछ कणों को हटाने में मदद कर सकता है और मुंह को नम बनाए रखने में भी सहायक होता है। इस बात का ध्यान रखें कि पानी पीने को ब्रश करने का विकल्प न बनाएं। दांतों की रेगुलर साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी है।”
4. दिन में दो बार ब्रश करना
Dr. Keshav Naithani के अनुसार, दिन में दो बार सुबह और रात को सोने से पहले फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करना चाहिए। खासतौर पर, रात में ब्रश करना न भूलें, क्योंकि दिनभर दांतों पर जमा प्लाक और खाने के बचे कणों को साफ करना जरूरी है। ब्रश करने के बाद जल्दबाजी में कुल्ला करने के बजाय टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए।
5. दांतों के बीच की सफाई भी करना
Dr. Keshav Naithani कहते हैं कि अक्सर लोग तेजी से आगे के दांतों पर ब्रश घिसा देते हैं। इससे दांतों की बीच की सफाई नहीं हो पाती। इसलिए रोजाना डेंटल फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनर का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे उन जगहों की भी सफाई हो जाती है, जहां खाने के कण फंसे हो सकते हैं। इससेया दांतों के बीच की सफाई के लिए उपयुक्त इंटरडेंटल क्लीनर का इस्तेमाल करें।
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निष्कर्ष
Dr. Keshav Naithani का कहना है कि अक्सर लोग दांतों के चेकअप को सीरियस नहीं लेते। जब दांतों की सड़न बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तभी डॉक्टर के पास जाते हैं। इसलिए दांतों की चेकअप रेगुलर कराते रहने से दांतों की सड़न का शुरुआत में ही पता चल जाएगा। दांतों को कैविटी से बचाने के लिए स्नैक्स की आदत को ठीक करना बहुत जरूरी है।
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FAQ
क्या बिना चीनी वाले नमकीन स्नैक्स जैसे चिप्स, बिस्किट, नमकीन खाने से भी दांतों में कैविटी हो सकती है?
स्टार्च वाले नमकीन फूड्स जैसे जैसे आलू चिप्स, व्हाइट ब्रेड, बिस्किट मुंह की लार में मौजूद एंजाइम्स के संपर्क में आते ही सिंपल शुगर में बदल जाते हैं। ये दांतों की दरारों में चिपककर बैक्टीरिया के पनपने का मुख्य कारण बनते हैं।डेंटल फ्लॉस का रोजाना इस्तेमाल स्नैकिंग से होने वाली सड़न को कैसे रोकता है?
टूथब्रश सिर्फ दांतों के ऊपरी और बाहरी हिस्सों की सफाई कर पाता है, लेकिन दो दांतों के बीच फंसा चिपचिपा खाना नहीं निकाल पाता। रोजाना फ्लॉस करने से दांतों के बीच छिपी गंदगी और प्लैक साफ हो जाते हैं, जिससे दो दांतों के बीच होने वाली सड़न से बचाव होता है।
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Oct 15, 2026 13:45 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Keshav Naithani
