Thu Oct 22, 2026 | 07:37 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

ऑपरेशन के घाव में इंफेक्शन हो गया है? लालिमा से पस निकलने तक, इन 5 संकेतों को न करें नजरअंदाज

ऑपरेशन के घाव में बढ़ती लालिमा, सूजन, दर्द, पस या बुखार इंफेक्शन के संकेत हो सकते हैं। International Infection Prevention Week में डॉक्टर से जानिए, सर्जरी के बाद किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और घाव की देखभाल कैसे करें।
ऑपरेशन के घाव में इंफेक्शन हो गया है? लालिमा से पस निकलने तक, इन 5 संकेतों को न करें नजरअंदाजऑपरेशन के घाव में इंफेक्शन हो गया है? लालिमा से पस निकलने तक, इन 5 संकेतों को न करें नजरअंदाज

ऑपरेशन के बाद घाव का ठीक होना रिकवरी का हिस्सा है, लेकिन क्या हो अगर घाव भरने के बजाय उसमें दर्द बढ़ने लगे या आस-पास की स्किन लाल दिखाई देने लगे? कई बार लोग सर्जरी के बाद होने वाले इन बदलावों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग घाव पर घरेलू नुस्खे लगाने लगते हैं, तो कुछ डॉक्टर से संपर्क करने में देरी कर देते हैं। International Infection Prevention Week के मौके पर हमने कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा से बात की उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद घाव में इंफेक्शन कई कारणों से हो सकता है। बैक्टीरिया का घाव तक पहुंचना, ड्रेसिंग की सही देखभाल न होना या मरीज को पहले से डायबिटीज जैसी समस्या होना इंफेक्शन का जोखिम बढ़ा सकता है।

ऑपरेशन के घाव में इंफेक्शन के शुरुआती 5 मुख्य संकेत

डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, सर्जरी के बाद घाव की नियमित जांच करना और उसमें होने वाले बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। खासकर घाव के आस-पास बढ़ती लालिमा, सूजन, दर्द, पस निकलना या बुखार जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

1. घाव के आस-पास लालिमा और सूजन

ऑपरेशन के बाद घाव के आस-पास थोड़ी लालिमा और सूजन होना शरीर का नॉर्मल रिएक्शन का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, अगर लालिमा कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है या घाव के पास की स्किन गर्म और ज्यादा सूजी हुई महसूस हो रही है, तो यह इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। कई बार घाव के पास लालिमा फैलने लगती है और छूने पर दर्द भी महसूस होता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

2. घाव में दर्द कम होने के बजाय बढ़ना

सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक दर्द रहना सामान्य है। आमतौर पर घाव भरने के साथ दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है लेकिन अगर ऑपरेशन के कुछ दिन बाद दर्द बढ़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। घाव के पास लगातार दर्द होना, छूने पर ज्यादा तकलीफ महसूस होना या आराम करने के बाद भी दर्द कम न होना इंफेक्शन की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि, बढ़ते दर्द के अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए खुद से पेन किलर दवाएं लेने के बजाय डॉक्टर को अपनी स्थिति के बारे में बताएं।

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3. घाव से पस या बदबूदार लिक्विड निकलना

ऑपरेशन के घाव में इंफेक्शन होने का एक संकेत पस निकलना हो सकता है। अगर घाव से पीले, हरे या गाढ़े रंग का लिक्विड निकल रहा है या उसमें से दुर्गंध आ रही है, तो इसे सामान्य समझकर अनदेखा न करें। कभी-कभी घाव से थोड़ा साफ तरल यानी लिक्विड निकल सकता है, लेकिन पस जैसा गाढ़ा निकलना इंफेक्शन की आशंका बढ़ाता है। ऐसी स्थिति में घाव को दबाकर पस निकालने की कोशिश न करें। घाव की जांच के लिए जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

4. घाव भरने में देरी होना

डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि सर्जरी के बाद घाव को भरने में कुछ समय लगता है। यह समय ऑपरेशन के प्रकार, मरीज की उम्र और हेल्थ पर निर्भर करता है लेकिन अगर घाव भरने के बजाय लगातार गीला बना रहता है, उसके किनारे अलग होने लगते हैं या उसमें से बार-बार लिक्विड निकलता है, तो डॉक्टर से सलाह लें। इंफेक्शन के कारण घाव भरने की प्रोसेस धीमी पड़ सकती है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों में भी घाव भरने में देरी होने का खतरा ज्यादा हो सकता है।

5. बुखार आना और शरीर में कंपकंपी

ऑपरेशन के घाव में इंफेक्शन कभी-कभी शरीर में बुखार, ठंड लगने या कंपकंपी जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। अगर घाव में लालिमा, सूजन या दर्द के साथ बुखार भी हो, तो इंफेक्शन की आशंका और बढ़ जाती है। कुछ मामलों में इंफेक्शन शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल सकता है। अगर मरीज को तेज बुखार, बहुत ज्यादा कमजोरी, सांस लेने में परेशानी, कंफ्यूजन, बेहोशी जैसा महसूस होना या तेजी से बिगड़ती तबीयत के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत इमरजेंसी में डॉक्टर से सलाह लें।

5 Signs Of Surgical Wound Infection5 Signs Of Surgical Wound Infection

साल 2006 में BMC Infectious Diseases जर्नल में प्रकाशित जानकारी के अनुसार-

  • ऑपरेशन के बाद घाव में इंफेक्शन होना एक गंभीर समस्या है, खासकर आजकल मरीज जल्दी डिस्चार्ज हो जाते हैं जिससे निगरानी करना मुश्किल होता है।
  • इस प्रकार के इंफेक्शन का खतरा सर्जरी के दौरान आने वाली कमियों (जैसे ब्लीडिंग या टांके) और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति (जैसे मोटापा या डायबिटीज) पर निर्भर करता है।
  • हालांकि एंटीबायोटिक दवाएं इस खतरे को कम करती हैं, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि सर्जरी पूरी तरह से सही और सावधानीपूर्वक की जाए। एक अच्छा ऑपरेशन ही घाव को इंफेक्शन से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।

ऑपरेशन के घाव में इंफेक्शन से बचाव कैसे करें?

डॉ. गोपाल जी शर्मा सलाह देते हैं कि ऑपरेशन के बाद घाव की देखभाल के लिए डॉक्टर के निर्देशों को फॉलो करना जरूरी है। घाव को छूने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं और ड्रेसिंग बदलने के लिए बताई गई प्रोसेस अपनाएं। घाव पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई क्रीम, पाउडर, तेल या घरेलू नुस्खा न लगाएं। इसके अलावा, ड्रेसिंग को साफ और सूखा रखें, अगर डॉक्टर ने नहाने या घाव को पानी से बचाने के निर्देश दिए हैं, तो उनका पालन करें। एंटीबायोटिक दवाएं केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें और अपने मन से दवा शुरू या बंद न करें।

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निष्कर्ष

International Infection Prevention Week हमें इंफेक्शन से बचाव और समय पर उसके संकेत पहचानने की जरूरत की याद दिलाता है। ऑपरेशन के बाद घाव में बढ़ती लालिमा, सूजन, दर्द, पस निकलना, घाव का न भरना और बुखार जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, हर लालिमा या दर्द का मतलब इंफेक्शन नहीं होता, लेकिन लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय पर पहचान और सही इलाज से इंफेक्शन की गंभीरता को कम करने और रिकवरी में मदद मिल सकती है।

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FAQ

  • क्या ऑपरेशन के घाव में खुजली होना सामान्य है?

    घाव भरने के दौरान हल्की खुजली हो सकती है लेकिन अगर खुजली के साथ लाल चकत्ते, बढ़ती सूजन, दर्द या घाव से ब्लीडिंग, तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • ऑपरेशन के बाद घाव की ड्रेसिंग कितने समय तक करनी चाहिए?

    ड्रेसिंग कितने समय तक रखनी है, यह सर्जरी के प्रकार और घाव की स्थिति पर निर्भर करता है। इसे कब बदलना है या हटाना है, इसके लिए डॉक्टर की सलाह को फॉलो करें।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 22, 2026 16:49 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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