Wed Oct 21, 2026 | 06:02 PM IST

Medically Reviewed by Prof Dr S M Fayaz

घर में किसी एक को बुखार है तो बाकी लोग कैसे बचें? डॉक्टर से जानें इंफेक्शन रोकने के तरीके

घर में किसी एक सदस्य को बुखार होने पर दूसरों को भी इंफेक्शन हो सकता है। यहां डॉक्टर से जानिए, मरीज की देखभाल करते समय किन सावधानियों को अपनाएं और इंफेक्शन फैलने का खतरा कैसे कम करें।
घर में किसी एक को बुखार है तो बाकी लोग कैसे बचें? डॉक्टर से जानें इंफेक्शन रोकने के तरीकेघर में किसी एक को बुखार है तो बाकी लोग कैसे बचें? डॉक्टर से जानें इंफेक्शन रोकने के तरीके

International Infection Prevention Week: घर में किसी एक सदस्य को बुखार आते ही परिवार के बाकी लोगों को भी अपनी सेहत की चिंता सताने लगती है। खासकर अगर घर में छोटे बच्चे, बुजुर्ग या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोग हों, तो यह डर और बढ़ जाता है। KIMS हॉस्पिटल्स, महादेवपुरा बेंगलुरु के लीड और सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, बुखार खुद कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर में किसी समस्या का लक्षण है। इसके पीछे सामान्य वायरल इंफेक्शन से लेकर डेंगू और दूसरी बीमारियां तक हो सकती हैं। इनमें से कुछ इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं, जबकि कुछ सीधे संपर्क से नहीं फैलते। इसलिए हर तरह के बुखार में एक जैसी सावधानियां अपनाना सही नहीं है। आइए इंटरनेशनल इंफेक्शन प्रिवेंशन वीक पर डॉक्टर की सलाह के आधार पर जानते हैं कि घर में इंफेक्शन फैलने से रोकने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

घर में किसी को बुखार हो तो दूसरों को कैसे बचाएं?

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज के अनुसार, बुखार के साथ खांसी, छींक, गले में दर्द या नाक बहने जैसे लक्षण हों, तो इसकी वजह सांस से फैलने वाला इंफेक्शन हो सकता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या करीब रहने से दूसरे लोगों तक इंफेक्श पहुंच सकता है। कुछ इंफेक्शन दूषित हाथों, शेयर की जाने वाली वस्तुओं या संक्रमित सतहों को छूने से भी फैल सकते हैं। हालांकि, हर तरह का बुखार संक्रामक नहीं होता। इसलिए बुखार का कारण समझना जरूरी है।

1. मरीज को घर के दूसरे सदस्यों से दूर रखें

अगर किसी सदस्य को बुखार के साथ खांसी, जुकाम या गले में दर्द है, तो संभव हो तो उसे घर के दूसरे लोगों से थोड़ी दूरी पर रखें। मरीज के लिए अलग कमरा और सोने की अलग जगह रखना मददगार हो सकता है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को मरीज के बहुत करीब रहने से बचना चाहिए।

2. हाथों की सफाई का ध्यान रखें

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि संक्रमण यानी इंफेक्शन से बचाव के लिए हाथों की सफाई सबसे जरूरी आदतों में से एक है। मरीज को छूने, उसे खाना देने, उसकी देखभाल करने या उसके इस्तेमाल की वस्तुओं को छूने के बाद साबुन और पानी से हाथ धोएं। खाना बनाने और खाने से पहले भी हाथ साफ करना जरूरी है। गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को छूने से भी बचें।

इसे भी पढ़ें: बुखार ठीक होने के 2-3 महीने बाद क्यों झड़ते हैं बाल? डॉक्टर से जानें वजह

3. तौलिया और दूसरी चीजें अलग रखें

बुखार से पीड़ित व्यक्ति के लिए अलग तौलिया, रुमाल और पानी का गिलास रखें। इस्तेमाल किए गए रूमाल, कपड़ों और बिस्तर की चादरों को सावधानी से संभालें और जरूरत के अनुसार धोएं। दरवाजों के हैंडल, मोबाइल फोन, नल और लाइट के स्विच जैसी बार-बार छुई जाने वाली सतहों की सफाई करें। इन उपायों से कुछ इंफेक्शन के फैलने का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।

4. कमरे में हवा आने-जाने दें

अगर मरीज को खांसी, जुकाम या सांस से फैलने वाले इंफेक्शन के लक्षण हैं, तो कमरे में ताजी हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें। खिड़कियां खोलना या उचित वेंटिलेशन इंफेक्शन फैलने के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। मरीज के पास जाना जरूरी हो, तो अच्छी तरह फिट होने वाला मास्क पहनें।

How To Prevent fever SpreadingHow To Prevent fever Spreading

मरीज की देखभाल करते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

प्रोफेसर डॉ. एस.एम. फयाज सलाह देते हैं कि मरीज को पर्याप्त आराम करने दें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी व अन्य लिक्विड देते रहें। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं न दें, क्योंकि वे वायरल इंफेक्शन पर काम नहीं करती हैं। अगर बुखार बहुत तेज हो, सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द हो, कंफ्यूजन की स्थिति बने या मरीज की हालत बिगड़ रही हो, तो तुरंत इमरजेंसी में डॉक्टर से सलाह लें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जल्दी संपर्क करना बेहतर है।

इसे भी पढ़ें: बुखार उतरने के बाद भी खांसी नहीं जा रही है? डॉक्टर से जानें इसके कारण और क्या करें

साल 2001 में Journal of Applied Microbiology में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार-

  • घर और समुदाय में होने वाले वायरल इंफेक्शन हेल्थ के लिए बड़ा खतरा हैं, खासकर कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए।
  • ये वायरस मुख्य रूप से एक-दूसरे के संपर्क, गंदे हाथों और दूषित सतहों के जरिए तेजी से फैलते हैं। इस खतरे से बचने के लिए साफ-सफाई पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
  • सही जानकारी, अच्छी पर्सनल हाइजीन जैसे बार-बार हाथ धोना और घर या आस-पास की सतहों को साफ रखकर इन खतरनाक इंफेक्शन को काफी हद तक रोका जा सकता है। थोड़ी सी सावधानी से हम खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

निष्कर्ष

International Infection Prevention Week हमें याद दिलाता है कि इंफेक्शन से बचाव की शुरुआत घर की छोटी-छोटी आदतों से होती है। घर में किसी सदस्य को बुखार होने पर हाथों की सफाई, उचित वेंटिलेशन, पर्सनल वस्तुएं अलग रखना और जरूरत के अनुसार मास्क पहनना मददगार हो सकता है। हालांकि, इंफेक्शन से बचने के सही उपाय बुखार के कारण पर निर्भर करते हैं। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या बुखार होने पर मरीज को नहलाना सेफ है?

    मरीज की स्थिति ठीक हो तो गुनगुने पानी से शरीर साफ किया जा सकता है। बहुत ठंडे पानी से नहलाने से बचें। मरीज को कंपकंपी या कमजोरी हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • क्या बुखार होने पर बच्चों को स्कूल भेजना चाहिए?

    अगर बच्चे को बुखार है, तो उसे आराम के लिए घर पर रखना चाहिए। स्कूल वापस भेजने से बच्चे की तबीयत और ज्यादा बिगड़ सकती है।
  • बुखार होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

    अगर बुखार लगातार बना रहे, बार-बार लौटे, मरीज की हालत बिगड़े या सांस लेने में परेशानी, तेज सिरदर्द अथवा गंभीर कमजोरी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

Read Next

→ मौसम बदलते ही गले में खराश और जुकाम से बचने के लिए कौन सी आदतों को अपनाएं, डॉक्टर से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 21, 2026 16:18 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Prof Dr S M Fayaz