Fri Sep 11, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

पेन किलर के रूप में शहद का इस्तेमाल कैसे करें? डॉक्टर से जानें

शहद एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जिसका इस्तेमाल आप पैन किलर के रूप में कर सके हैं, आइए जानते हैं कैसे?

शहद का इस्तेमाल आयुर्वेद में एक बेहतरीन औषधि के रूप में माना जाता है। सदियों से शहद का उपयोग कई बीमारियों को ठीक करने या कई जड़ी-बूटी के साथ मिलाकर किया जाता है। शहद में एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो न सिर्फ आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होती है, बल्कि ये शरीर में होने वाले अलग-अलग दर्द से भी राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। शहद न सिर्फ शरीर के अंदर होने वाले दर्द से राहत मिलती है, बल्कि ऊपरी दर्द से भी आराम दिलाने में मदद कर सकता है। ऐसे में आइए हरियाणा के सिरसा में स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि पेन किलर के रूप में शहद का इस्तेमाल (dard me shahad ka use kaise kare) आप कैसे कर सकते हैं?

दर्द से राहत के लिए शहद का उपयोग कैसे करें?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, दर्द से राहत पाने के लिए आप शहद का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से कर सकते हैं, जैसे-

1. गले के दर्द में शहद का इस्तेमाल

गले में खराश, जलन या दर्द होने पर शहद का इस्तेमाल काफी फायदेमंद माना जाता है। इसकी चिकनाई और एंटी-सेप्टिक गुण गले की सूजन को कम करने में मदद करता है। गले के दर्द से राहत पाने के लिए आप एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद मिलाएं। इसमें चाहें तो आधा चम्मच  अदरक का रस भी डाल सकते हैं। दिन में 2 से 3 बार इस शहद के पानी को पीने से गले के दर्द और सूजन को कम करके खांसी की समस्या से राहत मिल सकती है।

इसे भी पढ़ें: सर्दियों में जोड़ों के दर्द से राहत चाहिए? ये फूड्स ज्वाइंट्स को ल्यूब्रिकेट कर बनाएंगे फ्लेक्सिबल

2. घाव या जलने के दर्द से शहद का उपयोग

शहद में नेचुरल एंटीसेप्टिक होता है, जिसका इस्तेमाल घाव या जले पर इंफेक्शन फैलने से रोकने और घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलती है। हल्की जलन या छोटे घाव पर शहद लगाने से दर्द और सूजन से राहत मिलती है। घाव या जलने वाले स्थान को साफ पानी से धो लें। उस पर शुद्ध शहद की पतली परत लगाएं, साफ पट्टी से ढक लें और दिन में एक बार पट्टी बदल लें। ध्यान रहे ज्यादा चोट या जला है तो घरेलू उपाय के स्थान पर डॉक्टर को दिखाएं।

3. पेट दर्द या गैस में शहद का यूज

शहद का इस्तेमाल पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करने में मदद मिलती है और पेट की मांसपेशियों के तनाव को कम किया जा सकता है। अगर गैस, अपच और पेट में हल्का दर्द है तो शहद का सेवन आराम दिलाने में मदद कर सकता है। आप आधा चम्मच गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पी लें। यह पेट को आराम देने और पाचन को बेहतर रखने में मदद करेगा।

dard-me-shahad-ka-use-kaise-kare-inside

4. मांसपेशियों के दर्द में शहद का उपयोग

कसरत, ज्यादा मेहनत या कमजोरी के कारण मांसपेशियों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है। शहद में मौजूद नेचुरल शुगर और मिनरल्स शरीर की एनर्जी बढ़ाने में मदद करता है, जिससे मांसपेशियों में दर्द को कम करने में मदद मिलती है। गर्म दूध में 1 चम्मच शहद मिलाकर रात में पिएं, ताकि मांसपेशियों को रिलैक्स करने और दर्द को कम करने में मदद मिल सके।

इसे भी पढ़ें: क्या रनिंग के बाद हर बार पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है? जानें बचाव के टिप्स

5. पीरियड क्रैम्प्स में शहद का इस्तेमाल

शहद में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पीरियड्स के दर्द को हल्का करने में मदद कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए गर्म पानी में शहद और दालचीनी मिलाकर पिएं। ऐसा करने से पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को कम किया जा सकता है। दिन में एक बार ये पानी पीना काफी होता है।

निष्कर्ष

शहद का इस्तेमाल आप कई तरीकों से कर सकते हैं। गले के दर्द, चोट, जले का दर्द, मांसपेशियों की ऐंठन, पेट दर्द और पीरियड क्रैम्प्स से राहत के लिए आप अलग-अलग तरह से शहद का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, अगर आपकी स्थिति गंभीर है तो घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करने के स्थान पर डॉक्टर से पहले कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik 

Read Next

गैस पेन से तुरंत राहत देते हैं ये 3 उपाय, छूमंतर हो जाएगा दर्द

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Dec 05, 2025 06:33 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Dec 05, 2025 06:33 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Dec 05, 2025 06:33 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content