Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

सर्दियों में जोड़ों का दर्द और सूजन बढ़ रही है? इन एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स से मिलेगा तुरंत आराम

सर्दियों का मौसम जहां ठंड और आराम लेकर आता है, वहीं इस दौरान शरीर में सूजन (Inflammation), जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों में अकड़न और पुरानी बीमारियों के लक्षण बढ़ने लगते हैं। यहां जानिए, एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स के बारे में जो दर्द और सूजन को कम करने में सहायक हैं।

सर्दियों का मौसम आते ही कई लोगों को जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में अकड़न, सूजन और शरीर में भारीपन महसूस होने लगता है। ठंड बढ़ते ही पुराने दर्द उभर आते हैं और रोजमर्रा के काम भी मुश्किल लगने लगते हैं। अक्सर लोग इसे उम्र या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल वजह कई बार हमारी प्लेट में छिपी होती है। गलत खान-पान, ज्यादा तला-भुना और मीठा खाने से शरीर में इंफ्लेमेशन यानी सूजन धीरे-धीरे बढ़ने लगती है, जो दर्द और थकान का कारण बनती है। सर्दियों में हम ठंड से बचने के लिए कम चलना-फिरना पसंद करते हैं, धूप कम मिलती है और पानी पीने की आदत भी घट जाती है। ऊपर से चाय-कॉफी, पकौड़े, पराठे और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन बढ़ जाता है। ये सभी चीजें शरीर में सूजन को बढ़ावा देती हैं। नतीजा यह होता है कि जोड़ों का दर्द, पीठ दर्द, सर्वाइकल, यहां तक कि स्किन से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ सही फूड्स को डाइट में शामिल कर इन परेशानियों को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

इस लेख में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानेंगे, सर्दियों में कौन-से फूड्स सूजन कम करने में सबसे ज्यादा असरदार होते हैं और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए।

सर्दियों में सूजन खत्म करने के लिए क्या खाना चाहिए?

डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''सर्दियों में गलत खान-पान शरीर में सूजन को बढ़ा सकता है, लेकिन सही एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट अपनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।'' ठंड के मौसम में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और लोग फिजिकल एक्टिविटी भी कम कर देते हैं। ऊपर से तला-भुना, मीठा और प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाने से शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ने लगता है। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि सर्दियों में शरीर को ऐसे फूड्स की जरूरत होती है जो अंदर से गर्माहट दें और सूजन को कम करें।

1. हल्दी और अदरक

भारतीय किचन में मौजूद हल्दी और अदरक सबसे पॉवरफुल एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स माने जाते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है, वहीं अदरक जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की अकड़न से राहत देता है। सर्दियों में हल्दी वाला दूध या अदरक की चाय शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है।

इसे भी पढ़ें: Anti Inflammatory Diet: एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट की शुरुआत कैसे करें? जानें 7 द‍िन का डाइट प्‍लान

best anti inflammatory foods

2. देसी घी

अक्सर लोग सूजन के डर से फैट से दूरी बना लेते हैं, जबकि सही फैट सूजन कम करने में मदद करता है। सीमित मात्रा में देसी घी, अखरोट, बादाम, अलसी और चिया सीड्स ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो इंफ्लेमेशन को कम करते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''सर्दियों में हेल्दी फैट शरीर के जोड़ों को लुब्रिकेट रखता है और दर्द से राहत देता है।''

3. मौसमी सब्जियां

सर्दियों की हरी सब्जियां एंटी-ऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर होती हैं। पालक, मेथी, सरसों का साग, ब्रोकली, गाजर और चुकंदर शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करते हैं। ये सब्जियां इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ सूजन को भी कम करती हैं। नियमित रूप से इनका सेवन जोड़ों और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होता है।

इसे भी पढ़ें: क्‍या अर्थराइट‍िस के दर्द से राहत द‍िलाती है एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट? एक्‍सपर्ट से जानें

4. फलों का सेवन

सर्दियों में संतरा, अमरूद, सेब और अनार जैसे फल विटामिन C और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ये शरीर में होने वाली सूजन को कम करते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि रोजाना एक-दो फल खाने से क्रॉनिक इंफ्लेमेशन का खतरा कम हो सकता है।

इन चीजों से बनाएं दूरी

अगर आप सर्दियों में सूजन से बचना चाहते हैं तो ज्यादा मीठा, मैदा, पैकेज्ड फूड, ज्यादा तली चीजें और ज्यादा चाय-कॉफी से दूरी बनानी होगी। ये फूड्स शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ाने का काम करते हैं और दर्द को और बढ़ा सकते हैं।

डाइटिशियन की सलाह

सिर्फ डाइट ही नहीं, सही लाइफस्टाइल भी सूजन कम करने में मदद करती है। हल्की धूप में बैठना, रोजाना स्ट्रेचिंग, योग और पर्याप्त नींद इंफ्लेमेशन को कंट्रोल में रखते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन सलाह देती हैं कि ठंड में भी शरीर को एक्टिव रखना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

सर्दियों में सूजन और दर्द को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। सही एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। हल्दी, अदरक, हेल्दी फैट, मौसमी सब्जियां और फल शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ''अगर सर्दियों में खान-पान संतुलित और नेचुरल रखा जाए तो न सिर्फ सूजन कम होती है, बल्कि शरीर ज्यादा एक्टिव और पेन फ्री महसूस करता है।'' सही फूड्स के साथ इस ठंड के मौसम को हेल्दी और आरामदायक बनाया जा सकता है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • डाइट फूड्स क्या होते हैं?

    डाइट फूड्स ऐसे फूड्स होते हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं लेकिन कैलोरी कम देते हैं और शरीर को हेल्दी रखने में मदद करते हैं।
  • क्या डाइटिंग से वजन कम होता है?

    हां, अगर सही मात्रा और संतुलन में डाइट फूड्स खाए जाएं तो वजन कंट्रोल और फैट बर्न में मदद मिलती है।
  • क्या बच्चे को डाइट पर रखना ठीक है?

    हां, डाइटिशियन की सलाह पर सही चुनाव के साथ डाइट फूड्स सभी उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद होते हैं।

Read Next

नींबू के छिलके फेंकने की जगह उबाल कर पीने से मिलेंगे ये फायदे, एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 19, 2026 15:59 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 19, 2026 15:59 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 19, 2026 15:59 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Archana Jain

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content