कुछ समय पहले एक्ट्रेस विद्या बालन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वजन घटाने के लिए उन्होंने एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट को अपनाया। तभी से इस शब्द का प्रचलन ज्यादा बढ़ गया है। अब हर कोई इसकी मदद से वजन घटाने की इच्छा रखता है, लेकिन क्या वाकई इस डाइट से वेट लॉस होता है? एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में, इंफ्लेमेशन शब्द का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब है सूजन। Harvard Medical School में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, जब सूजन लंबे समय तक हमारे शरीर में रहती है, तो इसे क्रॉनिक सूजन कहा जाता है जो कि बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है जैसे रूमेटाइड अर्थराइटिस, कैंसर, हार्ट डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज, अस्थमा वगैरह। जानते हैं सूजन और वजन घटाने वाली एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट आखिर क्या होती है और इसके फायदे-नुकसान क्या हैं? बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट क्या होती है?

Nutritionist Neha Sinha ने कहा, ''एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट एक तरह का डाइट प्लान है जिसमें सूजन कम करने वाले खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल किया जाता है और प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। इस डाइट से वजन और सूजन कम करने के साथ-साथ हार्ट, लिवर, किडनी, पाचन से संबंधित समस्याओं को भी दूर करने में मदद मिलती है।''
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सूजन और वजन घटाने वाले पोषक तत्व
Johns Hopkins Medicine के मुताबिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट की मदद से सूजन और वजन कंट्रोल करने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त चीजें जैसे फ्लैक्स सीड्स, सैल्मन या मैकेरल फिश, विटामिन सी युक्त फल, सब्जियां, पॉलीफेनोल्स युक्त फूड्स जैसे ऑलिव ऑयल, साबुत अनाज वगैरह का सेवन कर सकते हैं। साथ ही जो फूड्स गट फ्रेंडली होंगे, वो शरीर में सूजन को भी कम करने में मदद करेंगे जैसे प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स फूड्स।
एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट के फायदे
- ब्लूबेरी, सेब, हरी सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनोल की भरपूर मात्रा होती है। इनका सेवन करके सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
- एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में फाइबर रिच फूड्स शामिल होते हैं जिससे वजन देर तक भरा रहता है और ओवरईटिंग की संभावना कम होती है।
- बीपी और डायबिटिक मरीजों के लिए यह डाइट प्लान फायदेमंद है क्योंकि इससे शुगर लेवल और बीपी को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है।
- पाचन समस्याएं जैसे उल्टी, दस्त, एसिडिटी, पेट में जलन से राहत के लिए भी यह डाइट प्लान असरदार माना जाता है।
एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट के नुकसान
- एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में अगर फाइबर युक्त चीजों का ज्यादा सेवन करेंगे, तो पाचन समस्याएं जैसे ब्लोटिंग या गैस हो सकती है।
- जिन लोगों को किसी खाद्य पदार्थ जैसे दही या दूध से एलर्जी है, उन्हें इस डाइट में शामिल चीजों का सेवन करने में मुश्किल हो सकती है।
- इस डाइट में अक्सर लोग कार्ब्स छोड़ देते हैं जिससे कमजोरी या थकान हो सकती है। इससे बचने के लिए कॉम्प्लेक्स कार्ब्स जैसे ब्राउन राइस, ज्वार, रागी वगैरह का सेवन करें।
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लो कैलोरी डाइट से ज्यादा असरदार है एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट: स्टडी
साल 2022 में European Journal Of Nutrition में प्रकाशित एक स्टडी में ऑस्टियोअर्थराइटिस से पीड़ित ओवरवेट महिलाओं पर एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट के प्रभाव को देखा गया। इस स्टडी 40 से ज्यादा उम्र की महिलाओं को शामिल किया गया। जिन महिलाओं ने एंटी-इंफ्लेमेरी डाइट का सेवन दो महीनों तक किया उनके वजन और घुटने के दर्द में कमी देखी गई। इसे लो-कैलोरी डाइट के मुकाबले ज्यादा असरदार बताया गया।
किन चीजों के सेवन से बढ़ सकती है सूजन?
Mayo Clinic में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, अगर आपके शरीर में सूजन लगातार बढ़ रही है, तो इसके पीछे कई खाद्य पदार्थ जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे-
- चीनी वाले सोडा, फ्रूट ड्रिंक्स, मीठ चाय वगैरह से भी परहेज करें।
- तली हुई चीजें जैसे चिप्स या फ्रेंच फ्राइज। बेकिंग या एयर फ्राई मेथड का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित है।
- रिफाइंड कार्ब्स जैसे सफेद ब्रेड, चावल, पास्ता, पेस्ट्री वगैरह का सेवन न करें। इसके बजाय ब्राउन राइस या होल ग्रेन से बने सीरियल खा सकते हैं।
- प्रोसेस्ड मीट जैसे रेड मीट से बचें।
- फैट की मात्रा कम रखें। ऑलिव, कैनोला या एवोकाडो जैसे हेल्दी विकल्प चुनें।
एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट में किन चीजों को शामिल करें?
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में इन चीजों को कर सकते हैं शामिल-
- ऑलिव ऑयल
- टमाटर
- हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल (मानसून सीजन में इनसे परहेज करें)
- बादाम और अखरोट
- फैटी फिश जैसे सैल्मन, मैकेरल, टूना
- फल जैसे स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, चेरी और संतरे
निष्कर्ष:
एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट की मदद से सूजन और वजन कम करने में मदद मिलती है। इससे हार्ट, किडनी, लिवर और पाचन से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है। ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकता है और हाई बीपी से बचने में भी मदद मिल सकती है। ऑलिव ऑयल, बादाम, अखरोट, टमाटर, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, हरी पत्तेदार सब्जियां वगैरह का सेवन कर सकते हैं। एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन सी, पॉलीफेनोल्स और गट फ्रेंडली फूड्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं। जिन लोगों को किसी खास चीज से एलर्जी है या जो फाइबर का सेवन जरूरत से ज्यादा करते हैं उन्हें इस डाइट से पाचन समस्याएं हो सकती हैं।
FAQ
क्या एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट में चावल खा सकते हैं?
हां, एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट में चावल को शामिल कर सकते हैं, लेकिन मात्रा सीमित रखें और सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस को चुनना सेहतमंद विकल्प है।क्या अदरक का सेवन करने से सूजन कम होती है?
केवल अदरक का सेवन करने से सूजन कम नहीं होती। इसमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स के कारण इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
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Aug 17, 2026 17:36 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha