Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

आयुर्वेद में खास मानी जाती है अपराजिता, डॉक्‍टर से जानें जोड़ों की तकलीफ में कैसे पहुंचाती है लाभ?

अपराज‍िता एक आयुर्वेद‍िक जड़ी-बूटी मानी जाती है ज‍िसके पत्तों, जड़ोंं और फूलोंं का इस्‍तेमाल जोड़ों की तकलीफ को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है क्‍योंंक‍ि इसमें एंटी इंंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। जानें इसके फायदे।

आजकल जोड़ोंं या हड्ड‍ियोंं में दर्द या सूजन की समस्‍या आम होती जा रही है। पहले जोड़ों में तकलीफ होना बूढ़े लोगोंं की समस्‍या समझा जाता था, लेक‍िन अब यह समस्‍या युवाओं को भी अपना श‍िकार बना रही है। पूरे द‍िन बैठे रहने की आदत, एक्‍सरसाइज न करना, मोटापा, पोषक तत्‍वोंं की कमी जैसे कारण जब लंंबे समय तक रहते हैं, तो जोड़ोंं की तकलीफ की वजह बन सकते हैं। जोड़ोंं की तकलीफ से छुटकारा पाने के ल‍िए आयुर्वेद में अपराज‍िता (वैज्ञान‍िक नाम Clitoria Ternatea) का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। अपराज‍िता की तासीर ठंंडी होती है। अपराज‍िता को एंटी इंंफ्लेमेटरी गुणों वाला माना जाता है यानी इसकी मदद से दर्द और सूजन से राहत पा सकते हैं। जोड़ोंं की समस्‍या दूर करने के ल‍िए अपराज‍िता के फायदे जानने के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

सूजन कम करने में मदद म‍िलती है

अपराज‍िता नीले या सफेद फूलोंं वाली बेल होती है और इसकी जड़, पत्ते और फूल तीनों में ही सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। जोड़ों के दर्द का एक मुख्‍य कारण सूजन होती है। जब जोड़ों के आसपास सूजन बढ़ती है, तो दर्द और अकड़न महसूस हो सकती है।

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अपराजिता के पत्ते और जड़ों में होते हैं एंंटी इंंफ्लेमेटरी गुण

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आयुर्वेद में अपराजिता के पत्ते और जड़ों को खास महत्‍व द‍िया गया है। इसकी जड़ और पत्तों का रस कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओंं को दूर करने में मदद करता है ज‍िनमें से एक है जोड़ों और हड्ड‍ियों का दर्द। इस हर्ब में एंटी इंंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द से राहत देते हैं।

साल 2024 में Journal Of Pharmacognosy And Phytochemistry के मुताब‍िक, अपराज‍ि‍ता एक आयुर्वेद‍िक जड़ी-बूटी है ज‍िससे सूजन कम होती है, यह एक दर्द-न‍िवारक औषध‍ि है। स्‍टडी में इसे लोकल एनेस्‍थेट‍िक भी माना गया है। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है और मांंसपेश‍ियोंं को आराम म‍िलता है।

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नसों को मजबूती म‍िलती है

अपराज‍िता हर्ब की जड़ों के रस का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है ताक‍ि नसों को मजबूती म‍िले। इस हर्ब को आयुर्वेद में रक्‍त-शोधक भी कहा जाता है यानी यह ब्‍लड को साफ करने वाली हर्ब मानी जाती है। दो कप पानी में अपराजिता के पत्तोंं को उबालें और पानी जब आधा हो जाए, तो उसे छानकर सेवन कर सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

अपराजिता हर्ब में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ोंं की सूजन और दर्द को दूर करने में मदद करता है। इसके पत्ते और जड़ों के रस का इस्‍तेमाल दर्द दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है।

image credit: amazon, seedsville

FAQ

  • अपराजिता के फायदे क्‍या हैं?

    अपराज‍िता हर्ब ब्रेन पावर और मेमोरी को बढ़ाने में मदद करता है, इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं ज‍िससे जोड़ोंं की समस्‍या दूर होती है और दर्द भी ठीक हो जाता है।
  • अपराजिता के नुकसान क्‍या हैं?

    अपराजिता को ज्‍यादा मात्रा में लेने से मतली या उल्‍टी जैसी समस्‍याएंं हो सकती हैं। गर्भवती मह‍िलाओंं को भी इसे लेने की सलाह नहीं दी जाती है।

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Disclaimer

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 08, 2026 09:36 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 08, 2026 09:36 IST

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