Fri Oct 9, 2026 | 07:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

आयुर्वेद में खास मानी जाती है अपराजिता, डॉक्‍टर से जानें जोड़ों की तकलीफ में कैसे पहुंचाती है लाभ?

अपराज‍िता एक आयुर्वेद‍िक जड़ी-बूटी मानी जाती है ज‍िसके पत्तों, जड़ोंं और फूलोंं का इस्‍तेमाल जोड़ों की तकलीफ को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है क्‍योंंक‍ि इसमें एंटी इंंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। जानें इसके फायदे।
आयुर्वेद में खास मानी जाती है अपराजिता, डॉक्‍टर से जानें जोड़ों की तकलीफ में कैसे पहुंचाती है लाभ?आयुर्वेद में खास मानी जाती है अपराजिता, डॉक्‍टर से जानें जोड़ों की तकलीफ में कैसे पहुंचाती है लाभ?

आजकल जोड़ोंं या हड्ड‍ियोंं में दर्द या सूजन की समस्‍या आम होती जा रही है। पहले जोड़ों में तकलीफ होना बूढ़े लोगोंं की समस्‍या समझा जाता था, लेक‍िन अब यह समस्‍या युवाओं को भी अपना श‍िकार बना रही है। पूरे द‍िन बैठे रहने की आदत, एक्‍सरसाइज न करना, मोटापा, पोषक तत्‍वोंं की कमी जैसे कारण जब लंंबे समय तक रहते हैं, तो जोड़ोंं की तकलीफ की वजह बन सकते हैं। जोड़ोंं की तकलीफ से छुटकारा पाने के ल‍िए आयुर्वेद में अपराज‍िता (वैज्ञान‍िक नाम Clitoria Ternatea) का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। अपराज‍िता की तासीर ठंंडी होती है। अपराज‍िता को एंटी इंंफ्लेमेटरी गुणों वाला माना जाता है यानी इसकी मदद से दर्द और सूजन से राहत पा सकते हैं। जोड़ोंं की समस्‍या दूर करने के ल‍िए अपराज‍िता के फायदे जानने के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

सूजन कम करने में मदद म‍िलती है

अपराज‍िता नीले या सफेद फूलोंं वाली बेल होती है और इसकी जड़, पत्ते और फूल तीनों में ही सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। जोड़ों के दर्द का एक मुख्‍य कारण सूजन होती है। जब जोड़ों के आसपास सूजन बढ़ती है, तो दर्द और अकड़न महसूस हो सकती है।

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अपराजिता के पत्ते और जड़ों में होते हैं एंंटी इंंफ्लेमेटरी गुण

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आयुर्वेद में अपराजिता के पत्ते और जड़ों को खास महत्‍व द‍िया गया है। इसकी जड़ और पत्तों का रस कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओंं को दूर करने में मदद करता है ज‍िनमें से एक है जोड़ों और हड्ड‍ियों का दर्द। इस हर्ब में एंटी इंंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द से राहत देते हैं।

साल 2024 में Journal Of Pharmacognosy And Phytochemistry के मुताब‍िक, अपराज‍ि‍ता एक आयुर्वेद‍िक जड़ी-बूटी है ज‍िससे सूजन कम होती है, यह एक दर्द-न‍िवारक औषध‍ि है। स्‍टडी में इसे लोकल एनेस्‍थेट‍िक भी माना गया है। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है और मांंसपेश‍ियोंं को आराम म‍िलता है।

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नसों को मजबूती म‍िलती है

अपराज‍िता हर्ब की जड़ों के रस का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है ताक‍ि नसों को मजबूती म‍िले। इस हर्ब को आयुर्वेद में रक्‍त-शोधक भी कहा जाता है यानी यह ब्‍लड को साफ करने वाली हर्ब मानी जाती है। दो कप पानी में अपराजिता के पत्तोंं को उबालें और पानी जब आधा हो जाए, तो उसे छानकर सेवन कर सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

अपराजिता हर्ब में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ोंं की सूजन और दर्द को दूर करने में मदद करता है। इसके पत्ते और जड़ों के रस का इस्‍तेमाल दर्द दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है।

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FAQ

  • अपराजिता के फायदे क्‍या हैं?

    अपराज‍िता हर्ब ब्रेन पावर और मेमोरी को बढ़ाने में मदद करता है, इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं ज‍िससे जोड़ोंं की समस्‍या दूर होती है और दर्द भी ठीक हो जाता है।
  • अपराजिता के नुकसान क्‍या हैं?

    अपराजिता को ज्‍यादा मात्रा में लेने से मतली या उल्‍टी जैसी समस्‍याएंं हो सकती हैं। गर्भवती मह‍िलाओंं को भी इसे लेने की सलाह नहीं दी जाती है।

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    Jun 08, 2026 09:36 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 08, 2026 09:36 IST

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  • Jun 08, 2026 09:36 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma