अपराजिता एक बेलनुमा पौधा है जिस पर उगने वाले फूल नीले, सफेद या बैंगनी रंग के दिखते हैं। अपराजिता को शंखपुष्पी भी कहा जाता है। कई राज्यों में इसके पौधे आसानी से देखने को मिल जाते हैं। आयुर्वेद की मानें, तो अपराजिता हर्ब की तासीर ठंडी होती है। इसकी मदद से शरीर में पित्त को संतुलित करने में मदद मिलती है और यही वजह है कि गर्मियों में इसका सेवन पसंद किया जाता है। अपराजिता में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इससे हेल्दी एजिंग और कोशिकाओं को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। दिमाग की सेहत के लिए अपराजिता फायदेमंद है या नहीं? इसका जवाब जानने के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाती है अपराजिता

आयुर्वेदाचार्य Dr. Shrey Sharma ने बताया कि अपराजिता हर्ब की मदद से दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद मिलती है। अपराजिता में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं। अपराजिता हर्ब की मदद से दिमाग की सेहत को फायदा पहुंचता है और सीखने की क्षमता, याददाश्त और एकाग्रता में सुधार हो सकता है। साल 2015 में Journal Of Natural Remedies नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ाने और एंग्जायटी को कम करने के लिए अपराजिता हर्ब को फायदेमंद पाया गया।
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न्यूरोडिजनरेटिव समस्याएं दूर होती हैं
आयुर्वेदाचार्य Dr. Shrey Sharma ने बताया कि अपराजिता में न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं जो दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इस वजह से उम्र बढ़ने के साथ होने वाली न्यूरोडिजनरेटिव यानी दिमाग की समस्याओं को भी कम करने में मदद मिलती है।
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अपराजिता का सेवन कैसे करें?
अपराजिता का सेवन सबसे ज्यादा हर्बल टी के रूप में किया जाता है। अपराजिता के फूलों को पानी के साथ उबालें। फिर पानी को छानकर पी लें। बेड टाइम पर इसका सेवन करना फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इससे नींद भी अच्छी आती है। बाजार में मिलने वाले अच्छे ब्रांड के अपराजिता पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि प्राकृतिक रूप से इसका सेवन ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
निष्कर्ष:
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी अपराजिता याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में फायदेमंद मानी जाती है। इससे एंग्जायटी को दूर करने में मदद मिलती है, नींद अच्छी आती है, डिजनरेशन से बचाव होता है और इसकी तासीर ठंडी होती है, तो गर्मियों में इसका सेवन कर सकते हैं।
FAQ
एकाग्रता कम होने के लक्षण क्या हैं?
पढ़ाई या काम के दौरान गलतियां होना, निर्णय न ले पाना, मानसिक थकान महसूस होना, बार-बार ध्यान भटकना, एकाग्रता कम होने के लक्षण हैं।एकाग्रता बढ़ाने के लिए क्या करें?
एकाग्रता बढ़ाने के लिए पर्याप्त नींद लें, एक्सरसाइज करें, संतुलित आहार लें। इससे दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी।
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Jun 16, 2026 18:09 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jun 16, 2026 18:09 IST
Modified By : Yashaswi MathurJun 16, 2026 18:09 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma