Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

केमिकल वाले माउथवॉश की जगह अपनाएं ये 4 नेचुरल मुख शुद्धि के तरीके, सांसों की बदबू भी होगी दूर

केमिकल युक्त माउथवॉश की बजाय आयुर्वेदिक और नेचुरल मुख शुद्धि के तरीके अपनाकर मुंह की बदबू, बैक्टीरिया और दांतों की समस्याओं से राहत पाई जा सकती है।

मुंह की साफ-सफाई अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है, अगर ओरल हेल्थ का सही तरीके से ध्यान न रखा जाए तो दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारी, मुंह से बदबू और बैक्टीरियल इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यही वजह है कि आजकल कई लोग अपने डेली ओरल केयर रूटीन में माउथ वॉश का इस्तेमाल करते हैं। बाजार में मिलने वाले ज्यादातर माउथ वॉश में कई प्रकार के केमिकल्स और अल्कोहल मौजूद होते हैं, जो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को कम करने का काम करते हैं लेकिन कुछ लोगों को इनके इस्तेमाल से मुंह में ड्राईनेस, जलन या स्वाद में बदलाव जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में कई लोग नेचुरल और आयुर्वेदिक विकल्पों की तलाश करते हैं। इस लेख में सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानिए, नेचुरल माउथवॉश के तरीके क्या हैं?

माउथवॉश के नेचुरल तरीके क्या हैं?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, लौंग का पानी, सौंफ का पानी, दालचीनी का पानी और फिटकरी का पानी मुंह की स्वच्छता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

1. मुंह के लिए लौंग का पानी

लौंग को आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इसमें मौजूद तत्व एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि लौंग का पानी मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को कम करने और सांसों की दुर्गंध से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इसके लिए कुछ लौंग को पानी में उबालकर ठंडा करें और उससे कुल्ला करें। नियमित उपयोग से मुंह को ताजगी महसूस हो सकती है।

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2. फ्रेशनेस के लिए सौंफ का पानी

सौंफ में मौजूद नेचुरल तत्व मुंह की दुर्गंध को कम करने में मदद करते हैं। डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, सौंफ का पानी मुख शुद्धि के लिए एक अच्छा नेचुरल विकल्प हो सकता है। इसके लिए सौंफ को पानी में उबालकर छान लें और ठंडा होने के बाद कुल्ला करें। यह मुंह में ताजगी बनाए रखने के साथ-साथ हल्की बदबू को कम करने में भी सहायक माना जाता है।

3. दालचीनी का पानी

दालचीनी में नेचुरल एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं जो मुंह में मौजूद कुछ बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, दालचीनी का पानी कुल्ले के रूप में इस्तेमाल करने से मुंह की सफाई बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। साथ ही इसकी हल्की सुगंध सांसों को भी फ्रेश महसूस कराती है।

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4. मुंह की सफाई के लिए फिटकरी का पानी

फिटकरी का उपयोग लंबे समय से अलग-अलग घरेलू उपायों में किया जाता रहा है। इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो मुंह की सफाई में मदद कर सकते हैं। फिटकरी के पानी से कुल्ला करने से मुंह में जमा गंदगी और कुछ प्रकार के बैक्टीरिया को कम करने में सहायता मिल सकती है लेकिन इसका उपयोग सीमित मात्रा में और एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

निष्कर्ष

आयुर्वेदिक डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, लौंग का पानी, सौंफ का पानी, दालचीनी का पानी और फिटकरी का पानी केमिकल युक्त माउथ वॉश के नेचुरल विकल्प हो सकते हैं। ये उपाय मुंह की सफाई और ताजगी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं लेकिन किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत के अनुसार एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहता है।

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FAQ

  • अच्छी ओरल हेल्थ के लिए क्या करना चाहिए?

    दिन में दो बार ब्रश करें, जीभ साफ करें, पर्याप्त पानी पिएं और समय-समय पर डेंटल चेकअप करवाएं।
  • मुंह से बदबू आने का कारण क्या है?

    खराब ओरल हाइजीन, दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारी मुंह से बदबू आने के कारण हो सकते हैं।
  • सांसों की दुर्गंध के लिए सौंफ का उपयोग कैसे करें?

    1 चम्मच सौंफ को 1 गिलास पानी में उबालकर इस पानी को ठंडा करने के बाद इससे कुल्ला करें।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 16, 2026 17:31 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 16, 2026 17:31 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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