आलकल की जीवनशैली, खराब खानपान और बढ़ती उम्र का असर सबसे पहले बालों पर दिखने लगता है। आयुर्वेद में बालों की देखभाल के लिए कई जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है, उन्हींं में से तीन हैं भृंगराज, आंवला और ब्राह्मी जिन्हें आयुर्वेद में विशेष महत्व दिया गया है। इन्हें बालों की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इन तीनों की तासीर ठंडी होती है और इससे शरीर को पोषण मिलता है। बालों के लिए भृंगराज, आंवला और ब्राह्मी की अहमियत को समझने के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
रसायन गुणों से भरपूर हैं ये तीनों जड़ी-बूटियां
आयुर्वेद में रसायन उन औषधियों को कहा जाता है जो शरीर को पोषण देने, ताकत बढ़ाने और उम्र बढ़ने के प्रभावों को कम करने में असरदार मानी जाती हैं। भृंगराज, आंवला और ब्राह्मी तीनों को ही श्रेष्ठ रसायन माना गया है। जब शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है, तो इसका अच्छा असर बालों पर भी दिखाई देता है। यही कारण है कि इन जड़ी-बूटियों को बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और उनकी प्राकृतिक गुणवत्ता बनाए रखने में असरदार माना जाता है।
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बढ़ती उम्र के साथ बालों की समस्याओं को दूर करती हैं ये औषधियां
बढ़ती उम्र के साथ बालों का पतला होना, झड़ना और सफेद होना सामान्य माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार यह बदलाव शरीर में होने वाली एजिंग प्रक्रिया से जुड़े हो सकते हैं। ये औषधियां शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने और टिशूज को पोषण देने में मदद करती हैं। अगर बालों का झड़ना उम्र बढ़ने से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण हो रहा है, तो इन औषधियों का सेवन या इस्तेमाल किया जा सकता है।
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आंवला

आंवला में प्राकृतिक रूप से विटामिन सी मौजूद होता है, जो शरीर के साथ-साथ बालों, त्वचा और पूरे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंंद बताया गया है। यह पंच रस युक्त होता है, यानी इसमें पांच प्रकार के रस पाए जाते हैं। बालों की ग्रोथ के लिए आंवला का सेवन करना सेहतमंद हो सकता है।
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भृंगराज
भृंगराज को आयुर्वेद में 'केश रंजक' कहा गया है। केश रंजक का अर्थ है ऐसा द्रव्य जो बालों के प्राकृतिक रंग को बनाए रखने में मदद कर सकता है। भृंगराज का इस्तेमाल समय से पहले सफेद होने वाले बालों की समस्या को कम करने के लिए किया जा सकता है। साल 2025 में International Journal Of Sciences And Innovation Engineering नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, भृंगराज में एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण होते हैं, जो स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। स्टडी के अनुसार, यह बालों के ग्रोथ फेज को लंबा करने और बालों को घना बनाने में मदद करते हैं।
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ब्राह्मी
ब्राह्मी को आयुर्वेद में मानसिक स्वास्थ्य और स्मरण शक्ति से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसका महत्व केवल यहीं तक सीमित नहीं है। तनाव और मानसिक दबाव भी बाल झड़ने का कारण बन सकता है। ऐसे में ब्राह्मी को शरीर और मन को संतुलित रखने वाली औषधि माना जाता है। यही वजह है कि इसे बालों की देखभाल में भी शामिल किया जाता है।
निष्कर्ष:
बढ़ती उम्र में हेयर फाॅल, सफेद बाल या बालों की अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए भृंगराज, आंवला और ब्राह्मी जैसी औषधियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन तीनोंं की तासीर ठंंडी होती है और ये तीनोंं ही रसायन गुणों से भरपूर होते हैं इसलिए ये बालो की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
FAQ
भृंगराज के क्या फायदे हैं?
भृंगराज शरीर में वात और पित्त को संतुलित करने और उम्र बढ़ने के प्रभावों को धीमा करने में फायदेमंद माना जाता है।ब्राह्मी के क्या फायदे हैं?
ब्राह्मी को याददाश्त और फाेकस को बेहतर बनाने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी माना जाता है। यह मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद कर सकती है।
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Jun 03, 2026 16:18 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jun 03, 2026 16:18 IST
Modified By : Yashaswi MathurJun 03, 2026 16:18 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma