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सहजन की पत्तियों के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द पर कैसे काम करते हैं? डॉक्टर से जानें

सहजन की पत्तियां जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में फायदेमंद मानी जाती हैं, क्योंकि इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये पत्तियां शरीर में सूजन पैदा करने वाले केमिकल्स को कम करके जोड़ों की गतिशीलता में भी सुधार करती है। 

आज के समय में जोड़ों का दर्द एक आम स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या बन गया है। बढ़ती उम्र, गठिया, चोट य शरीर में सूजन के कारण लोगों को घुटनों, कंधों और अन्य जोड़ों में दर्द का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कुछ नेचुरल और घरेलू उपायों की मदद से जोड़ों में होने वाले दर्द से राहत मिलती है। इन्हीं उपायों में सहजन यानी ड्रमस्टिक भी शामिल है, जो जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। सहजन कई पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जिससे जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। सहजन के पत्ते विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, पोटैशियम और आयरन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसके अलावा, इनमें फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्स और अन्य पावरफूल एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यही तत्व इन्हें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर बनाता है। आइए इस बारे में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं।

जोड़ों के दर्द में कैसे फायदेमंद है सहजन?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि जोड़ों के दर्द का एक प्रमुख कारण शरीर में होने वाली सूजन है। सहजन के पत्तों में मौजूद नेचुरल कंपाउड्स सूजन पैदा करने वाले कुछ केमिकल्स की गतिविधियों को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे जोड़ों में होने वाली सूजन, अकड़न और असुविधा में कमी आ सकती है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में सेवन करने से यह जोड़ों की गतिशीलता को बेहतर बनाने में फायदेमंद हो सकते हैं।

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एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण भी मिलता है आराम

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी जोड़ों की समस्याओं को बढ़ा सकता है। सहजन के पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। इससे सेल्स की सुरक्षा होती है और सूजन से जुड़ी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।

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सहजन के पत्तों को डाइट में कैसे शामिल करें?

सहजन के पत्तों का सेवन करने के कई तरीके हैं। इन्हें आप सब्जी, सूप, सलाद या हर्बल चाय के रूप में खा सकते हैं। कुछ लोग इसके ड्राई पत्तों का पाउडर भी स्मूदी या अन्य व्यंजनों में मिलाकर खाते हैं। हालांकि, किसी भी हर्बल फूड का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।

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निष्कर्ष

सहजन के पत्ते अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण जाने जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए सिर्फ इस पर निर्भर रहना सही नहीं है। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां, सही रूटीन और पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स का सेवन करना भी जरूरी है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • जोड़ों का दर्द किसकी कमी से होता है?

    जोड़ों का दर्द शरीर में विटामिन डी, विटामिन बी12 और कैल्शियम की कमी के कारण होता है।
  • जोड़ों में दर्द होने का मुख्य कारण क्या है?

    जोड़ों में दर्द होने का मुख्य कारण बढ़ती उम्र, हड्डियों की कमजोरी, चोट या खराब लाइफस्टाइल हो सकते हैं।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 31, 2026 21:16 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • May 31, 2026 21:16 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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