Fri Sep 11, 2026 | 07:34 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

क्या घी खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं? मानें एक्सपर्ट की सलाह

Is Ghee Good For Bone Health: कई लोग घी का सेवन रोजाना करना पसंद करते हैं। इसमें मौजूद विटामिन डी, कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है, तो क्या इसे हड्डियों के लिए फायदेमंद माना जा सकता है। आइए, जानते हैं कि एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

ज्यादातर भारतीय घरों में बड़ी संख्या में घी का सेवन किया जाता है। घी एक तरह का डेयरी प्रोडक्ट है। दूध और दूध से बने प्रोडक्ट में ऐसे तत्व होते हैं, जो हमारी इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं, हमारी सेहत में सुधार करते हैं और बीमार होने से रोकते हैं। यहां तक कि माना जाता है कि दूध में ऐसे तत्व होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। तो क्या घी भी हमारी हड्डियों के लिए सही है यानी क्या घी का सेवन करने से हड्डियों को मजबूती मिलती है? आइए, जानते हैं, Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी इस संबंध में क्या कहती हैं?

क्या घी खाने से हड्डियों को मजबूती मिलती है? Kya Haddiyon Ke Liye Ghee Kha sakte Hai

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आयुर्वेद में घी का इस्तेमाल चिकित्सकीय फायदों के लिए सदियों से किया जा रहा है। एनसीबीआई की एक रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई है। इस रिपोर्ट से यह पता चलता है कि घी हमारी हड्डियों और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में कारगर तरीके से काम करता है। असल में घी में फैटी एसिड्स, विटामिन डी, ए, ई और के2 जैसे पोषक तत्व होते हैं। इन पोषक तत्वों की मदद से बोन डेंसिटी में सुधार होता है और जोड़ों में लुब्रिकेशन बढ़ता है। इससे सूजन में भी कमी आती है। कुल मिलाकर कहने का मतलब है कि घी खाने से हड्डियों को मजबूती मिलती है। हालांकि, अगर किसी को डेयरी प्रोडक्ट से एलर्जी है, तो उन्हें इसका सेवन करने से बचना चाहिए।

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हड्डियों के लिए घी खाने के फायदे- Ghee Benefits For Bones

लुब्रिकेशन में सुधारः घी का सेवन करने से हड्डियों में लुब्रिकेशन बढ़ता है, फ्रिक्शन में कमी आती है और जोड़ों में हो रहे दर्द तथा सूजन भी कमी आती है। अर्थराइटिस के मरीजों के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है।

बोन डेंसिटी में सुधारः घी में विटामिन के2 पाया जाता है। यह कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाने का काम करता है। घी का सेवन करने से फ्रेक्चर का रिस्क भी कम होता है। यहां तक कि ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी में भी यह कारगर तरीके से काम करता है।

एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीजः घी में कई तरह के फैटी एसिड्स पाए जाते हैं। इसका सेवन से करने से हड्डियों और जोड़ों में आई सूजन को कम करने में मदद मिलती है। जोड़ों से संबंधित समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी घी का सेवन करना अच्छा होता है।

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निष्कर्ष

घी में हेल्दी फैट होता है और कई तरह के अन्य पोषक तत्व होते हैं। जिन लोगों को हड्डियों से जुड़ी समस्या है, जैसे जोड़ों में दर्द, अर्थराइटिस या ऑस्टियोपोरोसिस, उनके लिए घी का सेवन करना अच्छा होता है। हालांकि, हर व्यक्ति को यह पता होना चाहिए कि किसी भी चीज की अति सही नहीं है। इसी तरह, घी का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अगर आपने हाल-फिलहाल में घी को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाया है, तो बेहतर है कि आप एक्सपर्ट की सलाह लें और इसके पोर्शन साइज पर ध्यान दें।

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FAQ

  • क्या घी हड्डियों की ताकत बढ़ाता है?

    घी में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे विटामिन के2। यह प्रोटीन कार्बोक्सीलेशन को बढ़ावा देकर और हड्डियों को कमजोर होने से रोकता है। यह विटामिन डी के साथ मिलकर कैल्शियम कोअब्जॉर्ब करने में मदद करता है और हड्डियों के विकास के लिए भी मददगार साबित होता है।
  • हड्डियों में ताकत लाने के लिए क्या खाएं?

    हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आप दूध, दही, पनीर, टोफू, मछली, अंडे जैसी चीजों को अपनी बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाएं। इसके अलावा, मैग्नीशियम और फास्फोरस युक्त चीजें जैसे मेवे, बीज, साबुत अनाज भी हड्डियों को ताकत देते हैं।
  • क्या रोज घी खाना ठीक है?

    घी का सेवन रोज किया जा सकता है। हालांकि, इसका सेवन अधिक मात्रा में करना सही नहीं है। इसका सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और हड्डियों को भी मजबूती मिलती है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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