Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या खराब AQI के कारण मेनोपॉज के लक्षण बिगड़ सकते हैं? डॉक्टर से जानें

Air Pollution Menopause Symptoms: इसमें कोई दो राय नहीं है कि खराब एक्यूआई के कारण मेनोपाॅज के लक्षण बिगड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हवा में पीएम2.5 पल्यूटेंट की होता है, जो कि महिलाओं में एस्ट्रोजन के स्तर को कम कर सकता है। जानें, अन्य कारण।

दिल्ली-एनसीआर में अब भी एक्यूआई बहुत खराब है। इसका बहुत बुरा असर हमारी ओवर आॅल हेल्थ पर पड़ता है। इसकी वजह से न सिर्फ लंग्स से जुड़ी परेशानियां हो रही हैं, बल्कि स्किन, हेयर भी प्रभावित हो रहे हैं। सूत्रों की मानें, तो अकेले दिल्ली में ही करीब 22 लाख बच्चों में खराब एक्यूआई के कारण इर्रिवर्सिबल लंग डैमेज हो चुका है। इसका मतलब साफ है कि खराब एक्यूआई हेल्थ को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहा है। कई डाॅक्टर तो यह भी कह रहे हैं कि अगर आपके पास पैसा है, तो दिल्ली-एनसीआर छोड़कर 4-5 महीनों के लिए बाहर चले जाएं। बहरहाल, चूंकि यह साबित हो चुकी है कि खराब एक्यूआई ओवर आॅल हेल्थ को नुकसान पहुंचा रहा है, तो ऐसे में महिला स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता उठती है। कई महिलाओं के मन में तो यह सवाल भी आता है कि क्या खराब एक्यूआई के कारण मेनोपाॅज के लक्षण बिगड़ सकते हैं? आइए, जानते हैं Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता क्या कहते हैं।

क्या खराब एक्यूआई के कारण मेनोपॉज के लक्षण बिगड़ सकते हैं?- Does Menopause Symptoms Worse In Bad AQI

does menopause symptoms worse in bad aqi 1 (7)

यह सच है कि खराब एक्यूआई के कारण मेनोपाॅज के लक्षण बिगड़ सकते हैं। इस बात की पुष्टि साइंसडाइरेक्ट में प्रकाशित एक रिसर्च से होती है। इस रिसर्च में कहा गया है कि लंबे समय तक एयर पल्यूटेंट के संपर्क में रहने की वजह से महिलाओं के शरीर में हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है। इसकी वजह से मेनोपाॅज में नजर आ रहे लक्षणों की स्थिति और बिगड़ जाती है। जैसे अगर किसी महिला को मेनोपाॅज के कारण हाॅट फ्लैशेज हो रहे हैं, तो ऐसे में उन्हें अत्यधिक गर्मी लग सकती है। साथ ही, रात की नींद भी बाधित होती है।

इसे भी पढ़ें: मेनोपॉज होने पर नजर आ सकते हैं ये 4 अजीब लक्षण, जानें इनके बारे में

एक्यूआई मेनोपाॅज के लक्षणों को कैसे प्रभावित करता है?

हार्मोनल बदलावः इसी रिसर्च में पता चलता है कि जब कोई महिला लंबे समय तक PM2.5 और नाइट्रोजन ऑक्साइड के संपर्क में लंबे समय तक रहती है, तो इसकी वजह से एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है। वैसे भी मेनोपाॅज में इन हार्मोन के स्तर में तेजी से गिरावट देखने को मिलती है।

लक्षणों की गंभीरताः यह बात तो आपको पता ही होगा कि अगर मेनोपाॅज में एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट आती है, जिससे महिलाओं को मूड स्विंग, हाॅट फ्लैशेज, रात को नींद आने में दिक्कत हो सकती है। यहां तक कि मेनोपाॅज के दौरान कई महिलाओं को ब्रेन फाॅगिंग भी हो सकती है। वहीं, अगर महिला एक्यूआई के संपर्क में रहती है, तो ये तमाम कंडीशंस बिगड़ सकती हैं। महिला की स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।

बिगड़े एक्यूआई में मेनोपाॅज के लक्षण को कैसे मैनेज करें

एक्यूआई माॅनिटर करेंः अगर कोई महिलाए ऐसे एन्वायरमेंट में रह रही हैं, जहां का एक्यूआई बहुत खराब है। ऐसे में महिला को घर से बाहर निकलने से पहले एक्यूआई माॅनिटर जरूर करना चाहिए। अगर एक्यूआई बहुत खराब है, तो कोशिश करें कि घर से बाहर न निकलें।

इंडोर एयर क्वालिटी सुधारेंः जो महिलाएं मेनोपाॅज से गुजर रही हैं, उन्हें अपने घर की एयर क्वालिटी को बेहतर बनाए रखना चाहिए। इसके लिए, वे एयर प्यूरिफायर यूज कर सकती हैं। इसके अलावा, घर के अंदर ऐसे प्लांट्स लगाएं, जो घर की हवा को शुद्ध करने में मदद करते हैं।

फिजिकल हेल्थ को बेहतर बनाएंः मेनोपाॅज से गुजर रही महिलाओं को घर के अंदर ही वर्कआउट या फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए। इससे उनकी बाॅडी में ब्लड फ्लो बढ़ता है। आपको बता दें कि अच्छा ब्लड सर्कुलेशन ओवर ऑल हेल्थ में सुधार करता है। इससे मूड बेहतर होता है और रात को बेहतर नींद भी आती है।

निष्कर्ष

अब भी देश के कई हिस्सों में एक्यूआई बहुत खराब है। इसका असर सिर्फ छोटे बच्चों पर ही नहीं, महिलाओं पर भी पड़ रहा है। विशेषज्ञ बार-बार आगाह कर रहे हैं जरूरी न हो, तो घर से बाहर न निकलें। अगर संभव हो, तो घर में रहें और एयरप्यूरिफायर का यूज करें। जो महिलाएं मेनोपाॅज से गुजर रही हैं, उन्हें अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। पल्यूटेंट के संपर्क में आने से बचने का प्रयास करना चाहिए।

All Image Credit: Freepik

Read Next

क्या मिसकैरेज के बाद ब्लीडिंग होना इंफेक्शन का संकेत है? मानें डॉक्टर की बात

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 21, 2025 17:03 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Nov 21, 2025 17:03 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Nov 21, 2025 17:03 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content