दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों की वजह से बुखार, खांसी या गले की खराश को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इस साल दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में अब तक 1,344 H1N1 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी समय में यह संख्या 229 थी। इसका मतलब है कि केस में करीब छह गुना उछाल आया है।
ऐसे में स्वाइन फ्लू के लक्षणों और कारणों को जानना बहुत जरूरी है। इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Niraj Kumar, Senior Consultant, ShardaCare Hospital, Greater Noida से बात की । उन्होंने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मानसून में क्यों बढ़ता है स्वाइन फ्लू?
Dr. Niraj Kumar कहते हैं, “मानसून के दौरान नमी बढ़ने और तापमान में बदलाव होने के कारण सांस से जुड़ी बीमारियों के लक्षण बढ़ सकते हैं। दिल्ली-एनसीआर में हाल के दिनों में अस्पतालों की OPD में सांस से जुड़ी बीमारियों के काफी मरीज आए हैं। इनमें से कुछ मरीजों में इंफ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू के मामलों की भी पुष्टि हुई है।”
Dr. Niraj Kumar ने बताया कि स्वाइन फ्लू सांस से जुड़ी बीमारियों को बढ़ाता है। इसमें संक्रमित मरीज के खांसने, छींकने या उसके करीब रहने पर वायरस फैल सकता है। इसलिए परिवार में लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
Mayo Clinic और Dr. Niraj Kumar के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के लक्षण काफी हद तक सामान्य फ्लू जैसे होते हैं। इसलिए अगर किसी में ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
- बुखार होना ( यह हर केस में नहीं होता)
- मांसपेशियों में तेज दर्द होना
- शरीर में दर्द महसूस होना
- ठंड लगना और पसीना आना
- खांसी
- गले में खराश या दर्द
- नाक बहना या बंद होना
- आंखों से लगातार पानी आना या आंखें लाल होना
- सिरदर्द
- बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना
- दस्त
- मतली या उल्टी होना (यह लक्षण बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है।)

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स्वाइन फ्लू और डेंगू के लक्षणों में कंफ्यूजन होना
Dr. Niraj Kumar का कहना है, “इस समय दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू के मामले भी देखने को मिल रहे हैं। इन दोनों बीमारियों के लक्षण काफी हद तक एक दूसरे से मिलते-जुलते हैं। दोनों ही मामलों में मरीज को बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और सिरदर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इसलिए सिर्फ लक्षण देखकर खुद ही तय न करें कि यह स्वाइन फ्लू है या डेंगू, बल्कि डॉक्टर को समय रहते दिखाएं, क्योंकि समय पर इलाज से बीमारी को ठीक किया जा सकता है।”
स्वाइन फ्लू का खतरा किन लोगों को ज्यादा है?
Dr. Niraj Kumar के अनुसार, हालांकि, स्वाइन फ्लू का असर एक जैसा नहीं होता, लेकिन इन लोगों को खासतौर पर इस बीमारी से बचकर रहना चाहिए।
- बुजुर्ग
- 5 साल से कम उम्र के बच्चे
- प्रेग्नेंट महिलाएं
- डायबिटीज मरीज
- हार्ट और फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित मरीज
- किडनी या लिवर की बीमारी के मरीज
- कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
- कैंसर का इलाज करा रहे मरीज
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
Dr. Niraj Kumar ने कहा, “वैसे तो हर बुखार या खांसी को हमेशा इमरजेंसी की तरह नहीं लेना चाहिए, लेकिन अगर मरीज को जुकाम, खांसी और बुखार के साथ ये भी दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।"
- चलने या आराम करते समय सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत होना
- फ्लू के साथ छाती में दर्द या भारीपन महसूस होना
- ऑक्सीजन का लेवल लगातार गिर रहा हो।
- बुखार कम होने के बजाय लगातार बना रहे या दोबारा तेज हो जाए
- बहुत ज्यादा कमजोरी, सुस्ती या सांस जुड़ी परेशानी बढ़ना
स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय
Cleveland Clinic और Dr. Niraj Kumar ने लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के टिप्स दिए हैं।
- छींकते या खांसते समय अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या रुमाल से ढकें।
- अगर रुमाल या टिश्यू नहीं है, तो कोहनी के मोड़ में छींकें या खांसें।
- साबुन और पानी से हाथों को रेगुलर धोएं।
- अपनी आंख, चेहरे, नाक को बार-बार न छुएंं।
- जिन लोगों को फ्लू के लक्षण हैं, उनसे दूरी बनाकर रखें।
- मरीजों को भीड़भाड़ या बाजार में जाने से बचना चाहिए।
- मरीज के बर्तन, कपड़े या सामान शेयर न करें।
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निष्कर्ष
दिल्ली एनसीआर में बढ़ते स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए बीमारी से बचाव करना ही सबसे बढ़िया उपाय है। अगर किसी को बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ या खांसी बहुत दिनों तक रहे, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं और खुद से किसी भी तरह की दवा न लें।
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FAQ
स्वाइन फ्लू में एंटीबायोटिक लेना सही है?
बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है, क्योंकि इससे बीमारी का इलाज नहीं होता, बल्कि एंटीबायोटिक को लेकर रेजिस्टेंस बढ़ सकता है।क्या H1N1 को स्वाइन फ्लू भी कहते हैं?
हां, H1N1 इंफ्लूएंजा A वायरस का एक सबटाइप है। इसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू कहा जाता है।क्या H1N1 गंभीर बीमारी बन सकता है?
आमतौर पर लोग ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और क्रोनिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जटिलता बढ़ने का रिस्क हो सकता है।
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Aug 10, 2026 14:36 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Niraj Kumar