पीरियड फ्लू कोई मेडिकल टर्म नहीं है। हालांकि, पीरियड्स के दौरान, उससे पहले या मासिक चक्र के आस-पास कई महिलाओं को फ्लू जैसे लक्षण महसूस होते हैं और इस कारण इसे पीरियड फ्लू का नाम दिया गया है। ओव्यूलेशन के बाद और पीरियड्स शुरू होने से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन में परिवर्तन होता है। साथ ही पीरियड्स में प्रोस्टाग्लैंडिंस (Prostaglandins) जैसे यौगिक में बदलाव के कारण भी पेट में ऐंठन, मतली, उल्टी, बुखार, बॉडी पेन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। कई महिलाओं में पीरियड फ्लू के लक्षण पीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले दिखाई देते हैं और पीरियड शुरू होने के बाद धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। कुछ महिलाओं को ये लक्षण पीरियड्स के दौरान भी महसूस हो सकते हैं। आइए जानते हैं पीरियड फ्लू क्या है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Smriti Agrawal, Professor & Gynaecologist At Department Of Obstetrics & Gynaecology, King George's Medical University, Lucknow से बात की।
साल 2020 में Temperature में प्रकाशित एक स्टडी रिव्यू के मुताबिक, महिलाओं के शरीर में तापमान पीरियड्स के दौरान बदलता है। ओव्यूलेशन के बाद प्रोजेस्टेरोन बढ़ने पर ल्यूटियल फेज (मासिक धर्म चक्र का अंतिम भाग) में तापमान 0.3 से 0.7°C तक बढ़ सकता है। स्टडी रिव्यू के मुताबिक, यह बदलाव सुबह उइने से पहले आसानी से देखा जा सकता है।
पीरियड फ्लू और असली फ्लू में अंतर
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पीरियड्स के आसपास या शुरू होने के बाद कुछ महिलाओं को बुखार जैसे लक्षण महसूस होते हैं जिसे पीरियड फ्लू बोला जाता है। वहीं इंफ्लुएंजा या अन्य वायरल इंफेक्शन में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बंद होना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। इसलिए पीरियड्स में जिसे आप मासिक चक्र से जुड़ा लक्षण समझ रहे हैं, वह असली फ्लू हो सकता है इसलिए जांच कराएं।
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पीरियड फ्लू के लक्षण क्या हैं?
- हल्का तापमान बढ़ना।
- मतली और उल्टी।
- थकान और कमजोरी।
- दस्त या कब्ज की शिकायत।
- मूड में बदलाव या चिड़चिड़ापन।
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द।
पीरियड फ्लू से बचने के लिए क्या करें?
- पीरियड फ्लू से बचने के लिए संतुलित डाइट लें। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन को डाइट का हिस्सा बनाएं।
- पीरियड के दौरान कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। इससे बचने के लिए आयरन रिच फूड्स को प्राथमिकता दें। पालक, दाल, चना, बीन्स वगैरह को डाइट में शामिल करें।
- पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज करना चाहिए। वॉकिंग, योग और स्ट्रेचिंग से पीरियड से जुड़े कुछ लक्षणों में राहत मिल सकती है।
- पीरियड साइकिल को हमेशा ट्रैक करना चाहिए। लक्षण कब शुरू होते हैं, इसे नोट करेंगी, तो लक्षणों को समझने में आसानी होगी।
- तेज या लगातार बुखार, खांसी, गले में दर्द या अन्य संक्रमण के लक्षण हों, तो डॉक्टर से जांच कराएं।
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इन गलतियों से बचें
- पीरियड फ्लू से बचने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने दें। दस्त या उल्टी आने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।
- ज्यादा मीठा, प्रोसेस्ड या नमक वाली चीजों का सेवन करने से बचें। डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, अंडे, दूध, दही वगैरह को शामिल करें।
- पीरियड्स के दौरान नींद की कमी से बचना चाहिए। इससे थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। इसलिए पीरियड्स के आसपास पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।
- कई महिलाएं बुखार या बॉडी पेन को दूर करने के लिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने लगती हैं, लेकिन इससे उल्टी, मतली, अधिक कमजोरी या पेट एवं किडनी से संबंधित समस्या हो सकती है इसलिए डॉक्टर की सलाह के बगैर दवाओं का सेवन न करें।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- ज्यादा ब्लीडिंग होना।
- बार-बार उल्टी आना।
- बेहोशी होना।
- सांस लेने में परेशानी होना।
- लगातार तेज बुखार होना।
निष्कर्ष:
पीरियड्स फ्लू कोई मेडिकल टर्म नहीं है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स से पहले बुखार जैसे लक्षण महसूस होते हैं इसलिए इसे पीरियड फ्लू कहा जाता है। पीरियड फ्लू के लक्षण बुखार की तरह ही लगते हैं जैसे बॉडी पेन, तापमान में बदलाव वगैरह। पीरियड्स खत्म होने के साथ पीरियड फ्लू के लक्षण भी धीरे-धीरे कम हो जाते हैं, लेकिन अगर बुखार के अलावा खांसी, गले में खराश, बंद नाक जैसे लक्षण नजर आएं, तो ये फ्लू के लक्षण भी हो सकते हैं। पीरियड फ्लू से बचने के लिए एक्सरसाइज करें, आयरन रिच फूड्स का सेवन करें, पीरियड्स को ट्रैक करें ताकि लक्षणों को समझने में आसानी हो सके। ज्यादा ब्लीडिंग, उल्टी, बेहोशी की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें।
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FAQ
पीरियड्स में ज्यादा थकान क्यों होती है?
हार्मोनल बदलाव, दर्द, नींद में परेशानी और ज्यादा ब्लीडिंग होने पर कुछ महिलाओं को अधिक थकान महसूस हो सकती है।पीरियड्स में सिरदर्द क्यों होता है?
पीरियड्स के आसपास एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन के लेवल में बदलाव आता है जिससे कुछ महिलाओं को सिर दर्द हो सकता है।
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Aug 25, 2026 17:30 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Prof Dr Smriti Agrawal
