बरसात में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) की समस्या ज्यादा होती है। कम पानी पीना और उमस भरा मौसम इंफेक्शन के खतरे को बढ़ावा देता है। होता ये है कि नमी की वजह से हर जगह बैक्टीरिया पनपते हैं और इनसे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। इतना ही नहीं, ब्लैडर का पीएच लेवल भी गड़बड़ा जाता है जिससे इंफेक्शन का खतरा और बढ़ जाता है। यूटीआई में पेशाब में समस्या आती है और पेशाब के रास्ते में खुजली होने लगती है। कई बार पेशाब का फ्लो भी काफी प्रभावित हो जाता है और खुलकर पेशाब नहीं होता। साथ ही दर्दनाक पेशाब आता है। ऐसे में कुछ फूड्स का सेवन इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है जैसे कि कुछ डाईयूरेटिक फूड्स। तो आइए, Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangaluru से जानते हैं कि क्या होते हैं ये फूड्स और क्या हैं इन्हें फायदे।
डाईयूरेटिक फूड्स क्या हैं?
Ms. Edwina Raj बताती हैं कि डाईयूरेटिक फूड, कुछ ऐसे फूड्स होते हैं जिनका सेवन शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाता है। इससे आपके शरीर का फ्यूल्ड बढ़ता है और पेशाब का फ्लो बेहतर होता है जिससे यूटीआई के लक्षणों जैसे पेशाब में दर्द और जलन में कमी आती है। इस स्थिति में आपको ज्यादा से ज्यादा पानी से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।
यूटीआई में कैसे फायदेमंद है डाईयूरेटिक फूड्स?
Ms. Edwina Raj बताती हैं कि जब आपको यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) हो शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने पर ध्यान देना बेहतर है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बिना पानी के ब्लैडर साफ नहीं किया जाता सकता है और न ही बैक्टीरिया को फ्लश ऑउट किया जा सकता है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी न होने देने और यूरिनरी सिस्टम से बैक्टीरिया को बाहर निकालने के लिए डाईयूरेटिक फूड्स सेवन फायदेमंद है। इसके अलावा इन फूड्स का सेवन आपके ब्लैडर के पीएच को बैलेंस रखने में मदद करता है।
इसे भी पढ़ें: UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) क्या है? डॉक्टर से जानें कारण, लक्षण और इलाज के तरीके
डाईयूरेटिक फूड्स कौन से हैं?
ज्यादा पानी वाले खाद्य पदार्थ, जैसे
1. नारियल पानी
2. तरबूज
3. खीरा
4. संतरा
5. खरबूजा
अन्य ताजे फल और सब्जियां और सूप आपके रोजाना के तरल पदार्थ के सेवन में मदद कर सकते हैं।

डाईयूरेटिक फूड्स को लेकर क्या कहती है स्टडी
PubMed Central में प्रकाशित इस स्टडी में बताया गया है कि जब यूरिनरी लक्षणों के कारण जीवन की गुणवत्ता में गिरावट का संबंध डाइयूरेटिक्स, खासकर डाइयूरेटिक्स को ठीक से न लेने से हो सकता है। यानी कि अगर आपको यूटीआई हुआ है तो आपको पर्याप्त मात्रा में डाइयूरेटिक्स लेना चाहिए।
ज्यादा डाईयूरेटिक फूड्स लेने से भी बचें
ज्यादा डाईयूरेटिक फूड्स लेने से भी सेहत को नुकसान हो सकता है। इससे ब्लैडर पर प्रेशर बढ़ सकता है और इसका नुकसान हो सकता है। शरीर से ज्यादा तरल पदार्थ निकलने के कारण बार-बार बाथरूम जाना ब्लड प्रेशर कम कर सकता है। इससे चक्कर आ सकता है या सिर घूम सकता है। शरीर में तरल पदार्थों के स्तर में बदलाव के साथ तालमेल बिठाने के कारण सिरदर्द और थकान होना। शरीर में सॉल्ट और मिनरल के स्तर में बदलाव से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकता है और किडनी पर भी प्रेशर पड़ सकता है।
इसे भी पढ़ें: मानसून में UTI से रहें सावधान, महिलाओं में इन 5 खराब आदतों से बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा
इसके अलावा जब आप ज्यादा डाईयूरेटिक फूड्स लेते हैं तो शरीर पोटैशियम का कम स्तर प्रभावित होता है औप हाइपोकैलिमिया की स्थिति का कारण बन सकता है। इसके अलावा इससे शरीर में सूजन हो सकती है जिसकी वजह आप एडिमा हो सकता है।
साथ ही ध्यान रखें कि कॉफी और शराब जैसे ड्रिंक कुछ लोगों में ज्यादा पेशाब बना सकते हैं या ब्लैडर में जलन पैदा कर सकते हैं, इसलिए जब पहले से ही जलन, तुरंत पेशाब जाने की इच्छा या बार-बार पेशाब आने की समस्या हो, तो ये सही विकल्प नहीं हैं।
निष्कर्ष:
सबसे जरूरी बात यह है कि खान-पान को इन्फेक्शन के इलाज के बजाय सहायक के तौर पर देखा जाना चाहिए, क्योंकि बैक्टीरियल UTI के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई एंटीबायोटिक्स की जरूरत पड़ सकती है। साथ ही, अगर किसी को बुखार, कंपकंपी, उल्टी या पीठ या कमर के हिस्से में दर्द जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि इन्फेक्शन किडनी तक फैल सकता है।
FAQ
मूत्रवर्धक लेते समय आपको क्या करना चाहिए?
मूत्रवर्धक लेते समय आपको बीपी और शुगर पर ध्यान देना चाहिए ताकि अचानक से ये दोनों ही चीजें लो न हो जाए। इसके अलावा कोशिश करना चाहिए आप इस दौरान शरीर के तमाम लक्षणों पर ध्यान दें जैसे थकान, कमजोरी और सिर दर्द।मूत्रवर्धक मूत्र क्यों बढ़ाते हैं?
मूत्रवर्धक किडनी से अतिरिक्त सोडियम और पानी निकालने का काम करती है इससे किडनी फंक्शन काफी प्रभावित हो जाती है। कई बार इससे किडनी फेल होने की भी स्थिति आ सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 12, 2026 18:15 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Edwina Raj