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Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

पहाड़ी झंगोरा क्यों है सेहत के लिए खास? जानें इसके फायदे-नुकसान और खाने का तरीका

झंगोरा एक प्रकार का अनाज है ज‍िसे अंग्रेजी में बार्नयार्ड मिलेट (Barnyard Millet) कहते हैं। झंगोरा की तासीर ठंडी होती है इसे लोग नवरात्रे में खाना पसंद करते हैं क्‍योंकि‍ यह एक तरह का सात्‍व‍िक आहार है। आगे जानते हैं झंगोरा के फायदे, नुकसान और इसे खाने का सही तरीका।
पहाड़ी झंगोरा क्यों है सेहत के लिए खास? जानें इसके फायदे-नुकसान और खाने का तरीकापहाड़ी झंगोरा क्यों है सेहत के लिए खास? जानें इसके फायदे-नुकसान और खाने का तरीका

भारत ने हाल ही में नई द‍िल्‍ली में AI Impact Summit 2026 की मेजबानी की। डिनर मेन्यू की थीम शिशिर ऋतु पर आधारि‍त थी। मेहमानों को डिनर में भारत की कई पारंपर‍िक ड‍िश के साथ उत्तराखंड के मशहूर बार्नयार्ड मिलेट (झंगोरा) को भी परोसा गया। अपनी पहाड़ी दोस्‍त की शादी में मैंने पहली बार झंगोरा खाया था। दोस्‍त की मां ने झंगोरा की खीर बनाई थी ज‍िसमें गुड़ की म‍िठास थी और दूध के म‍िश्रण से खीर बनाई गई थी। झंगोरा का स्‍वाद हल्‍का होता है और यह खाने में मेवे जैसा लगता है। झंगोरा मुख्‍य रूप से पहाड़ी क्षेत्र जैसे उत्तराखंड में पाया जाता है। यह द‍िखने में छोटा, सफेद और गोल दानों जैसा द‍िखता है। यह एक तरह का ग्‍लूटेन फ्री अनाज है। इसमें फाइबर, आयरन, कैल्‍श‍ियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। झंगोरा आसानी से पच जाता है और इसे व्रत के दौरान खाया जाता है। झंगोरा की खीर बनती है, इसकी ख‍िचड़ी भी बनाई जाती है, कई लोग झंगोरा का दल‍िया बनाकर नाश्‍ते में खाते हैं और इसे चावल के रूप में भी खाया जाता है।

पहाड़ी झंगोरा सेहत के ल‍िए है फायदेमंद

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  • Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया क‍ि झंगोरा खाने से ओवरईट‍िंग कम होती है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इसमें कैलोरी कम होती हैं और यह वेट लॉस के ल‍िए फायेदमंद माना जाता है।
  • झंगोरा का ग्‍लाइसेम‍िक इंडेक्‍स कम होता है और यह डायब‍िटीज के मरीजों के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है।
  • झंगोरा में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है और यह कब्‍ज, गैस, अपच जैसी समस्‍याओं को दूर करने में मदद करता है।
  • जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी या सेंसिटिविटी है, उनके लिए झंगोरा सुरक्षित और हेल्दी अनाज है।
  • झंगोरा बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करता है और हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाता है।
  • झंगोरा खाने से लंबे समय तक कमजोरी महसूस नहीं होती।
  • झंगोरा में कैल्‍श‍ियम होता है जो हड्ड‍ियों को मजबूत बनाता है।
  • इस अनाज को खाने से इम्‍यून‍िटी मजबूत होती है क्‍योंक‍ि इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट्स और अन्‍य पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं।

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पहाड़ी झंगोरा का सेवन कैसे करें?

पहाड़ी झंगोरा को दल‍िया के रूप में खा सकते हैं, इसका च‍ीला बनाकर खाएंगे, तो कैलोरी बढ़ सकती है। अगर झंगोरा का चीला बनाकर खा रहे हैं, तो उसमें जीरा और अन्‍य मसाले भी म‍िलाएं। झंगोरा की सीमि‍त मात्रा ही सेहत के ल‍िए फायदेमंद होती है। एक कप पके हुए झंगोरा में 100 से 150 कैलोरी होती हैं।

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झंगोरा की ज्‍यादा मात्रा है नुकसानदायक

  • अगर ज्‍यादा मात्रा में झंगोरा का सेवन करेंगे, तो यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचाएगा।
  • अगर म‍िलेट्स से एलर्जी है, तो झंगोरा का सेवन करने से बचना चाह‍िए।
  • ज्‍यादा मात्रा में झंगोरा का सेवन करने से पेट फूलना, गैस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • अगर डायब‍िटीज के मरीज ज्‍यादा मात्रा में झंगोरा का सेवन करेंगे, तो लो ब्‍लड शुगर का खतरा हो सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

झंगोरा का सेवन करने से वजन कम करने में मदद म‍िलती है, डायब‍िटीज कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है और डाइजेशन के ल‍िए यह अच्‍छा माना जाता है। अच्‍छी सेहत के ल‍िए इसे सीमि‍त मात्रा में लेना फायदेमंद होता है।

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image credit: nuttyyogi.com, foodcare.in

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    Feb 24, 2026 19:50 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 24, 2026 19:50 IST

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  • Feb 24, 2026 19:50 IST

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    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma