Sun Oct 18, 2026 | 09:15 AM IST

Medically Reviewed by Rhitika Sharma , Nutrition and Dietetics

खाने की थाली में जरूर शामिल करें ये 7 चीजें, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें हेल्थ के लिए क्यों हैं जरूरी

रोज के घर के खाने को ही लोग हेल्दी डाइट मान लेते हैं, लेकिन उसमें भी कई ऐसी चीजें नहीं होती, जो हेल्थ के लिए जरूरी है। इस लेख में न्यूट्रिशनिस्ट ने रोजाना की डाइट में कुछ ऐसी चीजें बताई है, जिसे हर किसी को अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए।
खाने की थाली में जरूर शामिल करें ये 7 चीजें, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें हेल्थ के लिए क्यों हैं जरूरीखाने की थाली में जरूर शामिल करें ये 7 चीजें, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें हेल्थ के लिए क्यों हैं जरूरी

ज्यादातर भारतीय घरों में दाल, रोटी और सब्जी को हेल्दी मान लिया जाता है और इस वजह से लोग कई अन्य फूड्स को अतिरिक्त मानकर नहीं खाते। कुछ लोग कई फूड्स खाना ही पसंद नहीं करते, तो कुछ जंक फूड्स पर बहुत ज्यादा निर्भर होते हैं। इस वजह से पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि खाने की थाली में ऐसा क्या होना चाहिए, जिससे डाइट हेल्दी हो सके। National Nutrition Week 2026 के मौके पर हमने Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।

थाली में कौन-सी 7 चीजें होना जरूरी

Senior Dietitian Rhitika Sharma ने बताया कि फूड ऐसा होना चाहिए जिसमें रोजाना शरीर को प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल, हेल्दी फैट्स और पर्याप्त फ्लूड मिलना चाहिए। इसलिए सप्लीमेंट्स के बजाय लोगों को घर की रसोई से ही खाने की चीजें अपनी थाली में रखनी चाहिए।

आहार 

फूड ऑप्शन्स 

प्रोटीन 

दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर, अंडा, मछली या चिकन

सब्जियां 

अलग-अलग रंगों की मौसमी सब्जियां

साबुत अनाज 

गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, ओट्स 

फल 

रोजाना की डाइट में मौसमी फल

डेयरी प्रोडक्ट्स

दूध, दही जैसे विकल्प 

नट्स और सीड्स

नियंत्रित मात्रा में

फ्लूड

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना

1. दाल के साथ प्रोटीन डाइट रोज रखना जरूरी

Rhitika Sharma कहती हैं, “भारतीय घरों में दाल करीब रोज बनती है और यह प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत भी है, लेकिन कई बार दाल की मात्रा कम होती है और बाकी मील में भी प्रोटीन का कोई और स्त्रोत नहीं होता। इस वजह से कई लोगों को जरूरत के मुताबिक प्रोटीन नहीं मिल पाता।”

उन्होंने बताया कि प्रोटीन की प्रचुर मात्रा लेने के लिए वेजिटेरियन लोगों को दाल के साथ चना, राजमा, लोबिया, सोया, पनीर, दूध और दही जैसे फूड्स लेने चाहिए। वहीं नॉन वेजिटेरियन लोग अंडा, मछली और चिकन जैसे विकल्प भी शामिल कर सकते हैं।

2. सब्जियों में रंगों की वैरायटी बढ़ाना जरूरी

Rhitika Sharma ने कहा, “कुछ घरों में आलू, प्याज और टमाटर ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। इस वजह से परिवार को प्रचुर मात्रा में पोषण नहीं मिल पाता। अलग-अलग सब्जियों से शरीर को विटामिन्स, मिनरल्स, फाइबर और दूसरे पोषक तत्व मिल सकते हैं। इसलिए हफ्ते भर में ये सब्जियां बदल-बदलकर खाना चाहिए।”
हरी पत्तेदार सब्जियां डाइट में जरूर शामिल करें।

  • पालक और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलेट, विटामिन K और कैरोटीनॉयड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। 
  • गाजर, शिमला मिर्च, बीन्स, फूलगोभी, लौकी, तोरई, भिंडी और दूसरी मौसमी सब्जियों को बदल-बदलकर खाना चाहिए।
  • अलग रंग की सब्जियों में अलग प्लांट कम्पाउंड पाए जाते हैं।

3. रोटी और चावल को पूरी तरह से छोड़ना गलत

Rhitika Sharma के अनुसार, आजकल कार्बोहाइड्रेट्स को लेकर लोगों में बहुत कन्फ्यूजन हो रही है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, वे लोग पूरी तरह से रोटी और चावल छोड़ देते हैं, लेकिन ऐसा करना बहुत गलत है। कार्बोहाइड्रेट्स शरीर की एनर्जी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। बस ध्यान इस बात का रखना होता है कि कार्बोहाइड्रेट्स कितनी मात्रा में और कब लिया जा रहा है। साबुत अनाज में फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। इसलिए खाने में इन चीजों को जरूर शामिल करें।

  • गेहूं की रोटी अपनी डाइट में शामिल करें।
  • ज्वार, बाजरा, रागी या ओट्स की रोटी भी ली जा सकती है।
  • सफेद चावल या ब्राउन राइस ले सकते हैं।

4. थाली में फल रखना जरूरी

Rhitika Sharma कहती हैं, “कई लोग खाने में सब्जियां तो शामिल कर लेते हैं, लेकिन फलों को ज्यादा महत्व नहीं देते। रोजाना खाने में मौसमी फलों को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए, क्योंकि उनमें फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और प्लांट बेस्ड कम्पाउंड होते हैं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि जूस के बजाय साबुत फल ही खाएं। खाने की थाली में ये फल शामिल किए जा सकते हैं।

  • सेब
  • अमरूद
  • संतरा
  • पपीता
  • नाशपाती
  • केला
  • अनार
  • तरबूज

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5. दही को थाली से रखना जरूरी

Rhitika Sharma ने बताया कि जब हम भारतीय खाने की बात करते हैं, तो दही को थाली में जरूर शामिल किया जाता है। इसे शामिल करना आसान भी होता है और इसमें प्रोटीन और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाते हैं। हालांकि, कुछ लोग दही लेना पसंद नहीं करते, लेकिन लंच में दही लेना काफी फायदेमंद रहता है। अगर किसी को दूध से एलर्जी है, तो डायटीशियन की सलाह पर ही दही या डेयरी प्रोडक्ट्स लें।

6. नट्स और सीड्स रेगुलर लेना जरूरी

Rhitika Sharma ने कहा, “बादाम, अखरोट, मूंगफली, तिल, अलसी, चिया और कद्दू सीड्स जैसे फूड्स को डाइट में जोड़ा जा सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि हेल्दी फूड्स भी ज्यादा मात्रा में खाने पर कैलोरी बढ़ा सकते हैं। इसलिए नट्स और सीड्स को थोड़ी ही मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाएं। इसके लिए दही, दलिया या सलाद में सीड्स या नट्स डालकर खाया जा सकता है।”

7. पानी पीने पर ध्यान देना जरूरी

Rhitika Sharma के अनुसार, कई लोग खाने पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन पानी पीना भूल जाते हैं। शरीर के सभी अंगों के सामान्य फंक्शन के लिए प्रचुर मात्रा में फ्लूड की जरूरत पड़ती है। पानी शरीर के तापमान, डाइजेशन और पोषक तत्वों को सभी अंगों तक पहुंचाने में मदद करता है। इसलिए प्रचुर मात्रा में हाइड्रेशन जरूरी है। साथ ही ध्यान रखें कि हर व्यक्ति की पानी की जरूरत एक जैसी नहीं होती। इसमें गर्मी, एक्सरसाइज, पसीना, उम्र, भोजन और हेल्थ कंडीशन को देखते हुए फ्लूड की जरूरत बदल सकती है।

हेल्दी डाइट से जुड़ी WHO की गाइडलाइंस

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइन के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट में अनाज, फल और सब्जियों से मिलने वाली एनर्जी 45 से 75% होनी चाहिए।

  • दिन की कुल एनर्जी का 5% से कम शुगर लेना चाहिए।
  • सेचुरेटेड फैट को 10% और ट्रांस फैट को 1% से कम रखने की गाइडलाइन है।
  • दिन का नमक 5 ग्राम से कम रखना चाहिए।

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

Rhitika Sharma सलाह देती हैं, “बैलेंस्ड डाइट के लिए पूरे हफ्ते के फूड्स में वैरायटी लाना जरूरी है। एक दिन दाल और रोटी तो दूसरे दिन प्रोटीन के लिए चना, राजमा या पनीर लिया जा सकता है। सब्जियों में भी अलग-अलग रंग और वैरायटी बदलते रहें। मौसमी फलों के साथ साबुत अनाज को डाइट में शामिल करने की कोशिश करें।”

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निष्कर्ष
Rhitika Sharma कहती हैं कि रोजाना खाने का कोई फिक्सड चार्ट नहीं हो सकता, क्योंकि हर व्यक्ति की पोषक तत्वों की जरूरत अलग होती हैं। इसलिए बच्चों, बुजुर्गों, एथलीट्स, प्रेग्नेंट या ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं, डायबिटीज, किडनी या हार्ट की बीमारियों के रोगियों की डाइट में खास बदलाव करने की जरूरत होती है।

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FAQ

  • शुद्ध देसी घी या सही तेल का सेवन थाली में क्यों आवश्यक माना गया है?

    शुद्ध देसी घी में फैट-सोल्यूबल विटामिन्स जैसे Vitamin A, D, E, K को सोखने की क्षमता होती है। सीमित मात्रा में यानी 1 से 2 छोटी चम्मच शुद्ध फैट खाने से जोड़ों की ग्रीसिंग बनी रहती है और हार्मोनल संतुलन सही रहता है।
  • थाली में अचार, पापड़ या ऊपर से नमक खाने के क्या नुकसान हैं?

    बाजार के अचार और पापड़ में सोडियम और ट्रांस फैट बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, वाटर रिटेंशन और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ने का खतरा रहता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 02, 2026 18:53 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
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    Published By : Aneesh Rawat