Winter Diet: आमतौर पर सर्दियों में भूख काफी बढ़ जाती है क्योंकि ठंड में शरीर को काफी एनर्जी की जरूरत होती है। इसलिए लोग ठंड में नट्स और सीड्स ज्यादा खाते हैं। अक्सर भारतीय घरों में सर्दियों के मौसम में नट्स और सीड्स से भरपूर लड्डू भी बहुत बनते हैं। इस मौसम में लोग बादाम, काजू, अलसी और तिल के बीज काफी लेने लगते हैं। क्या ज्यादा नट्स और सीड्स लेना सही है? इस बारे में हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार, ज्यादा खाना हमेशा अच्छा नहीं होता। सही मात्रा, सही समय और सही तरीका ही किसी भी चीज को औषधि बनाता है।
सर्दियों में नट्स और सीड्स क्यों खाए जाते हैं?
डॉ. चेतन शर्मा कहते हैं, “नट्स और सीड्स बहुत न्यूट्रिशनल वैल्यू रखते हैं, लेकिन अगर इन्हें बिना सोचे-समझे खाया जाए, तो यही सुपरफूड वजन बढ़ाने, डाइजेशन खराब करने और गैस जैसी समस्याओं का कारण बनता है। सर्दियों में लोग ड्राईफूट्स खाते हैं, क्योंकि इस सीजन में वात दोष बढ़ता है और नट्स-सीड्स दोनों ही भारी (गुरु), स्निग्ध (चिकने) और ऊष्ण (गर्म) होते हैं। इसलिए सर्दियों में नट्स और सीड्स खासतौर पर फायदेमंद माने जाते हैं। नट्स और सीड्स शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।”
- एनर्जी बढ़ाने में मदद करते हैं।
- स्किन का ड्राईनेस कम करते हैं।
- जोड़ों को न्यूट्रिशन मिलता है।
- सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ती है।

यह भी पढ़ें- तिल के लड्डू Vs मूंगफली के लड्डू: सर्दियों में क्या ज्यादा फायदेमंद?
सर्दियों में कितनी मात्रा में नट्स खाने चाहिए?
डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद में मात्रा हमेशा व्यक्ति की उम्र, डाइजेशन और दिन के रूटीन के अनुसार बनाई जाती है। एक हेल्दी इंसान रोजाना 4 से 6 बादाम भिगोकर खा सकते है। अखरोट के एक या दो नग, काजू 2 से 3 और मुनक्का या किशमिश के 8 से 10 दाने खा सकते हैं। अक्सर लोग मुझे कहते हैं कि रोजाना मुट्ठी भर के ड्राई फूट्स खाने चाहिए, लेकिन यह सही तरीका नहीं है क्योंकि ज्यादा ड्राई फ्रूट्स खाने से मुंह में छाले, पेट में भारीपन और डाइजेशन खराब हो सकता है। इसलिए सही मात्रा में खाना बहुत महत्वपूर्ण है।”
सर्दियों में कितनी मात्रा में सीड्स खाने चाहिए?
डॉ. चेतन कहते हैं, “सीड्स दिखने में छोटे होते हैं, लेकिन उनमें बहुत ज्यादा न्यूट्रिशन होते हैं। इसे भी सही मात्रा में लेना बहुत जरूरी है। सीड्स को थोड़ा भूनकर या चूर्ण बनाकर लिया जाना बेहतर होता है। तिल के एक या दो चम्मच, अलसी के बीज पीसकर एक चम्मच, कद्दू के बीच एक चम्मच और सूरजमुखी के बीज भी एक ही चम्मच लेना चाहिए। सीड्स को कच्चा नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे गैस या डाइजेशन की समस्या हो सकती है।”
नट्स और सीड्स खाने का सही समय कौन-सा है?
डॉ. चेतन कहते हैं कि नट्स खाने का समय भी बहुत जरूरी है। इसलिए नट्स और सीड्स खाते समय समय का बहुत ध्यान रखना चाहिए।
- सुबह खाली पेट भिगोए हुए बादाम और एक अखरोट खा सकते हैं। सुबह डाइजेशन सबसे बेहतर होता है, इसलिए यह समय नट्स के लिए सबसे सही माना जाता है।
- नाश्ते के साथ या बाद में तिल, अलसी, कद्दू और सूरजमुखी के बीज खा सकते हैं।
- शाम को हल्की भूख में थोड़ी मात्रा में ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं।
- रात में नट्स और सीड्स खाने से बचना चाहिए। जिन लोगों को डाइजेशन कमजोर होता है, उन्हें रात में ड्राई फ्रूट्स नहीं खाने चाहिए।
यह भी पढ़ें- मोटी चोटी के लिए खाएं ये सीड्स और ड्राई फ्रूट्स
ड्राई फ्रूट्स और सीड्स किन लोगों को नहीं खाना चाहिए?
डॉ. चेतन बताते हैं कि कुछ लोगों को नट्स और सीड्स नहीं खाने चाहिए या फिर डॉक्टर की सलाह लेकर ही खाना चाहिए।
- डायबिटीज
- मोटापा
- एसिडिटी या गैस
- लिवर की समस्या
- कमजोर डाइजेशन
निष्कर्ष
डॉ. चेतन कहते हैं कि हर इंसान का डाइजेशन सिस्टम अलग तरह का होता है, इसलिए नट्स और सीड्स को सही मात्रा में खाना बेहतर होता है। आयुर्वेद भी कहता है कि बैलेंस तरीके से खाना औषधि की तरह काम करता है। इसलिए नट्स और सीड्स की मात्रा और समय दोनों महत्वपूर्ण है और अगर बैलेंस्ड तरीके से खाया जाए, तो यह सुपरफूड की तरह काम करता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 21, 2026 16:22 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jan 21, 2026 16:22 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetan Sharma