Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

क्या ग्लूटेन-फ्री डाइट लेने से स्किन को लाभ मिलता है? जानें एक्सपर्ट से

ग्लूटेन-फ्री डाइट लेने स्वस्थ लोगों की स्किन पर किसी तरह का फर्क नहीं पड़ता है। हां, ग्लूटेन-फ्री डाइट स्किन से जुड़ी बीमारियों में कारगर तरीके से काम कर सकती है। जानें, इनके बारे में-

Gluten Free Diet For Skin: सर्दियों में लोगों को स्किन से जुड़ी तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए, कई लोग प्रॉपर स्किन केयर करते हैं। जरूरी हो, तो डॉक्टर ट्रीटमेंट भी लेते हैं और अपनी डाइट में जरूरी बदलाव भी करते हैं। वहीं, ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है, जो बेहतर स्किन के लिए ग्लूटेन-फ्री डाइट लेना पसंद करते हैं। यहां यह जान लेना आवश्यक है कि क्या वाकई ग्लूटेन-फ्री डाइट लेने से स्किन पर पॉजिटिव असर पड़ता है? आइए, नोएडा सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant - Dietetics वंदना राजपूत से जानते हैं सच्चाई।

क्या ग्लूटेन-फ्री डाइट लेने से स्किन को लाभ मिलता है?- Is Gluten Free Diet Good For Skin

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Harvard Medical School में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, "ग्लूटेन-फ्री डाइट स्किन के लिए लेने से स्वस्थ लोगों को किसी तरह का लाभ नहीं होता है। हां, अगर किसी को सीलिएक डिजीज या सोरायसिस जैसी कंडीशन है, तो उनके लिए ग्लूटेन-फ्री डाइट लाभकारी हो सकती है। इस तरह की डाइट लेने से उनकी स्किन क्लीन होती है।" वहीं, विशेषज्ञों बताते हैं, "अगर आप अपनी स्किन को क्लीन या ग्लोइंग बनाने के लिए ग्लूटेन-फ्री डाइट फॉलो करते हैं, तो इसका विशेष लाभ नहीं मिल सकता है।"

ग्लूटेन-फ्री डाइट कब मदद करती है?

dry skin due to iron deficiency

सीलिएक डिजीजः एनआईएच में प्रकाशित लेख की मानें, तो यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें छोटी आंत ग्लूटेन के प्रति सेंसिटिव हो जाती है। इसका मतलब है कि जब भी सीलिएक से पीड़ित व्यक्ति ग्लूटेन युक्त डाइट लेता है, तो इससे उन्हें कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। इसमें डायरिया, कब्ज, थकान, कमजोरी और वेट लॉस जैसे लक्षण शामिल हैं। सीलिएक डिजीज में मरीज को त्वचा संबंधी परेशानी भी होने लगती है, जैसे दाने, छाले या इचिंग होना आदि। इसलिए, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर किसी को सीलिएक डिजीज है, तो उन्हें ग्लूटेन-फ्री डाइट लेनी चाहिए।

सोरायसिसः यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें इम्यून सिस्टम सही तरह से काम नहीं करता है। ऐसे में स्किन और ज्वाइंट्स में इंफ्लेमेशन होने लगता है। जिन लोगों को सोरायसिस होता है, उनमें सीलिएक डिजीज होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। बहरहाल, जिन लोगों को सोरायसिस है, उन्हें ग्लूटेन-फ्री डाइट फॉलो करना चाहिए। इससे उनकी त्वचा पर काफी पॉजिटिव असर नजर आता है।

डर्माटाइटिस हर्पेटिफॉर्मिसः यह एक गंभीर मेडिकल कंडीशन है। इसमें मरीज को बहुत ज्यादा खुजली, क्रोनिक ब्लिस्टर, स्किन रैशेज हो जाते हैं। सीलिएक डिजीज से इसका गहरा कनेक्शन माना जाता है। यही कारण है कि अगर किसी को डर्माटाइटिस हर्पेटिफॉर्मिस है, तो उन्हें ग्लूटेन-फ्री डाइट फॉलो करने की विशेष सलाह दी जाती है। असल में, ग्लूटेन-फ्री डाइट डर्माटाइटिस हर्पेटिफॉर्मिस के लक्षणों को मैनेज करने का एक तरीका है।

ग्लूटेन-फ्री डाइट कब काम नहीं करती है?

अगर किसी को एक्ने, पिंपल, किसी दवा का स्किन रिएक्शन जैसी समस्या है,तो इस तरह की कंडीशन में ग्लूटेन-फ्री डाइट लेने का लाभ नहीं मिलता है। इसलिए, ग्लूटेन-फ्री डाइट लेने से पहले बेहतर होगा कि एक्सपर्ट से सलाह ले लें। वे आपकी स्किन कंडीशन को देखते हुए आपको स्किन केयर से संबंधित सजेशंस दे सकते हैं।

निष्कर्ष

ग्लूटेन-फ्री डाइट उन्हें ही फॉलो करना चाहिए, जिन्हें स्किन से संबंधित कोई ऐसी बीमारी है, जिसे ग्लूटेन ट्रिगर कर सकता है। अगर ऐसा नहीं है, तो ग्लूटेन-फ्री डाइट लेने की जरूरत नहीं है। हां, अगर कोई और मेडिकल कंडीशन है, तो बेहतर हागा कि आप डॉक्टर से संपर्क कर अपने लिए सही डाइट चार्ट बनवा लें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • ग्लूटेन-फ्री आहार किन रोगियों को दिया जाता है?

    ग्लूटेन-फ्री डाइट उन्हें दिया जाता है, जिन्हें सीलिएक डिजीज है। इसमें इम्यून सिस्ट गलती से छोटी आंत को नुकसान पहुंचाने लगता है और ग्लूटेन-युक्त डाइट लेने से समस्या ट्रिगर हो जाती है।
  • क्या ग्लूटेन आपकी त्वचा के लिए अच्छा है?

    ग्लूटेन-फ्री डाइट का स्किन पर किसी तरह का विशेष असर नहीं पड़ता है। हां, अगर सीलिएक जैसी समस्या है, तभी ग्लूटेन-फ्री डाइट आपके लिए लाभकारी हो सकती है।
  • ग्लूटेन-फ्री खाने के क्या फायदे हैं?

    ग्लूटेन-फ्री डाइट हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है। ग्लूटेन-फ्री डाइट लेने और कार्ब्स करने पर वेट लॉस में मदद मिल सकती है। हालांकि, वजन कम करने के लिए नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल भी फॉलो करना जरूरी होता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 04, 2025 18:41 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Nov 04, 2025 18:41 IST

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