Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Expert

डायब‍िटीज में मुरमुरे (लइया) खाना है फायदेमंद, कंट्रोल होगा शुगर लेवल और म‍िलेंगे ढेरों फायदे

मुरमुरे में फाइबर, प्रोटीन, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। इसे खाने से ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

मेरे दादाजी शुगर के मरीज थे और उन्हें मुरमुरे (लइया) खाने का बहुत शौक था। जब कुछ लोग उन्हें टोकते थे कि यह सेहत के लिए सही नहीं है, तो वे मुस्कुराकर कहते थे, 'यह हल्का है, पेट भरता है और मुझे एनर्जी देता है।' बाद में जब मैंने रिसर्च की, तो पता चला कि सही मात्रा में इसका सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन इसे कब और कैसे खाना चाहिए, यह जानना बहुत जरूरी है। मुरमुरे, जिन्हें लइया या पफ्ड राइस भी कहा जाता है, चावल को भूनकर बनाए जाते हैं। यह हल्के, कुरकुरे और आसानी से पचने वाले होते हैं, जिनका इस्‍तेमाल नाश्ते या स्नैक्स के रूप में किया जाता है। इनमें कम कैलोरी, कम फैट और हेल्‍दी कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देते हैं। मुरमुरे से भेलपुरी, चिवड़ा और नमकीन जैसी चीजें बनाई जाती हैं। यह वजन कंट्रोल करने, पाचन में सुधार करने और हल्के स्नैक के रूप में फायदेमंद होता है। डायबिटीज मरीज भी इसे संतुलित मात्रा में खा सकते हैं, लेकिन ज्यादा नमक या तले हुए मसालेदार मुरमुरों से बचना चाहिए। इस लेख में हम जानेंगे डायब‍िट‍िक मरीजों के ल‍िए मुरमुरे खाने के फायदे और सेवन का सही तरीका। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने द‍िल्‍ली के होली फैम‍िली हॉस्‍प‍िटल की डाइट‍िश‍ियन सना ग‍िल से बात की।

मुरमुरे में कितनी कैलोरीज होती हैं?- Calories in Puffed Rice

  • मुरमुरे खाने से वजन कम होता है। मुरमुरे से भरे 14 ग्राम के एक कप बाउल में करीब 56 कैलोरीज होती हैं।
  • इनमें बहुत कम मात्रा में फैट होता है, जिससे यह वजन को कंट्रोल रखने के ल‍िए फायदेमंद हो सकते हैं।
  • इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को तुरंत नहीं बढ़ाते।

इसे भी पढ़ें- मुरमुरे खाने से सेहत को मिलते हैं ये 7 फायदे

डायबिटीज में मुरमुरे खाने के फायदे- Puffed Rice Benefits in Diabetes

murmure-khane-ke-fayde

  • डायबिटीज के मरीजों को ऐसा भोजन करना चाहिए जो जल्दी पच जाए और पेट को भारी न करे। मुरमुरे इसमें मददगार होते हैं।
  • बाजार के तले हुए स्नैक्स की तुलना में यह लो फैट और हेल्दी स्नैक व‍िकल्‍प है।
  • सही मात्रा में खाने से यह शुगर लेवल को स्थिर बनाए रख सकते हैं।
  • पाचन को दुरुस्त रखता है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है क्‍योंकि‍ इसमें फाइबर पाया जाता है।
  • लो एनर्जी फील करने पर यह हल्का स्नैक अच्छा विकल्प है।
  • लो कैलोरी और लो फैट होने के कारण यह मोटापा बढ़ने नहीं देता।
  • इनमें ट्रांस फैट नहीं होता, जिससे हृदय रोग की संभावना कम होती है।

डायबिटीज में मुरमुरे खाने की सही मात्रा और सेवन का तरीका- How to Consume Puffed Rice in Diabetes

puffed-rice-for-diabetes

सही मात्रा:

एक बार में 30-40 ग्राम (एक छोटी कटोरी) खाना सही रहेगा।
दिन में एक बार ही खाएं, खासकर नाश्ते में या हल्के स्नैक के तौर पर।

सेवन के तरीके:

  • मुरमुरे को भूनकर हल्‍का नमक और म‍िर्च डालकर खा सकते हैं।
  • हल्का और पौष्टिक नाश्ता बनाने के लिए मुरमुरे को थोड़े से पानी में नरम करें और सब्जियों के साथ मिलाकर खाएं।
  • प्रोटीन बढ़ाने के लिए इसे स्प्राउट्स और भुनी मूंगफली के साथ खाएं।
  • हल्की मिठास के लिए इसमें थोड़ा गुड़ और कद्दूकस किया हुआ नारियल मिला सकते हैं।
  • इसमें टमाटर, खीरा, हरा धनिया, नींबू और भुना जीरा डालकर स्वादिष्ट चाट बना सकते हैं।
  • लो फैट दही में मुरमुरे डालकर खाने से यह और भी हेल्दी बन जाता है।

सावधान‍ियां:

  • पैकेट वाले या ज्यादा नमक और मसाले वाले मुरमुरे न खाएं।
  • बहुत ज्यादा मुरमुरे खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में सेवन करें।
  • इसे हमेशा हेल्दी सामग्री के साथ मिलाकर खाएं ताकि न्यूट्रिशनल वैल्यू बढ़ सके।

डायबिटीज के मरीज सही मात्रा और सही तरीके से मुरमुरे खाएं, तो यह हल्का और सेहतमंद विकल्प बन सकता है। यह पेट भरने के साथ ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में भी मदद कर सकता है।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

भीगे चने और गुड़ खाने से सेहत को मिलते हैं ये 5 जबरदस्त फायदे, जानें एक्सपर्ट से

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Feb 06, 2025 15:41 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content