Fri Sep 11, 2026 | 07:31 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

प्रोटीन के साथ कार्ब्स खाने से क्या सच में शुगर लेवल घटता है? एक्सपर्ट से जानें

प्रोटीन के साथ कार्ब्स खाने से क्या वाकई शुगर लेवल कंट्रोल होता है? एक्सपर्ट बता रहे हैं क्यों कॉम्प्लेक्स कार्ब्स फायदेमंद होते हैं और सिंपल कार्ब्स के साथ प्रोटीन लेने पर शुगर क्यों बढ़ सकती है?

आज की लाइफस्‍टाइल में असामान्‍य ब्‍लड शुगर लेवल एक बड़ी समस्‍या बन चुकी है। असामान्‍य शुगर लेवल से इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस और डायब‍िटीज की समस्‍या हो सकती है। जो भी हम खाते हैं उसका असर शरीर और शुगर लेवल पर पड़ता है। कुछ लोग मानते हैं क‍ि कार्ब्स और प्रोटीन का सेवन करने से शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है, लेक‍िन क्‍या वाकई इस म‍िश्रण का असर शुगर लेवल पर होता है? इस लेख में जानेंगे इस सवाल का सही जवाब। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

प्रोटीन के साथ कार्ब्स लेने से शुगर लेवल घटता है?- Does Eating Protein With Carbs Lower Blood Sugar Level

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स‍िंपल कार्ब्स के साथ प्रोटीन लेने से शुगर लेवल नहीं घटता

प्रोटीन के साथ स‍िंपल कार्ब्स लेंगे, तो शुगर लेवल कम नहीं होगा। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि प्रोटीन के साथ कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल को कम करने में मदद म‍िलती है। स‍िंपल कार्ब्स जैसे ब्रेड, र‍िफाइंड आटा, म‍िठाई, शुगर वाली ड्र‍िंक्‍स वगैरह का सेवन करने से शुगर जल्‍दी ब्‍लड तक पहुंच जाती है और शुगर लेवल बढ़ जाता है। अगर स‍िंपल कार्ब्स के साथ प्रोटीन का सेवन भी क‍िया जाए, तो भी शुगर लेवल कम नहीं होगा।

कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स के साथ प्रोटीन लें

अगर कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स के साथ प्रोटीन का सेवन करेंगे, तो पाचन धीमा होगा। प्रोटीन पेट के खाली होने की प्रक्रिया को धीमा करता है और ग्लूकोज के ब्‍लड में अब्‍जार्ब होने की स्‍पीड को कम कर देता है। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स में डाइटरी फाइबर होता है। ये फाइबर धीरे-धीरे पचते हैं और ग्‍लूकोज अब्‍जार्ब होने की प्रक्र‍िया को धीमा करते हैं ज‍िससे शुगर लेवल तेजी से नहीं बढ़ता। आप ओट्स खा सकते हैं या छ‍िलके समेत सेब का सेवन कर सकते हैं। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और अचानक शुगर लेवल भी नहीं बढ़ेगा।

यह भी पढ़ें- बदलते मौसम में डायब‍िट‍िक मरीज अपनाएं ये डाइट ट‍िप्‍स, ताक‍ि कंट्रोल रहे शुगर लेवल

कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स और प्रोटीन के ल‍ि‍ए क्‍या खाएं?- Sources Of Complex Carbohydrates And Protein

  • हैवी कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स में ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोआ, म‍िलेट्स, होल व्‍हीट, दाल, बीन्‍स और सब्‍ज‍ियां शाम‍िल हैं। फल जैसे सेबह, बेरीज भी अच्‍छे व‍िकल्‍प हैं।
  • प्रोटीन स्रोतों की बात करें, तो ग्रीक योगर्ट, पनीर, टोफू, दाल, नट्स, सीड्स वगैरह को डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं।
  • ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए ओट्स के साथ नट्स खएं, पीनट बटर वाला एप्‍पल स्‍लाइस खाएं या योगर्ट के साथ च‍िया सीड्स और फल का सेवन करें।

न‍िष्‍कर्ष:

प्रोटीन का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है, लेक‍िन स‍िंपल कार्ब्स की जगह कॉम्‍प्‍लेक्‍स कार्ब्स का सेवन करने से ही शुगर लेवल को कंट्रोल क‍िया जा सकता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 22, 2025 18:22 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 22, 2025 18:22 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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