कई शहरों में मानसून दस्तक दे चुका है, तो दिल्ली समेत कई शहर ऐसे भी हैं जो अब भी मानसून के इंतजार में हैं। मानसून के लिए भले ही आपको और इंतजार करना पड़ता है, लेकिन मानसून से पहले उस दौरान बरतने वाली सावधानी के बारे में जान लेना चाहिए ताकि सेहत अच्छी बनी रहे। मानसून के दौरान लोग खानपान में लापरवाही करने लगते हैं जिसका खामियाजा पेट और सेहत को भुगतना पड़ता है और अक्सर दस्त की समस्या देखने को मिलती है। मानसून में दस्त होना एक आम समस्या है। आखिर ऐसा क्या करें कि मानसून में दस्त की समस्या से बचा जा सके? कुछ आसान टिप्स जानने के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
इन फूड सेफ्टी टिप्स को मानसून में करें फॉलो

- जलजनित बीमारियों से बचने के लिए केवल उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ पैक्ड पानी ही पिएं।
- बाहर बिकने वाले ऐसे फल या सब्जियों का सेवन न करें जो काटकर बेचे जा रहे हों।
- मानसून में डायरिया से बचने के लिए ज्यादा ऑयली, मसालेदार भोजन को करने से बचें।
- किचन और पर्सनल हाइजीन का ख्याल रखें। खाना बनाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ करें। चाकू, चम्मच या अन्य बर्तन को गीला न छोड़ें, मानसून में किचन को ड्राई और नमीयुक्त रखने का प्रयास करें।
- खाने को खुला न छोड़ें, इससे फंगस और बैक्टीरिया अटैक कर सकते हैं। खाने को ढककर रखें और बचा हुआ खाना अगले दिन या कुछ घंटे बाद खाने से बचें। हमेशा ताजा पका हुआ खाना ही खाएं।
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गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन से बचें
मानसून के दिनों में फल और सब्जियां जल्दी खराब हो जाते हैं और दूषित चीजों का सेवन करने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। साल 2022 में Researchgate पर प्रकाशित Food Safety Measures For Monsoon नामक जर्नल आर्टिकल के मुताबिक, मानसून में फल और सब्जियों पर फफूंंद जल्दी लग जाती है। ऐसी चीजों को खाने से डायरिया, फूड पॉइजनिंग, हैजा जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।
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फ्रिज में ज्यादा दिन खाना स्टोर न करें
मानसून के दिनों में फ्रिज में ज्यादा देर तक खाने को स्टोर नहीं करना चाहिए। खासकर पका हुआ खाना, मीट या कच्चा मीट। कच्चे और पके हुए खाने को साथ में रखने से क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ जाता है। मानसून में हवा में नमी होती है जिससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, हालांकि फ्रिज का तापमान कम होता है, लेकिन बार-बार फ्रिज खोलने से तापमान को बरकरार रखना मुश्किल हो सकता है इसलिए मानसून के दिनों में इस बात का खास ख्याल रखें कि भोजन को लंबे समय तक स्टोर न करें।
निष्कर्ष:
मानसून में डायरिया के साथ-साथ पेट के फ्लू, उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इनसे बचने के लिए आसान फूड सेफ्टी टिप्स को फॉलो करना न भूलें। मानसून में हेल्दी और ताजा खाना खाएं, बाहर खाने से बचें और अपने आसपास सफाई बनाए रखें।
FAQ
फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या हैं?
फूड पॉइजनिंग होने पर मतली, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, ऐंठन, बुखार जैसे लक्षण नजर आते हैं।मानसून में कौन सी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है?
मानसून में हैजा, टाइफाइड, डायरिया और मच्छरों से होने वाले रोग जैसे डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बढ़ जाता है।
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Jun 19, 2026 11:52 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jun 19, 2026 11:52 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha