Fri Sep 11, 2026 | 06:50 PM IST

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क्या डाइटिंग से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है? एक्सपर्ट से जानें

वजन कम करने के लिए अक्सर लोग डाइटिंग का सहारा लेते हैं, ताकि वजन कम करने में मदद मिल सके, लेकिन क्या ऐसा करने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है? आइए लेख में जानें-

Does Metabolism Slow Down When Dieting In Hindi: आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटीज की कमी के कारण ज्यादातर लोग मोटापे की समस्या से परेशान रहते हैं, जिसके कारण लोगों में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हार्ट, कोलेस्ट्रॉल और पाचन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इन गंभीर समस्याओं से बचने और स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए अक्सर लोगों को वजन कम करने की सलाह दी जाती है। इसके लिए अक्सर लोग डाइटिंग का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या डाइटिंग करने से मेटाबॉलिज्म स्लो होता है? ऐसे में आइए जयपुर में स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन (Archana Jain, Dietitian and Nutritionist, Director, Angelcare-A Nutrition and Wellness Center, Jaipur) से जानें क्या डाइटिंग से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है?

क्या डाइटिंग से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, "नहीं, अगर आप बैलेंस डाइट के साथ डाइटिंग करते हैं, तो मेटाबॉलिज्म स्लो नहीं होता है, लेकिन गलत तरीके से या क्रैश डाइट करने के कारण मेटाबॉलिज्म के स्लो होने की समस्या हो सकती है।"

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययन के अनुसार, 'कैलोरी रिस्ट्रिक्शन न सिर्फ वजन कम करने में फायदेमंद है, ब्लकि ये मेटाबॉलिज्म को स्लो कर एनर्जी को बचाने वाले तंत्र को एक्टिव करता है। इससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है। हालांकि, शरीर एनर्जी बचाने के लिए हार्मोनल और बिहेवियर में बदलाव करता है, जिससे वजन दोबारा बढ़ने की चुनौती बनी रहती है।

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does metabolism slow down when dieting in hindi 001

बैलेंस डाइट के साथ मेटाबॉलिज्म पर क्या असर होता है?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, बैलेंस डाइट के साथ डाइटिंग करने से मेटाबॉलिज्म स्लो नहीं होता है। ऐसे में पोषक तत्वों से युक्त हेल्दी फूड्स को डाइट में शामिल करने से स्वास्थ्य में सुधार करने और बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है। बता दें, बैलेंस डाइट में विटामिन्स, प्रोटीन, फाइबर, आयरन पोटैशियम, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स से युक्त फूड्स को डाइट में शामिल किया जाता है। इसके अलावा, शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें।

शरीर को हाइड्रेट रखे

डाइटिंग में संतुलित आहार लेने के साथ शरीर को हाइड्रेट रखने बेहद जरूरी होता है। ऐसे में नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीने से मेटाबॉलिज्म को तेज करने, थकान को दूर करने और शरीर में एनर्जी बनाए रखने में मदद मिलती है। बता दें, पानी न पीने या शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर मेटाबॉलिज्म स्लो होता है।

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मेटाबॉलिज्म को बेहतर करे

बैलेंस फूड के साथ डाइट करने से मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद मिलती है, जिससे शरीर में एनर्जी बनाए रखने, वजन को तेजी से कम करने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।

मांसपेशियों को रिलैक्स करे

डाइटिंग के दौरान संतुलित आहार लेने से मांसपेशियों को रिपेयर करने, मांसपेशियों को रिलैक्स करने और कैलोरीज को तेजी से बर्न करने में मदद मिलती है, जो स्वास्थ्य के लिए कई तरीकों से फायदेमंद है।

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखे

बैलेंस डाइट लेने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने, थकान से बचान करने और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से बचाव करने में भी मदद मिलती है।

स्किन और बालों के लिए फायदेमंद

प्रोटीन युक्त बैलेंस डाइट लेने से स्किन और बालों के स्वास्थ्य में सुधार करने और स्वास्थ्य को हेल्दी बनाए रखने में मदद मिलती है, साथ ही, ये पाचन के लिए भी फायदेमंद होता है।

निष्कर्ष

अगर कोई डाइटिंग के दौरान संतुलित आहार लेता है, तो मेटाबॉलिज्म स्लो नहीं होता है, लेकिन क्रैश डाइट जैसी गलत डाइटिंग प्रक्रिया को अपनाने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो सकता है। ऐसे में अच्छे स्वास्थ्य और सही तरीके से वजन कम करने के लिए पोषक तत्वों से युक्त फूड्स लें। इसके अलावा, स्वास्थ्य संबंधी कोई भी परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा मेटाबॉलिज्म धीमा है?

    मेटाबॉलिज्म के स्लो होने पर व्यक्ति को अधिक थकान होने, कमजोरी होने, वजन बढ़ने, बालों के झड़ने, स्किन के ड्राई होने, कब्ज, गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी पाचन से जुड़ी समस्या होने, शरीर में एनर्जी की कमी होने, काम पर फोकस करने में परेशानी होने और ठंड लगने की समस्या होती है। ऐसे में मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें।
  • मेटाबॉलिज्म को तेज करने के लिए क्या करें?

    मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने और स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए बैलेंस डाइट लें, नियमित एक्सरसाइज करें, अच्छी नींद लें, स्ट्रेस कम करें, पर्याप्त पानी पिएं, ग्रीन टी पिएं और अदरक खाएं। ऐसे में ऐसा करने से मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने, पाचन को दुरुस्त करने, स्वास्थ्य में सुधार करने और बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है।
  • डाइट करने से क्या फायदा होता है?

    डाइट करने से शरीर को एनर्जी देने, वजन को कंट्रोल करने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने, ब्लज शुगर और ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने, पाचन में सुधार करने, पाचन को दुरुस्त रखने, स्किन को हेल्दी रखने, हार्ट को हेल्दी रखने, शरीर को एनर्जी देने, शरीर को डिटॉक्स करने और मूड को बेहतर करने में मदद मिलती है।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Mar 08, 2026 20:52 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
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