Fri Sep 11, 2026 | 08:58 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

चॉकलेट से लेकर चटपटी चीजों तक, जानें इन 8 चीजों को खाने की तलब क्यों होती है?

कभी चॉकलेट खाने का मन होता है, तो कभी मन करता है कुछ चटपटा और स्‍पाइसी खा लें? अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो यह संकेत है क‍ि शरीर में कुछ गड़बड़ है। अलग-अलग खाने की तलब का मतलब अलग होता है। जानते हैं ऐसे 9 फूड क्रेव‍िंग्‍स के बारे में और समझते हैं उनके कारण।

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बचपन में अक्‍सर मेरे साथ ऐसा होता है क‍ि कभी मीठा खाने का मन करता है, तो कभी म‍िर्च-मसाले वाला भोजन खाने की इच्‍छा होती थी। इसका कारण था मेरी प्‍लेट में पोषक तत्‍वों की कमी ज‍िससे मुझे अलग-अलग समय अलग-अलग चीजों को खाने की तलब उठती थी। लंबे समय तक क्रेव‍िंग्‍स पर ध्‍यान न देने के कारण मैं मीठे की श‍िकार हो गई थी। मीठा खाए बगैर, तो मुझे नींद ही नहीं आती थी। कुछ समय बाद जब एक्‍सपर्ट से सलाह ली, तो उन्‍होंने मेरी समस्‍या म‍िनटों में दूर कर दी। उन्‍होंने मुझे हार्मोन्‍स को संतुल‍ित करने के तरीके बताए ज‍िसे अपनाने के बाद मीठा खाने की तलब खुद ही दूर हो गई। मेरी तरह कई लोगों को खाने की तलब होती है, लेक‍िन वे कारण नहीं समझ पाते हैं। इस लेख में जानेंगे अलग-अलग फूड क्रेव‍िंग्‍स और उसके पीछे छुपे कारण। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

 

 

 

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1. मीठे की क्रेव‍िंग- Sweet Cravings

  • ब्‍लड शुगर लेवल बढ़ने के कारण मीठा खाने की क्रेव‍िंग होती है।
  • जब व्‍यक्‍त‍ि स्‍ट्रेस में होता है, शरीर में नींद की कमी होती है तब भी मीठा खाने का मन करता है।
  • हार्मोनल असंतुल‍न के कारण भी मीठा खाने का मन हो सकता है।

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2. रात को आइसक्रीम खाने का मन होना- Craving Of Eating Ice Cream At Night

  • द‍िन में ज्‍यादा डाइट करने के कारण रात को आइसक्रीम खाने का मन होता है।
  • रात को नींद की कमी या रात में शुगर लेवल ग‍िरने के कारण भी आइसक्रीम खाने का मन हो सकता है।
  • द‍िनभर थकान और स्‍ट्रेस में रहने के कारण भी रात में आइसक्रीम खाने की इच्‍छा हो सकती है।

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3. ब्रेड खाने की क्रेव‍िंग- Bread Craving

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  • ठीक से खाना न खाने के कारण ब्रेड खाने की क्रेव‍िंग हो सकती है।
  • तनाव या थकान के कारण द‍िमाग ऐसी चीज मांंगता है ज‍िससे तुरंत सुकून म‍िले इसल‍िए ऐसी स्‍थि‍ति‍ में ब्रेड खाने का मन हो सकता है।
  • फाइबर की कमी के कारण भी ब्रेड खाने की इच्‍छा हो सकती है।

4. सोडा या मीठी ड्र‍िंक्‍स पीने का मन होना- Soda Or Sugary Drink Craving

  • शरीर में पानी की कमी के कारण सोडा या मीठी ड्र‍िंक्‍स का सेवन करने का मन होता है।
  • बार-बार शुगर का सेवन करने की आदत और ब्‍लड शुगर लेवल के असंतुलन के कारण भी ऐसी इच्‍छा हो सकती है।

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5. जंक फूड की क्रेव‍िंग- Junk Food Craving

  • शरीर में मैग्निशियम की कमी होने पर अक्‍सर जंक फूड खाने की क्रेव‍िंग होती है।
  • स्‍ट्रेस के दौरान भी जंक फूड खाने का मन होता है।
  • नींद की कमी के कारण भी जंक फूड खाने की इच्‍छा हो सकती है।

6. अचानक से कुछ खाने का मन होना- Random Munching

  • अगर आप भी बोर होने पर कुछ भी खा लेते हैं, तो अचानक कुछ भी खाने का मन हो सकता है।
  • तनाव या ब्‍लड शुगर ग‍िरने पर कुछ खाने का मन होता है।
  • नींद की कमी और अन‍ियम‍ित खानपान भी इसका कारण हो सकते हैं।

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7. चॉकलेट खाने की क्रेव‍िंग- Craving Of Eating Chocolate

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  • कई मह‍िलाओं को पीर‍ियड्स से ठीक पहले चॉकलेट खाने का मन होता है, इसका कारण स्‍ट्रेस हो सकता है।
  • शरीर में मैग्निशियम की कमी के कारण भी चॉकलेट खाने का मन हो सकता है।
  • हार्मोनल असंतुलन में भी चॉकलेट खाने की इच्‍छा हो सकती है।

8. स्‍पाइसी फूड की क्रेव‍िंग- Spicy Food Craving

  • हेल्‍दी मील्‍स न लेने पर स्‍पाइसी फूड खाने की क्रेव‍िंग होती है।
  • ज‍िंक की कमी या डाइजेशन कमजोर होने के कारण भी जंक फूड खाने की इच्‍छा होती है।
  • अगर मूड खराब है, तो स्‍पाइसी फूड खाने का मन हो सकता है।

फूड क्रेव‍िंग को कैसे कंट्रोल करें?- How To Control Food Cravings

  • फूड क्रेव‍िंग को शांत करने के ल‍िए पानी पीते रहें।
  • स्‍ट्रेस कंट्रोल करें और नींद की कमी से बचें।
  • साथ ही न‍ियम‍ित समय पर खाने से भी फूड क्रेव‍िंग शांत होती है।
  • प्रोटीन, फाइबर और हेल्‍दी फैट्स वाली डाइट का सेवन करने से फूड क्रेव‍िंग दूर होती है।

अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के मुताब‍िक, डाइट में हाई फाइबर और हेल्‍दी कार्ब्स को शाम‍िल करें। इसके अलावा फूड क्रेव‍िंग को शांत करने के ल‍िए डाइट में फाइबर को शाम‍िल करें। मह‍िलाओं को 25 ग्राम और पुरुषों को 38 ग्राम फाइबर को शाम‍िल करना चाह‍िए। इससे पेट भरा होने का एहसास होता है। इसके साथ डाइट में डायटरी फाइबर को शाम‍िल करें। डाइट में दाल, सब्‍ज‍ियां, नट्स, बीज और साबुत अनाज को शाम‍िल करें।

न‍िष्‍कर्ष:

अगर शरीर स्‍ट्रेस में है, शुगर लेवल या हार्मोनल असंतुलन है, तो खाने की क्रेव‍िंग हो सकती है। फूड क्रेव‍िंग को शांत करने के ल‍िए डाइट में प्रोटीन, फाइबर, हेल्‍दी फैट्स और कार्ब्स को शाम‍िल करें।

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Video Credit: Dietitian Garima 

FAQ

  • खाने की क्रेविंग को कैसे कम करें?

    खाने की क्रेव‍िंग को कंट्रोल करने के ल‍िए पर्याप्‍त मात्रा में पानी प‍िएं, प्रोटीन, फाइबर और हेल्‍दी फैट्स से भरपूर डाइट का सेवन करें और रोजाना योग या मेड‍िटेशन करें।
  • ब्‍लड शुगर लेवल को कैसे कंट्रोल करें?

    ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए जंक फूड और शुगर वाली चीजों के ज्‍यादा सेवन से बचें। द‍िनभर में छोटे-छोटे पांच मील्‍स लें और द‍िनभर में कम से कम 30 मि‍नट एक्‍सरसाइज करें।
  • ऑयली फूड्स खाने के क्‍या नुकसान हैं?

    ऑयली फूड्स का ज्‍यादा सेवन करने से वजन बढ़ सकता है, कोलेस्‍ट्राॅल लेवल बढ़ सकता है। इससे ह्रदय रोग, डायबि‍टीज और पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 09, 2026 17:26 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 09, 2026 17:26 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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