Mon Nov 2, 2026 | 08:41 PM IST

Medically Reviewed by Dr Himika Chawla , Senior Consultant – Endocrinology & Diabetology

खाली पेट ब्लड शुगर 140 है, क्या यह नॉर्मल है? डॉक्टर से जानें कब डायबिटीज का खतरा

डायबिटीज के मरीज खाली पेट ब्लड शुगर चेक कराते हैं, तो कई बार 140 mg/dL आ सकता है, लेकिन जिसे डायबिटीज नहीं है, अगर उसका खाली पेट ब्लड शुगर इतना आता है, तो क्या यह नॉर्मल है? इस बारे में डॉ. हिमिका चावला ने विस्तार से समझाया है।
खाली पेट ब्लड शुगर 140 है, क्या यह नॉर्मल है? डॉक्टर से जानें कब डायबिटीज का खतराखाली पेट ब्लड शुगर 140 है, क्या यह नॉर्मल है? डॉक्टर से जानें कब डायबिटीज का खतरा

डायबिटीज न होने पर भी लोग अक्सर ब्लड शुगर चेक करा लेते हैं और चेकअप के दौरान पता चलता है कि उनका खाली पेट ब्लड शुगर 140 mg/dL है। जब इस तरह की रिपोर्ट आती है, तो लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या इतना ब्लड शुगर होना नॉर्मल है या फिर डायबिटीज की शुरुआत है? हमारी सीरीज Normal or Not के तहत हमने इस सवाल का जवाब जानने के लिए Dr. Himika Chawla, Senior Consultant, Endocrinology and Diabetology, PSRI Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि फास्टिंग ब्लड शुगर 140 mg/dL को सामान्य नहीं माना जाता। अगर रिपोर्ट पहली बार आई है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर कुछ दिनों बाद दोबारा जांच करानी चाहिए।

खाली पेट ब्लड शुगर 140 mg/dL होने का क्या मतलब है?

Dr. Himika Chawla कहती हैं, “फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट आमतौर पर सुबह किया जाता है। इसे करने से पहले व्यक्ति को कम से कम 8 घंटे पहले खाना नहीं खाना चाहिए। ऐसे में अगर खाली पेट ब्लड शुगर 140 mg/dL है, तो इसे प्री-डायबिटीज में भी नहीं रख सकते। इसे डायबिटीज ही कहा जा सकता है। अगर दो बार टेस्ट में ब्लड शुगर 140 mg/dL के आस-पास ही है, तो HbA1c टेस्ट से पिछले करीब 2 से 3 महीनों के एवरेज ब्लड शुगर लेवल का पता चलता है।”

ब्लड शुगर की सामान्य रेंज क्या मानी जाती है?

Cleveland Clinic के अनुसार, ब्लड शुगर कम या ज्यादा होने को कुछ ऐसे पढ़ा जा सकता है।

 

ब्लड शुगर (mg/dL)

 

सामान्य

70 – 99 mg/dL

बिना डायबिटीज वाले व्यक्ति के लिए सामान्य रेंज

प्री-डायबिटीज 

100 – 125 mg/dL

भविष्य में डायबिटीज का रिस्क 

डायबिटीज

≥ 126 mg/dL

एक से ज्यादा बार खाली पेट चेकअप में ये लेवल आना डायबिटीज का संकेत 

टाइप 1 डायबिटीज

≥ 200 mg/dL

शरीर में इंसुलिन की कमी के कारण शुगर का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ना

क्या खाली पेट शुगर 140 mg/dL डायबिटीज का संकेत है?

Dr. Himika Chawla ने कहा, “जब ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा होता है और 126 mg/dL के आस-पास होता है, तो डॉक्टर डायबिटीज की पुष्टि के लिए कई तरह के टेस्ट कराते हैं, ताकि आगे का इलाज बेहतर तरीके से चल सके। जिन लोगों का दो या इससे ज्यादा बार फास्टिंग शुगर 140 mg/dL है, तो इसे प्रीडायबिटीज मानकर छोड़ना सही नहीं है। अगर किसी की डायबिटीज की फैमिली हिस्ट्री है, तो उसे समय-समय पर चेकअप कराते रहना चाहिए और इस कंडीशन में खासतौर पर आगे के टेस्ट कराने चाहिए। कई बार स्ट्रेस, किसी बीमारी और दवाओं के कारण ब्लड शुगर में बदलाव आ सकता है। इसलिए एक बार फास्टिंग शुगर होने पर घबराना नहीं चाहिए, बल्कि डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।”

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हाई ब्लड शुगर के लक्षण

Dr. Himika Chawla और Mayo Clinic के मुताबिक, डायबिटीज की शुरुआत में जिन लोगों को ये लक्षण महसूस होते हैं, उन्हें ब्लड शुगर जरूर टेस्ट कराना चाहिए।

  • अगर किसी को सामान्य से ज्यादा बार पेशाब आ रहा है, खासतौर पर रात में या बार-बार पानी पीने की इच्छा हो रही है, तो यह बढ़े हुए ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है।
  • कुछ लोगों को बार-बार भूख लगती है और बिना किसी कारण वजन कम होना भी डायबिटीज से जुड़ा लक्षण हो सकता है।
  • बार-बार प्यास लगना या मुंह सूखना भी डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
  • पूरा आराम करने के बाद भी थकान और कमजोरी महसूस होना बढ़े हुए ब्लड शुगर से जुड़ा हो सकता है।
  • ब्लड शुगर बढ़ने पर कुछ लोगों को धुंधला दिखाई दे सकता है।
  • कई लोगों को घाव भरने में ज्यादा समय लग सकता है या बार-बार स्किन इंफेक्शन भी हो सकती है।

 ब्लड शुगर कंट्रोल कैसे करें?

Dr. Himika Chawla सलाह देती हैं कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए डाइट, रेगुलर एक्टिविटीज, नींद और वजन कंट्रोल करना जरूरी होता है। ब्लड शुगर बढ़ने पर इन आदतों में बदलाव किया जा सकता है।

  • चीनी और मैदे से बनी चीजें जैसे मिठाइयां, बिस्कुट, केक और भुजिया सीमित मात्रा में खाएं।
  • मीठे या सोडे वाले ड्रिंक्स की जगह पानी पीने की आदत डालें।
  • हरी सब्जियां, सलाद, साबुत अनाज, दालें, चना और अन्य फलियां खाने में शामिल करें।
  • फलों का जूस या पैकेज्ड जूस के बजाय पूरा फल खाना बेहतर है।
  • रोटी, चावल या कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। भोजन में सब्जियां, प्रोटीन और साबुत अनाज का संतुलन रखें।
  • अपनी क्षमता के अनुसार तेज चाल से चलना या एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।
  • अगर वजन ज्यादा है, तो धीरे-धीरे वजन कम करने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। 
  • ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खे खुद से शुरू न करें। अगर पहले से कोई दवा चल रही है, तो उसे डॉक्टर की सलाह के बिना बंद भी न करें।

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निष्कर्ष
अगर फास्टिंग ब्लड शुगर 140 mg/dL आया है, तो डॉक्टर से जल्द से जल्द सलाह लें। फास्टिंग ब्लड शुगर में 140 mg/dL आना डायबिटीज होने का संकेत हो सकता है। इसलिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज या HbA1c की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। अगर डायबिटीज की पुष्टि हो जाती है, तो डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ दवाओं के जरिए डायबिटीज को मैनेज किया जाता है।

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FAQ

  • क्या फास्टिंग शुगर 140 mg/dL की स्थिति को बिना दवाओं के केवल लाइफस्टाइल से रिवर्स किया जा सकता है?

    अगर पहली बार पता चला है और HbA1c स्तर बहुत ज्यादा नहीं है, तो वजन कम करके, कार्बोहाइड्रेट्स कम करके, पर्याप्त नींद, स्ट्रेस मैनेजमेंट और रोजाना 45 मिनट एक्सरसाइज से इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारी जा सकती है। 
  • क्या देर रात भारी या तला-भुना खाना खाने से अगली सुबह फास्टिंग शुगर 140 mg/dL आ सकती है?

    देर रात हाई-कार्ब, फैटी या प्रोटीन युक्त भारी भोजन करने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। शरीर रातभर ग्लूकोज को मेटाबोलाइज करता रहता है। इसके कारण सुबह 9 से 10 घंटे बाद भी शरीर फास्टिंग स्टेट में नहीं पहुंच पाता और शुगर का लेवल नॉर्मल से ज्यादा हो सकता है। 

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 02, 2026 18:51 IST

    Published By : Aneesh Rawat
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