Fri Oct 30, 2026 | 11:42 AM IST

Medically Reviewed by Yash Agarwal , Fitness Expert

सुबह टहलें या रात में वॉक करें, जानें ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए क्या है बेहतर?

ब्लड शुगर के मरीजों को सुबह टहलना चाहिए या शाम को, इस बात की जानकारी होना उनके लिए जरूरी है। असल में, सही समय पर वाॅक करने से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
सुबह टहलें या रात में वॉक करें, जानें ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए क्या है बेहतर?सुबह टहलें या रात में वॉक करें, जानें ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए क्या है बेहतर?

ज्यादातर लोग सुबह के समय टहलना पसंद करते हैं। पारंपरिक रूप से इसे फायदेमंद भी माना जाता है। हालांकि, कुछ लोग समय के अभाव के कारण सुबह के बजाय शाम को वाॅक करना अधिक पसंद करते हैं। यहां सवाल उठता है कि ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए वाॅक करने का सही समय क्या है?

इस बारे में Celebrity Fitness Coach And The Founder Of Yash Fitness यश अग्रवाल के अनुसार, "ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए किसी एक समय के वाॅक को बेस्ट नहीं कहा जा सकता है। दोनों के अपने-अपने फायदे हैं। वास्तव में, मरीज के ब्लड शुगर का स्तर किस तरह बदलता है, उसका पैटर्न क्या है, इसी आधार पर उन्हें सुबह या शाम की वाॅक तय करनी चाहिए। हालांकि, इसमें कोई दो राय नहीं है कि दोनों में से किसी भी समय वाॅक किया जा सकता है और यह लाभकारी भी है।"

ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए माॅर्निंग वाॅक के फायदे

Morning Or Evening Walk Which Is Better To Control Blood SugarMorning Or Evening Walk Which Is Better To Control Blood Sugar

  1. रात भर की गहरी और अच्छी नींद लेने के बावजूद सुबह के समय अक्सर ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से बढ़ा हुआ रहता है। ऐसे में सुबह के समय वाॅक करना फायदेमंद हो सकता है। ऐसे में हाई ब्लड शुगर के स्तर में सामान्य सी गिरावट देखने को मिल सकती है।
  2. NCBI Bookshelf पर प्रकाशित StatPearls का एक व्यापक क्लिनिकल एवं मेडिकल रिव्यू चैप्टर के अनुसार, ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के एक्सरसाइज काफी फायदेमंद है। ध्यान रखें कि वॉक भी एक किस्म की एरोबिक एक्सरसाइज है।
  3. विशेषज्ञ बताते हैं कि टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को रोजाना कम से कम 30 मिनट की माॅर्निंग वाॅक करनी चाहिए। कई रिपोर्ट इस बात का खुलासा करते हैं, महज 30 मिनट की वाॅक आपके बढ़े हुए ब्लड शुगर को कम करने में प्रभावी तरीके से काम करता है।
  4. आमतौर पर टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए नाश्ते से पहले की 30 मिनट की वाॅक अधिक फायदेमंद होती है। यह एक तरह की एरोबिक एक्सरसाइज है। ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने के लिए इसे आप काफी उपयोगी मान सकते हैं।

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ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए इवनिंग वाॅक के फायदे

  1. माॅर्निंग वाॅक की ही तरह इवनिंग वाॅक को भी ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने के लिए फायदेमंद माना जाता है।
  2. असल में, रात को डिनर करने के बाद ब्लड शुगर के मरीजों को माइल्ड वाॅक करनी चाहिए। इससे ब्लड शुगर में अचानक आई बढ़ोतरी में कमी आती है।
  3. Scientific Reports में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, शाम को डिनर या ग्लूकोज लेने के तीस मिनट बाद महज 10 मिनट की वाॅक करना भी काफी फायदेमंद होता है। इससे ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।
  4. चूंकि, हमारे यहां ज्यादातर लोग रात का डिनर हैवी करते हैं। इसमें कार्ब्स भी काफी ज्यादा मात्रा में होती है। इसलिए, यदि आप दिन में किसी भी एक मील के बाद एक्सरसाइज या वाॅक करते हैं, तो यह फायदेमंद है। आप शाम के समय को भी वाॅक के लिए चुन सकते हैं।

दोनों में से क्या है बेहतर?

माॅर्निंग और इवनिंग वाॅक करने के अपने-अपने फायदे हैं। हालांकि, आपको वाॅक क्यों करनी है, इसे लेकर स्पष्ट होना अधिक जरूरी है। जैसे अगर सुबह नींद से उठने के बाद आपका ब्लड शुगर हाई रहता है, तो सुबह नाश्ते से पहले की जाने वाली वाॅक आपके स्वास्थ्य के लिए सही है। वहीं, अगर डिनर के बाद आपका ब्लड शुगर बढ़ जाता है, तो इसे कंट्रोल करने के लिए शाम को वाॅक करें।

कुल मिलाकर, आप कह सकते हैं कि दोनों में से कोई एक बेस्ट नहीं है। हां, आप अपनी जरूरत तय करें और उस हिसाब से वाॅक करने के लिए सही समय का चयन करें।

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डाॅक्टर की सलाह

वाॅक करना अच्छी बात है। आप चाहे, दिन में करें या रात में। हालांकि, रात को सोने से ठीक पहले एक्सरसाइज या लंबी वाॅक करना सही नहीं है। इससे आपकी नींद बाधित हो सकती है। वहीं, अगर किसी को टाइप 1 डायबिटीज है और इंसुलिन पर निर्भर हैं, तो शाम लंबे समय तक वाॅक करने से रात के समय हाइपोग्लाइसीमिया (रात में ब्लड शुगर का अचानक बहुत कम हो जाना) का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, इस बात को नजरअंदाज न करें। वाॅक को लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें।

निष्कर्ष

धीरे-धीरे मौसम में बदलाव आ रहा है और लोग सुबह के बजाय शाम के समय वाॅक करने को अधिक महत्व देंगे। लेकिन, ब्लड शुगर के मरीजों को वाॅक करने के लिए सही समय चुनने से पहले अपने हेल्थ को माॅनिटर करना जरूरी होता है। अगर सुबह उठते ही उनका ब्लड शुगर बढ़ा हुआ रहता है, तो माॅर्निंग करनी चाहिए। इसके विपरीत, अगर रात को डिनर के बाद ब्लड शुगर हाई हो जाता है, तो इसे बैलेंस करने के लिए शाम की वाॅक करें।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या डायबिटीज के मरीजों को खाली पेट वॉक करते समय अपनी जेब में ग्लूकोज या कैंडी रखनी चाहिए?

    हां, खाली पेट वॉक के दौरान अचानक ब्लड शुगर लो (हाइपोग्लाइसीमिया) होने के खतरे से निपटने के लिए ग्लूकोज टैबलेट या टॉफी साथ रखना अच्छा होता है।
  • क्या भोजन के बाद सिर्फ 15 मिनट वज्रासन करने से भी ब्लड शुगर कंट्रोल होता है?

    हां, भोजन के तुरंत बाद वज्रासन पाचन अंगों में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे इंसुलिन सक्रियता में सुधार करता है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 30, 2026 10:41 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Yash Agarwal